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20 गायों से शुरू किया था कारोबार, अब खूब होती कमाई; बिहार के लाल के मुरीदों में PM मोदी भी

First Published Sep 10, 2020, 4:02 PM IST
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बेगूसराय (, Bihar) । बिहार के कौरेय निवासी ब्रजेश कुमार ने धनबाद से तकनीकी शिक्षा लेकर गांव में पशुपालन शुरू कर न सिर्फ उसे अपनी आजीविका का साधन बनाया है, बल्कि वे आसपास के स्कूलों में अभियान चला कर बच्चों को कृषि व पशुपालन की संभावनाओं को लेकर लगातार जागरूक कर रहे हैं। इस समय पशुपालन उनका कारोबार हो गया है, जिससे उन्हें खूब कमाई भी होती है। अब तो बिहार के इस लाल के मुरीद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक हो गए हैं। आज अपने वर्चुअल रैली के दौरान पीएम ने ब्रजेश से बात भी की। साथ ही हौसला बढ़ाते हुए उन्हें सरकार के विजन से जुड़ने का ऑफर भी दिया।

गढ़पुरा के कौरेय निवासी ब्रजेश ने मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना से मदद लेकर 20 गाय ली थी। धीरे-धीरे वह बरौनी डेयरी से जुड गए। इसके बाद नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की माइक्रो ट्रेनिंग योजना के सहारे पशुपालकों के लिए आदर्श बन गए हैं। 

गढ़पुरा के कौरेय निवासी ब्रजेश ने मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना से मदद लेकर 20 गाय ली थी। धीरे-धीरे वह बरौनी डेयरी से जुड गए। इसके बाद नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड की माइक्रो ट्रेनिंग योजना के सहारे पशुपालकों के लिए आदर्श बन गए हैं। 


ब्रजेश बताते हैं कि उनकी सक्सेस स्टोरी बिहार सरकार के पशुपालन मंत्रालय की साइट पर 2014 से अपलोड है। वे अभी गढ़पुरा में ही पांच एकड़ जमीन लीज पर लेकर पशुपालन कर रहे हैं। अभी सभी मिलकर 20 पशु है। किसान पशुपालन आधुनिकीकरण के साथ करें तो उन्हें लाभ जरूर होगा। 
 


ब्रजेश बताते हैं कि उनकी सक्सेस स्टोरी बिहार सरकार के पशुपालन मंत्रालय की साइट पर 2014 से अपलोड है। वे अभी गढ़पुरा में ही पांच एकड़ जमीन लीज पर लेकर पशुपालन कर रहे हैं। अभी सभी मिलकर 20 पशु है। किसान पशुपालन आधुनिकीकरण के साथ करें तो उन्हें लाभ जरूर होगा। 
 


ब्रजेश कुमार ने कहा कि चार दिन पहले उन्हें पता चला कि बेगूसराय से चार किसान ब्रजेश कुमार गढ़पुरा, राजनारायण सिंह केसाबे, पिंकी देवी अंबा व ललिता देवी नावकोठी का चयन प्रधानमंत्री से बातचीत के लिए हुआ है। लेकिन आज सुबह उन्हें जानकारी मिली कि प्रधानमंत्री उनसे बात करेंगे। 
 


ब्रजेश कुमार ने कहा कि चार दिन पहले उन्हें पता चला कि बेगूसराय से चार किसान ब्रजेश कुमार गढ़पुरा, राजनारायण सिंह केसाबे, पिंकी देवी अंबा व ललिता देवी नावकोठी का चयन प्रधानमंत्री से बातचीत के लिए हुआ है। लेकिन आज सुबह उन्हें जानकारी मिली कि प्रधानमंत्री उनसे बात करेंगे। 
 

पीएम ने उनकी तकनीकी ज्ञान व समझ की प्रशंसा करते हुए जहां उन्हें शिक्षिक युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया वहीं सरकारी मदद का भरोसा भी दिया है। पीएम ने गोबर धन को गांव- गांव में उर्जा का केन्द्र बनाने, आनलॉइन जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए उन्हें सरकार के विजन से जुड़ने की पेशकश भी की।

पीएम ने उनकी तकनीकी ज्ञान व समझ की प्रशंसा करते हुए जहां उन्हें शिक्षिक युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया वहीं सरकारी मदद का भरोसा भी दिया है। पीएम ने गोबर धन को गांव- गांव में उर्जा का केन्द्र बनाने, आनलॉइन जागरूकता कार्यक्रम चलाने के लिए उन्हें सरकार के विजन से जुड़ने की पेशकश भी की।


पीएम से बात करने के बाद ब्रजेश ने कहा कि आज उनके लिए सबसे बड़ा दिन है। उनकी मेहनत रंग लाई और पीएमओ तक पहुंची। खुद प्रधानमंत्री ने उनकी तकनीकी ज्ञान व समझ की प्रशंसा किया और उन्हें शिक्षित युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।


पीएम से बात करने के बाद ब्रजेश ने कहा कि आज उनके लिए सबसे बड़ा दिन है। उनकी मेहनत रंग लाई और पीएमओ तक पहुंची। खुद प्रधानमंत्री ने उनकी तकनीकी ज्ञान व समझ की प्रशंसा किया और उन्हें शिक्षित युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

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