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IAS इंटरव्यू में धर्म को लेकर पूछा गया पेचिदा सवाल, पहले सकपकाया फिर कैंडिडेट ने दिया ये CORRECT जवाब

First Published Jun 6, 2020, 12:32 PM IST
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नई दिल्ली.  UPSC Civil Services prelims Examination 2020: यूपीएससी सिविल सेवा प्ररांभिक परीक्षा 2020 की डेट आ गई है। यूपीएससी प्री और मेन्स के बाद कैंडिडेट को DAF (Detail Application Form) भरना होता है।।  सिविल सेवा परीक्षा के आखिरी चरण यानी इंटरव्यू (पर्सनैलिटी टेस्ट) में सबसे अहम भूमिका आपके डिटेल्ड एप्लीकेशन फॉर्म (डीएएफ) की ही होती है। आपका डीएएफ आपके बारे में बहुत कुछ बता देता है। इंटरव्यू से पहले सभी उम्मीदवारों से यह भरवाया जाता है। इसमें आपके ऐकेडमिक, पर्सनल बैकग्राउंड, आपकी पसंद, नापसंद, हॉबी और ऑवरऑल पर्सनैलिटी सबकी जानकारी होती है। इंटरव्यू के दौरान इसकी एक कॉपी सभी पैनलिस्ट (जो इंटरव्यू ले रहे हैं) के पास भी होती है। इंटरव्यू में अधिकांश सवाल आपके द्वारा डीएएफ में दी गई जानकारी से ही पूछे जाते हैं। आज हम आपको यूपीएससी कैंडिडेट से पूछे गए सवालों के बारे में बता रहे हैं। 

 

आईएएस इंटरव्यू में पूछे ये सवाल (IAS Questions Shared by Candidates DAF) कैंडिडेट ने खुद साझा किए हैं और ये भी बताया कि उन्होंने कैसे इनका जवाब दिया- 

जवाब: सल्फर।

जवाब: सल्फर।

जवाब:   मैं ग्रामीण परिवेश से आता हूं, लोगों की परेशानियां देखी हैं लोगों की तकलीफ देख मुझे लगा कि उनके लिए मुझे कुछ करना होगा इसलिए सिविल सर्विस में आना चाहता हूं।

जवाब:   मैं ग्रामीण परिवेश से आता हूं, लोगों की परेशानियां देखी हैं लोगों की तकलीफ देख मुझे लगा कि उनके लिए मुझे कुछ करना होगा इसलिए सिविल सर्विस में आना चाहता हूं।

जवाब: भागलपुर कतरनी एक फेमस चावल है। भागलपुर का क्षेत्र कतरनी धान के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। कतरनी छोटे दाना खुशबूदार धान है। जो बासमती से अलग स्वाद के लिए जाना जाता है, कतरनी 100 वर्ष से पुराना धान है, जो पूर्वी बिहार खासकर भागलपुर-बांका में अधिक उपज होती थी। यह कम उर्वरा वाली मिट्टी में अधिक होता है।

जवाब: भागलपुर कतरनी एक फेमस चावल है। भागलपुर का क्षेत्र कतरनी धान के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है। कतरनी छोटे दाना खुशबूदार धान है। जो बासमती से अलग स्वाद के लिए जाना जाता है, कतरनी 100 वर्ष से पुराना धान है, जो पूर्वी बिहार खासकर भागलपुर-बांका में अधिक उपज होती थी। यह कम उर्वरा वाली मिट्टी में अधिक होता है।

जवाब: IAS कैंडिडेट ने जवाब दिया- हां ऐसा करने से हमारी डिफेंस पॉलिसी और भी मजबूत हो जाएगी। अभी हम आर्म्स को इम्पोर्ट करने के मामले में पूरी दुनिया में टॉप 5 देशों में हैं। ऐसे में अगर हम आर्म्स को एक्सपोर्ट करना शुरू कर देते हैं तो उससे मिलने वाले पैसे का प्रयोग नई टेक्नोलॉजी को डेवलप करने और पुराने हथियारों को अपग्रेड करने में किया जा सकता है जो हमारे देश के लिए फायदेमंद होगा। 

जवाब: IAS कैंडिडेट ने जवाब दिया- हां ऐसा करने से हमारी डिफेंस पॉलिसी और भी मजबूत हो जाएगी। अभी हम आर्म्स को इम्पोर्ट करने के मामले में पूरी दुनिया में टॉप 5 देशों में हैं। ऐसे में अगर हम आर्म्स को एक्सपोर्ट करना शुरू कर देते हैं तो उससे मिलने वाले पैसे का प्रयोग नई टेक्नोलॉजी को डेवलप करने और पुराने हथियारों को अपग्रेड करने में किया जा सकता है जो हमारे देश के लिए फायदेमंद होगा। 

जवाब: कैंडिडेट प्रज्ञा जैन ने इसका जवाब दिया-  उड़ान केंद्र सरकार द्वारा लांच की गई हवाई यात्रा की एक स्कीम है। इस योजना का मकसद आम आदमी को सस्ते में हवाई यात्रा करवाना है। इस सेवा की शुरुआत पीएम मोदी ने शिमला से की थी। उड़ान योजना पूरी तहर से रीजनल कनेक्टीविटी स्कीम (RCS) यानी कि क्षेत्रीय संपर्क योजना पर आधारित है। उड़ान योजना के जरिये मध्यम वर्गीय लोग भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। यात्री को एक घंटे की उड़ान के लिए 2500 रुपये खर्च करने होंगे, 500 किमी तक के सफर का किराया 2500 रुपये रखा गया है।

जवाब: कैंडिडेट प्रज्ञा जैन ने इसका जवाब दिया-  उड़ान केंद्र सरकार द्वारा लांच की गई हवाई यात्रा की एक स्कीम है। इस योजना का मकसद आम आदमी को सस्ते में हवाई यात्रा करवाना है। इस सेवा की शुरुआत पीएम मोदी ने शिमला से की थी। उड़ान योजना पूरी तहर से रीजनल कनेक्टीविटी स्कीम (RCS) यानी कि क्षेत्रीय संपर्क योजना पर आधारित है। उड़ान योजना के जरिये मध्यम वर्गीय लोग भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। यात्री को एक घंटे की उड़ान के लिए 2500 रुपये खर्च करने होंगे, 500 किमी तक के सफर का किराया 2500 रुपये रखा गया है।

जवाब: यह है दुनिया के खास 12 धर्म दुनिया में धर्मों की संख्या यूं तो लगभग 300 से ज्यादा होगी, लेकिन व्यापक रूप से पांच धर्म ही प्रचलित हैं हिन्दू, जैन, बौद्ध, ईसाई, इस्लाम और सिख।
 

जवाब: यह है दुनिया के खास 12 धर्म दुनिया में धर्मों की संख्या यूं तो लगभग 300 से ज्यादा होगी, लेकिन व्यापक रूप से पांच धर्म ही प्रचलित हैं हिन्दू, जैन, बौद्ध, ईसाई, इस्लाम और सिख।
 

जवाब: सर, मेरे शहर में बाहुबलियों को लोग डर के मारे पूजते हैं इन लोगों का डर लोगों के मन से निकलना होगा। इन लोगों का विरोध कर उनका वर्चस्व खत्म करना होगा। उसी एरिया की पुलिस जब पब्लिक के बीच इन गुंडों की पिटाई करेगी तो पब्लिक के मन से इनका डर कम हो जाएगा। ऐसे मैं सुरक्षा व्यवस्था और सुसाशन को बनाए रखने की कोशिश करूंगा। 

जवाब: सर, मेरे शहर में बाहुबलियों को लोग डर के मारे पूजते हैं इन लोगों का डर लोगों के मन से निकलना होगा। इन लोगों का विरोध कर उनका वर्चस्व खत्म करना होगा। उसी एरिया की पुलिस जब पब्लिक के बीच इन गुंडों की पिटाई करेगी तो पब्लिक के मन से इनका डर कम हो जाएगा। ऐसे मैं सुरक्षा व्यवस्था और सुसाशन को बनाए रखने की कोशिश करूंगा। 

जवाब: वुहान सेंट्रल अस्पताल में आँखों के डॉक्टर ली वेनलियांग ने सबसे पहले इस वायरस के बारे में बताया था। चीन से फ़ैले कोरोना की सबसे पहले चेतावनी देने वाले इस डॉक्टर की भी मौत हो गई थी। 34 वर्षीय  वेनलियांग को चीनी सोशल मीडिया में 'हीरो' बताया गया था।
 

जवाब: वुहान सेंट्रल अस्पताल में आँखों के डॉक्टर ली वेनलियांग ने सबसे पहले इस वायरस के बारे में बताया था। चीन से फ़ैले कोरोना की सबसे पहले चेतावनी देने वाले इस डॉक्टर की भी मौत हो गई थी। 34 वर्षीय  वेनलियांग को चीनी सोशल मीडिया में 'हीरो' बताया गया था।
 

जवाब: होम्योपैथी, जो भारत में लगभग दो सौ साल पहले आरंभ की गयी थी, आज यह भारत की बहुलवादी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। होम्योपैथी की खोज एक जर्मन चिकित्सक, डॉ. क्रिश्चन फ्रेडरिक सैमुएल हैनिमैन (1755-1843), द्वारा अठारहवीं सदी के अंत के दशकों में की गयी थी। यह “सम: समम् शमयति” या “समरूपता” दवा सिद्धांत पर आधारित एक चिकित्सीय प्रणाली है। यह दवाओं द्वारा रोगी का उपचार करने की एक ऐसी विधि है, जिसमें किसी स्वस्थ व्यक्ति में प्राकृतिक रोग का अनुरूपण करके समान लक्षण उत्पन्न किया जाता है, जिससे रोगग्रस्त व्यक्ति का उपचार किया जा सकता है।

 

भारत सरकार ने होम्योपैथी और आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और सोवा रिग्पा, जिसे सामूहिक रूप से ‘आयुष’ के नाम से जाना जाता है, जैसे अन्य पारंपरिक प्रणालियों के विकास एवं प्रगति के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण, केन्द्र और सभी राज्यों में होम्योपैथी का एक संस्थागत ढांचा स्थापित हुआ है।

जवाब: होम्योपैथी, जो भारत में लगभग दो सौ साल पहले आरंभ की गयी थी, आज यह भारत की बहुलवादी स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। होम्योपैथी की खोज एक जर्मन चिकित्सक, डॉ. क्रिश्चन फ्रेडरिक सैमुएल हैनिमैन (1755-1843), द्वारा अठारहवीं सदी के अंत के दशकों में की गयी थी। यह “सम: समम् शमयति” या “समरूपता” दवा सिद्धांत पर आधारित एक चिकित्सीय प्रणाली है। यह दवाओं द्वारा रोगी का उपचार करने की एक ऐसी विधि है, जिसमें किसी स्वस्थ व्यक्ति में प्राकृतिक रोग का अनुरूपण करके समान लक्षण उत्पन्न किया जाता है, जिससे रोगग्रस्त व्यक्ति का उपचार किया जा सकता है।

 

भारत सरकार ने होम्योपैथी और आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्धा और सोवा रिग्पा, जिसे सामूहिक रूप से ‘आयुष’ के नाम से जाना जाता है, जैसे अन्य पारंपरिक प्रणालियों के विकास एवं प्रगति के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण, केन्द्र और सभी राज्यों में होम्योपैथी का एक संस्थागत ढांचा स्थापित हुआ है।

जवाब: सबसे पहले मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उस हमले में आस-पास मौजूद आम जनता को कोई नुकसान न हो। उसके बाद कंट्रोल रूम में फोन करके एक्स्ट्रा फोर्स बुलवा लूंगा और कोशिश करूंगा कि वो आतंकवादी जिंदा पकड़े जाएं ताकि उन्हें भेजने वाले का नाम मकसद पता चल सके और उन्हें भारतीय संविधान के तहत सजा मिल सके। 
 

जवाब: सबसे पहले मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि उस हमले में आस-पास मौजूद आम जनता को कोई नुकसान न हो। उसके बाद कंट्रोल रूम में फोन करके एक्स्ट्रा फोर्स बुलवा लूंगा और कोशिश करूंगा कि वो आतंकवादी जिंदा पकड़े जाएं ताकि उन्हें भेजने वाले का नाम मकसद पता चल सके और उन्हें भारतीय संविधान के तहत सजा मिल सके। 
 

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