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भारत की महिला पायलट रचने जा रहीं नया कीर्तिमान, सबसे लंबे रूट पर प्लेन उड़ाने वाली पहली वुमन टीम होगी

First Published Jan 9, 2021, 1:51 PM IST
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करियर डेस्क : आज के युग में महिलाएं पुरुषों से किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। घर में खाना बनाने से लेकर आसमान पर हवाई जहाज उड़ाने तक महिलाएं हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही है और पुरुषों के साथ कदम से कदम मिलाएं चल रही हैं। ऐसा ही एक नया कीर्तिमान रचने जा रही है एयर इंडिया की महिला ब्रीगेड। जी हां, भारतीय कैप्टन जोया अग्रवाल के नेतृत्व में एयर इंडिया (Air India) के महिला पायलटों की एक टीम दुनिया के सबसे लंबे एयर रूट (worlds longest air route) में से एक पर उत्तरी ध्रुव के ऊपर से होते हुए उड़ान भरेंगी। बता दें कि नॉर्थ पोल (North Pole) से होकर उड़ान बहुत चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद एयर इंडिया ने सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरू तक नॉर्थ पोल रूट से होकर यात्रा की जिम्मेदारी एक महिला कैप्टन को दी है।

उत्तरी ध्रुव या नॉर्थ पोल पृथ्वी का सबसे दूर उत्तरी बिन्दु है। यह वह बिन्दु है जहां पर पृथ्वी की धुरी घूमती है। यह आर्कटिक महासागर में पड़ता है और यहां बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है। ये दुनिया के सबसे लंबा हवाई मार्ग भी है। जिसकी दूरी लगभग 16 हजार किलोमीटर है।

उत्तरी ध्रुव या नॉर्थ पोल पृथ्वी का सबसे दूर उत्तरी बिन्दु है। यह वह बिन्दु है जहां पर पृथ्वी की धुरी घूमती है। यह आर्कटिक महासागर में पड़ता है और यहां बहुत ज्यादा ठंड पड़ती है। ये दुनिया के सबसे लंबा हवाई मार्ग भी है। जिसकी दूरी लगभग 16 हजार किलोमीटर है।

नॉर्थ पोल से गुजरने वाले प्लेन को उड़ाने में भी काफी दिक्कत आती है, इसलिए इस रूट पर हमेशा एक्सपीरियंस पायलेट को भेजा जाता है। इस बार नॉर्थ पोल से प्लेन उड़ाने की जिम्मेदारी एयर इंडिया की महिला टीम को दी गई है।

नॉर्थ पोल से गुजरने वाले प्लेन को उड़ाने में भी काफी दिक्कत आती है, इसलिए इस रूट पर हमेशा एक्सपीरियंस पायलेट को भेजा जाता है। इस बार नॉर्थ पोल से प्लेन उड़ाने की जिम्मेदारी एयर इंडिया की महिला टीम को दी गई है।

इस महिला पायलेट टीम का नेतृत्व भारतीय पायलेट जोया अग्रवाल (Zoya Agarwal) कर रही है। उनकी टीम में कैप्टन पापागारी, आकांक्षा सोनावने और शिवानी मन्हास जैसी अनुभवी कैप्टन हैं। सबसे खास बात यह है कि इस टीम में केवल महिलाएं ही शामिल है।

इस महिला पायलेट टीम का नेतृत्व भारतीय पायलेट जोया अग्रवाल (Zoya Agarwal) कर रही है। उनकी टीम में कैप्टन पापागारी, आकांक्षा सोनावने और शिवानी मन्हास जैसी अनुभवी कैप्टन हैं। सबसे खास बात यह है कि इस टीम में केवल महिलाएं ही शामिल है।

बता दें कि भारत की पहली महिला पायलेट सरला ठकराल थी, जिन्होंने साड़ी पहनकर प्लेन में एंट्री की थी। 1936 में लाहौर का हवाईअड्डा उस ऐतिहासिक पल का गवाह बना जब 21 साल की सरला ठकराल ने जिप्सी मॉथ नामक दो सीट वाले विमान को उड़ाया था।

बता दें कि भारत की पहली महिला पायलेट सरला ठकराल थी, जिन्होंने साड़ी पहनकर प्लेन में एंट्री की थी। 1936 में लाहौर का हवाईअड्डा उस ऐतिहासिक पल का गवाह बना जब 21 साल की सरला ठकराल ने जिप्सी मॉथ नामक दो सीट वाले विमान को उड़ाया था।

आज इसी तरह का इतिहास जोया अग्रवाल और उनकी टीम रचने वाली है। हालांकि वह 2013 में  एयर इंडिया की सबसे कम उम्र में बोइंग-777 को उड़ाने वाली महिला पायलट बनी थी। अब नॉर्थ पोल में प्लेन उड़ाकर वो एक और इतिहास रचने वाली है।

आज इसी तरह का इतिहास जोया अग्रवाल और उनकी टीम रचने वाली है। हालांकि वह 2013 में  एयर इंडिया की सबसे कम उम्र में बोइंग-777 को उड़ाने वाली महिला पायलट बनी थी। अब नॉर्थ पोल में प्लेन उड़ाकर वो एक और इतिहास रचने वाली है।

वैसे तो एयर इंडिया के पायलेट पहले भी नॉर्थ पोल रूट से उड़ान भर चुके हैं लेकिन यह पहली बार होगा कि उत्तरी ध्रुव के ऊपर से सिर्फ महिला पायलटों की टीम उड़ान भर रही है।

वैसे तो एयर इंडिया के पायलेट पहले भी नॉर्थ पोल रूट से उड़ान भर चुके हैं लेकिन यह पहली बार होगा कि उत्तरी ध्रुव के ऊपर से सिर्फ महिला पायलटों की टीम उड़ान भर रही है।

अगस्त 2019 में एयर इंडिया आर्कटिक महासागर (नॉर्थ पोल) के ऊपर उड़ान भरने वाली पहली एयरलाइन बनी थी। स्वतंत्रता दिवस पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI 173 ने पहली बार दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को तक उड़ान भरी थी। 

अगस्त 2019 में एयर इंडिया आर्कटिक महासागर (नॉर्थ पोल) के ऊपर उड़ान भरने वाली पहली एयरलाइन बनी थी। स्वतंत्रता दिवस पर एयर इंडिया की फ्लाइट AI 173 ने पहली बार दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को तक उड़ान भरी थी। 

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