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'शोले' में जया बच्चन की जेठानी बनी थी ये एक्ट्रेस, चंद मिनटों के उस सीन को आज भी नहीं भुला पाए हैं लोग

First Published Apr 9, 2021, 2:56 PM IST
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मुंबई। जया बच्चन (Jaya Bachchan) 73 साल की हो चुकी हैं। 9 अप्रैल, 1948 को एक बंगाली फैमिली में पैदा हुईं जया ने 1971 में आई फिल्म 'गुड्डी' से करियर की शुरुआत की थी। जया को फिल्म इंडस्ट्री में 50 साल हो चुके हैं। इस दौरान जया ने एक से बढ़कर एक बेहतरीन फिल्मों में काम किया। 1975 में आई फिल्म 'शोले' भी जया की शानदार फिल्मों में शामिल है। इस फिल्म के कई किरदार अब इस दुनिया में नहीं हैं। इन्हीं में से एक हैं गीता सिद्धार्थ। फिल्म में गीता ने जया बच्चन की जेठानी का किरदार निभाया था। फिल्म शोले में चंद मिनटों का वो सीन आज भी लोगों के जेहन में है, जिसमें गीता सिद्धार्थ घर के बाहर लगे झूले में बैठकर सब्जी काटती दिखती हैं।

इस सीन में उनका बेटा आकर पूछता है- ''मां मैं चाचा के साथ दादाजी को लेने स्टेशन जाऊं। इस पर गीता पहले तो उसे मना करती हैं, लेकिन बाद में कहती हैं, ठीक है लेकिन ऐसे ही भूत बनकर जाओगे, जाओ नहा लो।''

इस सीन में उनका बेटा आकर पूछता है- ''मां मैं चाचा के साथ दादाजी को लेने स्टेशन जाऊं। इस पर गीता पहले तो उसे मना करती हैं, लेकिन बाद में कहती हैं, ठीक है लेकिन ऐसे ही भूत बनकर जाओगे, जाओ नहा लो।''

इस सीन के बाद जेल से भागा गब्बर सिंह ठाकुर के घर पहुंचता है और एक-एक करके उनके पूरे खानदान को खत्म कर देता है। ठाकुर सबसे पहले छोटी बहू के पति को गोली मारता है। उसकी चीख सुन जब बड़ा भाई दौड़ता है तो गब्बर उसे भी मार देता है।

इस सीन के बाद जेल से भागा गब्बर सिंह ठाकुर के घर पहुंचता है और एक-एक करके उनके पूरे खानदान को खत्म कर देता है। ठाकुर सबसे पहले छोटी बहू के पति को गोली मारता है। उसकी चीख सुन जब बड़ा भाई दौड़ता है तो गब्बर उसे भी मार देता है।

पति को गोली लगते ही झूले में बैठीं गीता सिद्धार्थ दौड़ती हैं तो गब्बर उन्हें भी गोली मार देता है। इसके बाद वो ठाकुर की बेटी निर्मला को भी गोली मार देता है। ठाकुर की फैमिली से सिर्फ जया बच्चन (छोटी बहू) और रामलाल ही बचते हैं। दरअसल, दोनों मंदिर चले जाते हैं।
 

पति को गोली लगते ही झूले में बैठीं गीता सिद्धार्थ दौड़ती हैं तो गब्बर उन्हें भी गोली मार देता है। इसके बाद वो ठाकुर की बेटी निर्मला को भी गोली मार देता है। ठाकुर की फैमिली से सिर्फ जया बच्चन (छोटी बहू) और रामलाल ही बचते हैं। दरअसल, दोनों मंदिर चले जाते हैं।
 

बता दें कि गीता सिद्धार्थ ने 1972 में आई फिल्म 'परिचय' से डेब्यू किया था। इस फिल्म में उनके अलावा जितेंद्र मुख्य भूमिका में थे। फिल्म के डायरेक्टर गुलजार थे।
 

बता दें कि गीता सिद्धार्थ ने 1972 में आई फिल्म 'परिचय' से डेब्यू किया था। इस फिल्म में उनके अलावा जितेंद्र मुख्य भूमिका में थे। फिल्म के डायरेक्टर गुलजार थे।
 

गीता सिद्धार्थ ने टीवी होस्ट और डॉक्यूमेंट्री मेकर सिद्धार्थ काक से शादी की थी। सिद्धार्थ काक का टीवी कल्चर मैगजीन, सुरभि काफी हिट हुआ था। यह शो दूरदर्शन पर 1990 से 2001 तक प्रसारित हुआ था।   

गीता सिद्धार्थ ने टीवी होस्ट और डॉक्यूमेंट्री मेकर सिद्धार्थ काक से शादी की थी। सिद्धार्थ काक का टीवी कल्चर मैगजीन, सुरभि काफी हिट हुआ था। यह शो दूरदर्शन पर 1990 से 2001 तक प्रसारित हुआ था।   

गीता सिद्धार्थ की बेटी अंतरा भी डॉक्यूमेंट्री मेकर है। गीता को फिल्मों में काम करने के अलावा सोशल वर्क करना भी बहुत पसंद था। 

गीता सिद्धार्थ की बेटी अंतरा भी डॉक्यूमेंट्री मेकर है। गीता को फिल्मों में काम करने के अलावा सोशल वर्क करना भी बहुत पसंद था। 

14 दिसंबर, 2019 को गीता सिद्धार्थ का निधन हो गया। गीता ने गर्म हवा, त्रिशूल, राम तेरी गंगा मैली, गमन, नूरी, सुराग, डिस्को डांसर, मंडी, निशान, एक चादर मैली सी और डांस डांस जैसी फिल्मों में काम किया है।

14 दिसंबर, 2019 को गीता सिद्धार्थ का निधन हो गया। गीता ने गर्म हवा, त्रिशूल, राम तेरी गंगा मैली, गमन, नूरी, सुराग, डिस्को डांसर, मंडी, निशान, एक चादर मैली सी और डांस डांस जैसी फिल्मों में काम किया है।

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