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चंबल के डकैतों के लिए कुख्यात थी जो जगह वहीं से फौजी का बेटा बना IAS, अब मंत्री की बेटी से करेगा शादी

First Published Feb 23, 2020, 12:39 PM IST
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ग्वालियर. मध्यप्रदेश के भिंड जिले के गोरमी क्षेत्र के प्रतापपुरा गांव से एक गरीब लड़के ने अधिकारी बन इतिहास रच दिया। इनका नाम है श्यामवीर सिंह नरवरिया जो साल 2018 में संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 284 रैंक लाकर काफी चर्चा में रहे। श्मयामवीर ऐसे क्षेत्र से आते हैं जो काफी पिछड़ा है। उन्होंने काफी कम उम्र में ही ठान ली कि, वो आईएएस बनेंगे। नौकरी छोड़ वो खाली बैठ गए और बिना कोचिंग लिए सेल्फ स्टडी से उन्होंने इस लक्ष्य को पाया। IAS सक्सेज स्टोरी में आज हम श्यामवीर के संघर्ष की कहानी बता रहे हैं.....

श्यामवीर के पिता सुरेश सिंह नरवरिया फौजी हैं। उनके पिता चाहते थे कि बेटा बाकी परिवार के लोगों से ज्यादा अच्छी नौकरी करे। वो चाहते थे कि फौजी से ऊपर भी कोई कुछ बने। ऐसे ही श्यामवीर ने पिता के संस्कारों और मूल्यों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई शुरू कर दी।

श्यामवीर के पिता सुरेश सिंह नरवरिया फौजी हैं। उनके पिता चाहते थे कि बेटा बाकी परिवार के लोगों से ज्यादा अच्छी नौकरी करे। वो चाहते थे कि फौजी से ऊपर भी कोई कुछ बने। ऐसे ही श्यामवीर ने पिता के संस्कारों और मूल्यों को ध्यान में रखते हुए पढ़ाई शुरू कर दी।

उन्होंने पहले आईआईटी दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है इसके बाद वे नौकरी भी करने लगे। मैकेनिकल में उन्होंने काम किया।

उन्होंने पहले आईआईटी दिल्ली यूनिवर्सिटी से इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है इसके बाद वे नौकरी भी करने लगे। मैकेनिकल में उन्होंने काम किया।

इसके बाद श्याम ने सिविल सेवा में जाने की ठान ली और नौकरी छोड़ पढ़ाई शुरू कर दी। उन्होंने कोचिंग में न जाकर सेल्फ स्टडी का सहारा लिया।  श्याम ने 2016 में भी यूपीएससी पास की थी। तब रैंक कम मिलने से आईआरएस मिला था, जिसके बाद वे रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर काम कर रहे थे।

इसके बाद श्याम ने सिविल सेवा में जाने की ठान ली और नौकरी छोड़ पढ़ाई शुरू कर दी। उन्होंने कोचिंग में न जाकर सेल्फ स्टडी का सहारा लिया। श्याम ने 2016 में भी यूपीएससी पास की थी। तब रैंक कम मिलने से आईआरएस मिला था, जिसके बाद वे रक्षा मंत्रालय में असिस्टेंट डायरेक्टर के पद पर काम कर रहे थे।

फिर श्यामवीर ने फिर एक बार यूपीएससी दी, लक्ष्य आईएएस बनना था तो इस बार कड़ी मेहनत से 284वीं रैंक पाकर सफलता हासिल कर ली।  श्यामवीर सिंह कहते हैं काम के साथ उन्होंने रोजाना 6 घंटे पढ़ाई की।

फिर श्यामवीर ने फिर एक बार यूपीएससी दी, लक्ष्य आईएएस बनना था तो इस बार कड़ी मेहनत से 284वीं रैंक पाकर सफलता हासिल कर ली।  श्यामवीर सिंह कहते हैं काम के साथ उन्होंने रोजाना 6 घंटे पढ़ाई की।

करंट अफेयर्स पर नजर रखी। पढ़ाई के दौरान यह नहीं सोचा कि हारेंगे या जीतेंगे। सिर्फ लक्ष्य हासिल करने ईमानदारी से मेहनत की और सफलता मिली।

करंट अफेयर्स पर नजर रखी। पढ़ाई के दौरान यह नहीं सोचा कि हारेंगे या जीतेंगे। सिर्फ लक्ष्य हासिल करने ईमानदारी से मेहनत की और सफलता मिली।

संघ लोक सेवा आयोग में चयन होने के बाद इन्हें लोधी समाज के गौरव से सम्मानित किया गया था। श्याम की सक्सेज स्टोरी में एक और अचीवमेंट भी जुड़ गया।

संघ लोक सेवा आयोग में चयन होने के बाद इन्हें लोधी समाज के गौरव से सम्मानित किया गया था। श्याम की सक्सेज स्टोरी में एक और अचीवमेंट भी जुड़ गया।

हाल में उनकी भारत सरकार के पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल की बेटी के साथ सगाई हुई है। सोशल मीडिया पर इस रिश्ते की काफी चर्चाएं हो रही है। दोनों जल्द ही शादी करने वाले हैं।

हाल में उनकी भारत सरकार के पर्यटन मंत्री प्रह्लाद पटेल की बेटी के साथ सगाई हुई है। सोशल मीडिया पर इस रिश्ते की काफी चर्चाएं हो रही है। दोनों जल्द ही शादी करने वाले हैं।

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