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IAS इंटरव्यू में पूछा लीडर और मैनेजर में क्या फर्क होता है? सही जवाब देकर नौकरी ले उड़ा लड़का

First Published May 18, 2020, 1:46 PM IST
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नई दिल्ली.  संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) एग्जाम की तैयारी करना तपस्या जैसा है। इसके लिए पूरी लगन और ईमानदारी से समय दिया जाए तो सफल होते हैं। इस एग्जाम की तीन स्टेज होती है पहली स्टेज में Preliminary एग्जाम होता है। दूसरी स्टेज Main एग्जाम है, इस एग्जाम में नौ पेपर होते हैं। एग्जाम की तीसरी स्टेज Personality Test (इंटरव्यू) है।  ये तीसरा चरण काफी कठिन होता है इसमें कैंडिडेट की सोच, तर्कशक्ति और क्षमता को परखा जाता है। इसमें ऐसे सवाल पूछे जाते हैं जो दिमाग घुमा दें या सोचने को मजबूर कर दें। व्यक्ति की सोच और नजरिया परखने के लिए उनकी हॉबी और पसंद-नापसंद के अलावा समाज में मौसजूद समस्याओं के आधार पर सवाल पूछे जाते हैं। 

 

आज हम आपको आईएएस इंटरव्यू  (IAS Interview Questions And Answers) में कुछ कैंडिडेट्स से पूछे गए सवालों के बारे में बता रहे हैं। ये सवाल और उनके जवाब खुद इन अधिकारियों ने साझा किए थे। 

उत्तर: बिहार के IRAS अधिकारी आदित्य झा से इंटरव्यू में ये सवाल पूछा गया था। आदित्य ने सवाल सुनकर पहले कहा, अगर ये बड़ा सा बंगला है और वो अपनी खुशी से अपनी बेटी को देना चाहते हैं तो मैं इस बारे में अपनी धर्मपत्नी से बात करके फैसला लूंगा कि ये लिया जाए या नहीं। हालांकि दहेज लेना या देना हमारे समाज में अपराध है और गलत भी है। इंटरव्यू बोर्ड आदित्य के इस जवाब से खुश नहीं हुआ था। 

उत्तर: बिहार के IRAS अधिकारी आदित्य झा से इंटरव्यू में ये सवाल पूछा गया था। आदित्य ने सवाल सुनकर पहले कहा, अगर ये बड़ा सा बंगला है और वो अपनी खुशी से अपनी बेटी को देना चाहते हैं तो मैं इस बारे में अपनी धर्मपत्नी से बात करके फैसला लूंगा कि ये लिया जाए या नहीं। हालांकि दहेज लेना या देना हमारे समाज में अपराध है और गलत भी है। इंटरव्यू बोर्ड आदित्य के इस जवाब से खुश नहीं हुआ था। 

उत्तर:   IAS सौरभ कुमार ने कहा, भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में आईएस अफसर के पास और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सिविल सेवाओं में आने से पहले यह पता होना चाहिए कि हमें राजनेताओं के साथ काम करना होगा। यह जिम्मेदारी है किसी भी आईएएस ऑफिसर की अगर किसी नेता को किसी विषय के बारे में पूर जानकारी नहीं है तो वह उसे पूरी जानकारी दे। उसे बताए कि क्या सही है और क्या गलत। जो आईएएस अफसर होता है वो रूल्स एंड लॉ के तहत काम करता है किसी राजनेता के निजी नियमों के तहत नहीं। हम जब भी काम करेंगे तो रूल्स व लॉ के हिसाब से काम करेंगे।

उत्तर:   IAS सौरभ कुमार ने कहा, भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में आईएस अफसर के पास और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सिविल सेवाओं में आने से पहले यह पता होना चाहिए कि हमें राजनेताओं के साथ काम करना होगा। यह जिम्मेदारी है किसी भी आईएएस ऑफिसर की अगर किसी नेता को किसी विषय के बारे में पूर जानकारी नहीं है तो वह उसे पूरी जानकारी दे। उसे बताए कि क्या सही है और क्या गलत। जो आईएएस अफसर होता है वो रूल्स एंड लॉ के तहत काम करता है किसी राजनेता के निजी नियमों के तहत नहीं। हम जब भी काम करेंगे तो रूल्स व लॉ के हिसाब से काम करेंगे।

उत्तर:  हां मैं जानता हूं। पूर्व अमेरिकी बॉक्सर हैं, कई रिकॉर्ड इनके नाम हैं। कई बार इनका नाम विवादों में भा रहा है। दरअसल आईएएस, आईपीएस रह चुके सूरज पटेल ने अपने बयोडेटा में लिखा था कि वो जूनियर स्तर पर बॉक्सिंग कर चुके हैं इसलिए उनसे ये सवाल पूछा गया। 

उत्तर:  हां मैं जानता हूं। पूर्व अमेरिकी बॉक्सर हैं, कई रिकॉर्ड इनके नाम हैं। कई बार इनका नाम विवादों में भा रहा है। दरअसल आईएएस, आईपीएस रह चुके सूरज पटेल ने अपने बयोडेटा में लिखा था कि वो जूनियर स्तर पर बॉक्सिंग कर चुके हैं इसलिए उनसे ये सवाल पूछा गया। 

उत्तर:  भागलपुर (बिहार) के सौरभ कुमार से ये सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा-  ये सिल्क के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां विक्रमशिला प्राचीन यूनिवर्सिटी भी है। इसके ये जगह गैंगटिक डॉलफिन के लिए भी फेमस है। ये यहां पाई जाती है। फिर उन्होंने पूछा अच्छा भागलपुर की वो घटना बताओ कि जिसकी वजह से नकारात्मक कारणों से वह सुर्खियों और विवादों में रहा था। मैंने उत्तर में कहा कि 1989 में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। उन्होंने (इंटरव्यू बोर्ड सदस्य) कहा कि और भी कुछ हुआ था।

 

मैंने कहां हां सर, भागलपुर ब्लाइंड केस। (इस घटना को भागलपुर अखफोड़वा कांड के रूप में जाना जाता है)। 1979-80 में भागलपुर जेल में बंद कई कैदियों को आंखों में तेजाब डाल कर अंधा कर दिया गया था। इसी पर अजय देवगन की फिल्म गंगाजल भी बनी थी। 

उत्तर:  भागलपुर (बिहार) के सौरभ कुमार से ये सवाल पूछा गया। उन्होंने कहा-  ये सिल्क के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां विक्रमशिला प्राचीन यूनिवर्सिटी भी है। इसके ये जगह गैंगटिक डॉलफिन के लिए भी फेमस है। ये यहां पाई जाती है। फिर उन्होंने पूछा अच्छा भागलपुर की वो घटना बताओ कि जिसकी वजह से नकारात्मक कारणों से वह सुर्खियों और विवादों में रहा था। मैंने उत्तर में कहा कि 1989 में सांप्रदायिक दंगे हुए थे। उन्होंने (इंटरव्यू बोर्ड सदस्य) कहा कि और भी कुछ हुआ था।

 

मैंने कहां हां सर, भागलपुर ब्लाइंड केस। (इस घटना को भागलपुर अखफोड़वा कांड के रूप में जाना जाता है)। 1979-80 में भागलपुर जेल में बंद कई कैदियों को आंखों में तेजाब डाल कर अंधा कर दिया गया था। इसी पर अजय देवगन की फिल्म गंगाजल भी बनी थी। 

उत्तर:  ये सवाल सिविल सेवा परीक्षा 2017 में 117वीं रैंक हासिल करने वाले सूरज कुमार राय से पूछा गया था। उन्होंने जवाब दिया,  Leader does the righ thing, and Manager does the thing rightly. (यानी लीडर सही चीज़ करता है जबकि मैनेजर चीज़ को सही तरीके से करता है।) बोर्ड ने आगे कहा अपने उत्तर को स्पष्ट करें। तो सूरज ने कहा कि दोनों का काम एक दूसरे से काफी मिलता जुलता होता है लेकिन लीडर दिशा दिखाता है, एक मार्गदर्शक के तौर पर काम करता है, वह अपने फोलोवर्स को प्रेरित करता है और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता है। उन पर अपना प्रभाव छोड़ता है।

 

और जो मैनेजर होता है कि उसका काम थोड़ा था डिटेल्ड होता है। वह कभी-कभी छोटे-छोटे काम भी करता है। योजना भी बनाता है और आयोजन भी करता है। लक्ष्य को दिशा देता है। व्यवस्था में प्रबंधन व समन्वय स्थापित करता है। 

 

जवाब सुनकर सूरज से पूछा गया तुम क्या बनना चाहोगे, लीडर या मैनेजर? उन्होंने उत्तर दिया कि मैं एडमिनिस्ट्रेटर बनना चाहूंगा। इस सवाल का जवाब देने से उनका आईएएस में सलेक्शन हो गया था। '

उत्तर:  ये सवाल सिविल सेवा परीक्षा 2017 में 117वीं रैंक हासिल करने वाले सूरज कुमार राय से पूछा गया था। उन्होंने जवाब दिया,  Leader does the righ thing, and Manager does the thing rightly. (यानी लीडर सही चीज़ करता है जबकि मैनेजर चीज़ को सही तरीके से करता है।) बोर्ड ने आगे कहा अपने उत्तर को स्पष्ट करें। तो सूरज ने कहा कि दोनों का काम एक दूसरे से काफी मिलता जुलता होता है लेकिन लीडर दिशा दिखाता है, एक मार्गदर्शक के तौर पर काम करता है, वह अपने फोलोवर्स को प्रेरित करता है और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता है। उन पर अपना प्रभाव छोड़ता है।

 

और जो मैनेजर होता है कि उसका काम थोड़ा था डिटेल्ड होता है। वह कभी-कभी छोटे-छोटे काम भी करता है। योजना भी बनाता है और आयोजन भी करता है। लक्ष्य को दिशा देता है। व्यवस्था में प्रबंधन व समन्वय स्थापित करता है। 

 

जवाब सुनकर सूरज से पूछा गया तुम क्या बनना चाहोगे, लीडर या मैनेजर? उन्होंने उत्तर दिया कि मैं एडमिनिस्ट्रेटर बनना चाहूंगा। इस सवाल का जवाब देने से उनका आईएएस में सलेक्शन हो गया था। '

उत्तर:  ये सवाल एक आईएएस कैंडिडेट से पूछा गया था। उसने चतुराई से इसका जवाब दिया। कैंडिटेट ने कहा मैं उदाहरण देता हूं - ट्रैक्टर और ट्रक के पीछे लिखा रहता है बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला! इसका मतलब है कि काले रंग के लोग बुरी नजर के हैं और गोरी चमड़ी वाले अच्छी बुद्धि व नजर वाले हैं।

 

बॉलीवुड फिल्मों के गाने भी गोरे रंग पर हैं। अखबार के पेज में भी आता है- वर चाहिए, वधू चाहिए गोरे रंग के। इससे पता चलता है कि काले और गोरे के बीच भेद की विकृत मानसिकता व भावना हमारे समाज में घर कर गई है। ये एकदम सटीक जवाब था। 

उत्तर:  ये सवाल एक आईएएस कैंडिडेट से पूछा गया था। उसने चतुराई से इसका जवाब दिया। कैंडिटेट ने कहा मैं उदाहरण देता हूं - ट्रैक्टर और ट्रक के पीछे लिखा रहता है बुरी नजर वाले तेरा मुंह काला! इसका मतलब है कि काले रंग के लोग बुरी नजर के हैं और गोरी चमड़ी वाले अच्छी बुद्धि व नजर वाले हैं।

 

बॉलीवुड फिल्मों के गाने भी गोरे रंग पर हैं। अखबार के पेज में भी आता है- वर चाहिए, वधू चाहिए गोरे रंग के। इससे पता चलता है कि काले और गोरे के बीच भेद की विकृत मानसिकता व भावना हमारे समाज में घर कर गई है। ये एकदम सटीक जवाब था। 

उत्तर: दरअसल आईएएस साद मियां खान ने वर्कआउट को हॉबी बताया था। इसलिए उनसे ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसका जवाब बेहतरीन तरीके से दिया। उन्होंने कहा-  आज भारत में मोटापा, मधुमेह मानसिक बीमारियां, दबाव, तनाव के बढ़ते मामलों के चलते आज फिटनेस का काफी अहम भूमिका है। हर किसी को यह अपनाना चाहिए। रोजाना आधे से एक घंटा दें।

उत्तर: दरअसल आईएएस साद मियां खान ने वर्कआउट को हॉबी बताया था। इसलिए उनसे ये सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसका जवाब बेहतरीन तरीके से दिया। उन्होंने कहा-  आज भारत में मोटापा, मधुमेह मानसिक बीमारियां, दबाव, तनाव के बढ़ते मामलों के चलते आज फिटनेस का काफी अहम भूमिका है। हर किसी को यह अपनाना चाहिए। रोजाना आधे से एक घंटा दें।

IAS सुमित कुमार ने जवाब दिया-  जी हां, वर्ल्ड देखने के लिए मैं काफी उत्सुक हूं, मैं चाहता हूं इंडिया ही वर्ल्ड कप जीते। हमारी टीम वर्ल्ड लेवल पर अच्छा करे। फिर उनसे पूछा गया कि क्या आप अन्य टीमों को भी वॉच कर रहे हो? क्या कोई उनमें से वर्ल्ड कप जीत सकती है ? जवाब मिला हां, - ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें भी वर्ल्ड कप की मजबूत दावेदार है। इंग्लैंड की पिचें स्कोरिंग हैं। इंग्लैंड के पास अच्छे हिटर्स हैं। 

IAS सुमित कुमार ने जवाब दिया-  जी हां, वर्ल्ड देखने के लिए मैं काफी उत्सुक हूं, मैं चाहता हूं इंडिया ही वर्ल्ड कप जीते। हमारी टीम वर्ल्ड लेवल पर अच्छा करे। फिर उनसे पूछा गया कि क्या आप अन्य टीमों को भी वॉच कर रहे हो? क्या कोई उनमें से वर्ल्ड कप जीत सकती है ? जवाब मिला हां, - ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की टीमें भी वर्ल्ड कप की मजबूत दावेदार है। इंग्लैंड की पिचें स्कोरिंग हैं। इंग्लैंड के पास अच्छे हिटर्स हैं। 

उत्तर- IAS सूरज कुमार राय इस सवाल का जवाब आसानी से दिया, उन्होंने कहा मैंने दीपिका पादुकोण की फिल्म पद्मावत देखी थी, फिल्म के टेक्निकल पार्ट, कॉस्ट्यूम, सेट्स डिजाइन, विजुअल बहुत शानदार और उम्दा थे। लेकिन कहानी थोड़ी और कसी हुई हो सकती थी। अपने इस उत्तर को पॉजिटिव नोट के साथ खत्म करते हुए सूरज ने अंत में कहा- इस फिल्म में आर्ट एंड डिजाइन का काम काफी अच्छा था। 

 

सूरज कुमार का फिल्म को लेकर जवाब सही नहीं था क्योंकि फिल्म में जौहर प्रथा को ग्लोरिफाइ किया गया है। महिलाओं का समूह में आग में जलकर आत्मदाह कर लेना अपराध है और ये प्रथा भारत में बैन हो चुकी है। ऐसे में फिल्म की मेन कहानी और प्वाइंट को छोड़कर सूरज ने बात की थी। बहरहाल 2018 में आई दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर की इस फिल्म पर काफी बवाल मचा था। 

उत्तर- IAS सूरज कुमार राय इस सवाल का जवाब आसानी से दिया, उन्होंने कहा मैंने दीपिका पादुकोण की फिल्म पद्मावत देखी थी, फिल्म के टेक्निकल पार्ट, कॉस्ट्यूम, सेट्स डिजाइन, विजुअल बहुत शानदार और उम्दा थे। लेकिन कहानी थोड़ी और कसी हुई हो सकती थी। अपने इस उत्तर को पॉजिटिव नोट के साथ खत्म करते हुए सूरज ने अंत में कहा- इस फिल्म में आर्ट एंड डिजाइन का काम काफी अच्छा था। 

 

सूरज कुमार का फिल्म को लेकर जवाब सही नहीं था क्योंकि फिल्म में जौहर प्रथा को ग्लोरिफाइ किया गया है। महिलाओं का समूह में आग में जलकर आत्मदाह कर लेना अपराध है और ये प्रथा भारत में बैन हो चुकी है। ऐसे में फिल्म की मेन कहानी और प्वाइंट को छोड़कर सूरज ने बात की थी। बहरहाल 2018 में आई दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर की इस फिल्म पर काफी बवाल मचा था। 

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