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मुकेश अंबानी की फ्री जियो मीट से एक यूजर यूं बचा लेगा 13 हजार रुपए, बंद हो जाएगी 'चीनी' जूम की दुकान
बिजनेस डेस्क। रिलायंस जियो के जरिए टेलिकॉम इंडस्ट्री में कुछ ही महीनों में तहलका मचाने वाले मुकेश अंबानी अब डिजिटल के दूसरे कारोबार में बादशाहत के लिए उतर गए हैं। इसी के तहत कंपनी ने जियो मीट नाम का ऐप लॉन्च किया है। ये एक वीडियो मीटिंग ऐप है जिसमें यूजर को कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा दी जाती है। मुकेश अंबानी का ये ऐप यूजर्स के लिए फ्री में उपलब्ध होगा। भारत में इसकी सीधी टक्कर गूगल मीट और जूम ऐप से होगी। जूम चीन के सर्वर पर चलने वाला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का विदेशी ऐप है।

मुकेश अंबानी ने जियो की तरह ही जियो मीट को लॉन्च किया है जिससे प्रतिद्वंद्वी कंपनियों की नींद उड़ गई है। खासकर जूम की, जिसने लॉकडाउन में तगड़ी पैठ बनाई। सुरक्षा कारणों की वजह से चीनी सर्वर पर चलने वाले ऐप को सरकारी मीटिंग में इस्तेमाल पर रोक लगा दिया गया था। स्वदेशी जियो से कंपनी को तगड़ा झटका लगने जा रहा है। बताते चलें कि जूम पर सिर्फ 40 मिनट की लिमिट ग्रुप मीटिंग के लिए फ्री है।
40 मिनट से ऊपर की ग्रुप मीटिंग के लिए जियो हर महीने 15 डॉलर (करीब 1100 रुपये से ज्यादा) का चार्ज वसूलता है। यानी 40 मिनट से ज्यादा जूम ऐप का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स और संस्थाओं को सालाना करीब 13 हजार से ज्यादा रुपये चुकाने पड़ते हैं। जियोमीट ऐसे यूजर्स के 13 हजार रुपये की बचत होगी। यानी जियो पर 24 घंटे फ्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जा सकती है।
जियोमीट पर 100 लोग फ्री में वीडियो पर बात कर सकते हैं। जियो मीट का इस्तेमाल भी बेहद आसान है। इसे किसी भी डिवाइस और प्लेटफॉर्म पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे एंड्रॉयड, आईओएस, विंडोज, मैकओएस और वेब पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
कैसा डाउनलोड होगा?
जियो मीट की आधिकारिक वेबसाइट के अलावा इसे ऐप स्टोर से भी डाउनलोड किया जा सकता है। जियो मीट पर अकाउंट बनाने के लिए फोन नंबर या ईमेल आईडी का इस्तेमाल करना पड़ेगा। एक मेजबान यानी होस्ट 99 लोगों को वीडियो चैट के लिए इनवाइट कर सकता है।
जियो मीट में एडवांस में मीटिंग शेड्यूल का भी ऑप्शन मिलता है। शामिल होने वाले 99 लोगों तक मीटिंग की डिटेल साझा की जा सकती है। शामिल होने वाले लोग आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर मीटिंग से जुड़ सकते हैं।
खास बात यह है कि होस्ट की ओर से बुलाए गए लोगों को ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं है। वो जियो मीट इनवाइट लिंक के जरिए किसी भी डिवाइस से मीटिंग से जुड़ सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म पर एचडी ऑडियो और वीडियो कॉल क्वालिटी है।
रिलायंस जियो ने बताया है कि इससे सुरक्षित बनाने के लिए जियो मीट एन्क्रिप्टेड और पासवर्ड प्रोटेक्टेड किया गया है। इसमें वेटिंग रूम इनेबल का विकल्प है। इसके जरिए बिना होस्ट की अनुमति के कोई भी मीटिंग में पार्टिसिपेंट नहीं कर सकता। इसमें कॉल के दौरान कई चीजों को करने का ऑप्शन है।
स्कूल और कॉलेजों की ऑनलाइन कक्षाएं शुरू हो गई हैं जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप के जरिए चल रही हैं। माना जा रहा है कि फ्री जियो मीट बहुत तेजी से मार्केट में अपनी साख बना लेगा।
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