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कभी मम्मी-पापा की गोद में यूं मुस्कुराते थे सुशांत, भाई को याद कर बहनों ने शेयर की बचपन की PHOTOS

First Published Jan 21, 2021, 3:23 PM IST
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मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) अगर आज जिंदा होते तो 35 साल के हो जाते। 21 जनवरी, 1986 को पटना में जन्मे सुशांत की मौत का रहस्य आज भी अनसुलझा है, जबकि उन्हें इस दुनिया को अलविदा कहे 7 महीने से ज्यादा हो चुके हैं। सुशांत के 35वें बर्थडे पर उनकी बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भाई के बचपन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। इनमें से एक फोटो में सुशांत अपनी मां की गोद में हंसते हुए नजर आ रहे हैं। इतना ही नहीं बहन प्रियंका ने भी सुशांत की फोटोज से बना एक वीडियो शेयर किया है, जिनमें सुशांत के बचपन से लेकर जवानी तक की फोटो हैं। 

सुशांत सिंह राजपूत के जन्मदिन पर श्वेता सिंह कीर्ति ने बेहद इमोशनल मैसेज भी लिखा है। श्वेता सिंह कीर्ति ने अपनी दिवंगत मां की गोद में भाई सुशांत के बचपन की फोटो शेयर करते हुए लिखा- ये मुस्कान किसी का भी दिल पिघला सकती है। हैप्पी सुशांत डे। 
 

सुशांत सिंह राजपूत के जन्मदिन पर श्वेता सिंह कीर्ति ने बेहद इमोशनल मैसेज भी लिखा है। श्वेता सिंह कीर्ति ने अपनी दिवंगत मां की गोद में भाई सुशांत के बचपन की फोटो शेयर करते हुए लिखा- ये मुस्कान किसी का भी दिल पिघला सकती है। हैप्पी सुशांत डे। 
 

सुशांत की बहन प्रियंका ने भाई की तस्वीरों का वीडियो शेयर करते हुए एक लंबा सा नोट भी लिखा है। इस पोस्ट में उनकी बहन प्रियंका अपने भाई को याद कर इमोशनल हो रही हैं। प्रियंका ने लिखा है, 'हैप्पी बर्थडे सुशांत, मेरे सनशाइन।

सुशांत की बहन प्रियंका ने भाई की तस्वीरों का वीडियो शेयर करते हुए एक लंबा सा नोट भी लिखा है। इस पोस्ट में उनकी बहन प्रियंका अपने भाई को याद कर इमोशनल हो रही हैं। प्रियंका ने लिखा है, 'हैप्पी बर्थडे सुशांत, मेरे सनशाइन।

इसके साथ ही उन्होंने आगे लिखा- मेरा भाई, मेरा गौरव, मेरा ऑल्टर ईगो। इस दिन जब तुम पैदा हुए, तो इसके बाद हम लोग केवल भाई-बहन के रूप में बड़े हुए बल्कि इसके साथ ही हम सबसे अच्छे दोस्त और साथी बन गए। हमने जिंदगी के मतलब को एक साथ खोजा और आगे बढ़े। 

इसके साथ ही उन्होंने आगे लिखा- मेरा भाई, मेरा गौरव, मेरा ऑल्टर ईगो। इस दिन जब तुम पैदा हुए, तो इसके बाद हम लोग केवल भाई-बहन के रूप में बड़े हुए बल्कि इसके साथ ही हम सबसे अच्छे दोस्त और साथी बन गए। हमने जिंदगी के मतलब को एक साथ खोजा और आगे बढ़े। 

बता दें कि सुशांत की मां उषा सिंह ने कई मंदिरों में जाकर माथा टेक, मन्नतें मांगी तब जाकर चार बहनों के बाद सुशांत का जन्म हुआ था। ये बात सुशांत सिंह राजपूत के पटना वाले घर के पड़ोस में रहने वालीं अंजनी पाठक ने बताई थी। 

बता दें कि सुशांत की मां उषा सिंह ने कई मंदिरों में जाकर माथा टेक, मन्नतें मांगी तब जाकर चार बहनों के बाद सुशांत का जन्म हुआ था। ये बात सुशांत सिंह राजपूत के पटना वाले घर के पड़ोस में रहने वालीं अंजनी पाठक ने बताई थी। 

अंजनी पाठक के मुताबिक, वो मेरे बच्चों के साथ बचपन में क्रिकेट खेलता था, अक्सर उसका समय हमारे घर पर ही बीतता था। सुशांत की सबसे बड़ी बहन मेरी सहेली है। इसलिए वो मुझको दीदी कहकर पुकारता था। सुशांत जब भी पटना आता तो मेरे पैर छूकर प्रणाम करता था। आखिरी बार जब वो पटना आया था तो मेरे पास आकर गले लगा था।
 

अंजनी पाठक के मुताबिक, वो मेरे बच्चों के साथ बचपन में क्रिकेट खेलता था, अक्सर उसका समय हमारे घर पर ही बीतता था। सुशांत की सबसे बड़ी बहन मेरी सहेली है। इसलिए वो मुझको दीदी कहकर पुकारता था। सुशांत जब भी पटना आता तो मेरे पैर छूकर प्रणाम करता था। आखिरी बार जब वो पटना आया था तो मेरे पास आकर गले लगा था।
 

बता दें कि सुशांत सिंह के बचपन का नाम गुलशन था, जो उनकी मां उषा सिंह ने रखा था। वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। पिता केके सिंह सुशांत की उंगली पकड़कर स्कूल छोड़ने जाया करते थे। पत्नी की मौत के बाद पिता केके सिंह बेटे के सहारे जी रहे थे, लेकिन बुढ़ापे में वो भी उनका साथ छोड़ गया। 

बता दें कि सुशांत सिंह के बचपन का नाम गुलशन था, जो उनकी मां उषा सिंह ने रखा था। वो पढ़ने में बहुत होशियार थे। पिता केके सिंह सुशांत की उंगली पकड़कर स्कूल छोड़ने जाया करते थे। पत्नी की मौत के बाद पिता केके सिंह बेटे के सहारे जी रहे थे, लेकिन बुढ़ापे में वो भी उनका साथ छोड़ गया। 

जब सुशांत 16 साल के थे, तभी उनकी मां की मौत हो गई थी। मां के जाने के बाद सुशांत अंदर से टूट गए थे। मां के जाने के बाद सुशांत ने अपनी बड़ी बहन को मां की जगह दे दी थी। सोशल मीडिया पर अपनी बहन की तस्वीर शेयर करते हुए उसे मां की जगह दी थी। मौत से 10 दिन पहले सुशांत ने अपनी मां के लिए इंस्टा पर बेहद इमोशनल पोस्ट लिखी थी।
 

जब सुशांत 16 साल के थे, तभी उनकी मां की मौत हो गई थी। मां के जाने के बाद सुशांत अंदर से टूट गए थे। मां के जाने के बाद सुशांत ने अपनी बड़ी बहन को मां की जगह दे दी थी। सोशल मीडिया पर अपनी बहन की तस्वीर शेयर करते हुए उसे मां की जगह दी थी। मौत से 10 दिन पहले सुशांत ने अपनी मां के लिए इंस्टा पर बेहद इमोशनल पोस्ट लिखी थी।
 

एक इंटरव्यू में सुशांत ने बताया था कि एक दौर ऐसा भी था, जब उन्हें 6 लोगों के साथ रूम शेयर करना पड़ता था। इस दौरान उन्हें एक प्ले के बदले 250 रुपए मिलते थे। इतना ही नहीं, सुशांत कभी-कभार फिल्मों में हीरो-हीरोइन के पीछे बतौर बैकग्राउंड डांसर काम कर लिया करते थे।

एक इंटरव्यू में सुशांत ने बताया था कि एक दौर ऐसा भी था, जब उन्हें 6 लोगों के साथ रूम शेयर करना पड़ता था। इस दौरान उन्हें एक प्ले के बदले 250 रुपए मिलते थे। इतना ही नहीं, सुशांत कभी-कभार फिल्मों में हीरो-हीरोइन के पीछे बतौर बैकग्राउंड डांसर काम कर लिया करते थे।

कई साल तक संघर्ष करने के बाद सुशांत को 2008 में टीवी पर पहला ब्रेक 'किस देश में है मेरा दिल' से मिला। हालांकि, सुशांत को पहचान टीवी शो 'पवित्र रिश्ता' से मिली। इस सीरियल में काम करने के बाद लोग उन्हें घर-घर में जानने लगे और इसी की बदौलत 2013 में पहली फिल्म 'काई पो छे' मिली।

कई साल तक संघर्ष करने के बाद सुशांत को 2008 में टीवी पर पहला ब्रेक 'किस देश में है मेरा दिल' से मिला। हालांकि, सुशांत को पहचान टीवी शो 'पवित्र रिश्ता' से मिली। इस सीरियल में काम करने के बाद लोग उन्हें घर-घर में जानने लगे और इसी की बदौलत 2013 में पहली फिल्म 'काई पो छे' मिली।

स्कूल डेज में ग्रुप फोटो के दौरान लाल घेरे में सुशांत सिंह राजपूत।

स्कूल डेज में ग्रुप फोटो के दौरान लाल घेरे में सुशांत सिंह राजपूत।

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