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जानिए कौन हैं एना जार्विस: जिसने दुनिया में शुरू किया था मदर्स डे, इस कारण से करने लगीं थी विरोध

First Published May 9, 2021, 12:26 PM IST
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करियर डेस्क.  मां के सम्मान में हर साल मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे (Happy Mother’s Day) मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं मदर्स डे की शुरुआत कब, कैसे और किसने की थी। ऐसा माना जाता है कि इंटरनेशनल मदर्स डे मनाने की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। साल था 1912 का। दुनिया में इस दिन की शुरुआत एना जार्विस (Anna Jarvis) ने की थी। एना जार्विस अपनी मां से बहुत प्यार करती थीं। आइए हम आपको बताते हैं कैसी है एना जार्विस की स्टोरी।

कैसे चुना गया मई का दूसरा रविवार
इस दिन की शुरुआत एना जार्विस ने की थी। यह दिन उन्होंने अपनी मां के लिए चुना। वो एक ऐसा दिन तय करना चाहती थी कि जिससे मदर्स डे 9 मई के आसपास पड़े। 9 मई को उनकी मां की डेथ एनवर्सरी होती है। इसलिए उन्होंने मई महीने के सेकेंड संडे को तय किया। 
 

कैसे चुना गया मई का दूसरा रविवार
इस दिन की शुरुआत एना जार्विस ने की थी। यह दिन उन्होंने अपनी मां के लिए चुना। वो एक ऐसा दिन तय करना चाहती थी कि जिससे मदर्स डे 9 मई के आसपास पड़े। 9 मई को उनकी मां की डेथ एनवर्सरी होती है। इसलिए उन्होंने मई महीने के सेकेंड संडे को तय किया। 
 

इस कारण से हुई शुरुआत
एना जार्विस की मां का नाम एन रीव्स जार्विस था। एन रीव्स जार्विस के नौ बच्चों की मौत हो गई थी। जिसके बाद वो मदर्स डे नाम से एक नेटवर्क चलाती थीं। इसका मुख्य लक्ष्य था शिशु मृत्यु दर को कम करना। वो महिलाओं को इसके लिए टिप्स देतीं थी। वो चाहती थीं कि एक एक ऐसा दिन हो जो दुनिया की सभी मां के लिए हो। साल 1905 में एन रीव्स जार्विस की डेथ हो गई। जिसके बाद उन्होंने अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए इस दिन की शुरुआत कर दी।

इस कारण से हुई शुरुआत
एना जार्विस की मां का नाम एन रीव्स जार्विस था। एन रीव्स जार्विस के नौ बच्चों की मौत हो गई थी। जिसके बाद वो मदर्स डे नाम से एक नेटवर्क चलाती थीं। इसका मुख्य लक्ष्य था शिशु मृत्यु दर को कम करना। वो महिलाओं को इसके लिए टिप्स देतीं थी। वो चाहती थीं कि एक एक ऐसा दिन हो जो दुनिया की सभी मां के लिए हो। साल 1905 में एन रीव्स जार्विस की डेथ हो गई। जिसके बाद उन्होंने अपनी मां के सपने को पूरा करने के लिए इस दिन की शुरुआत कर दी।

मदर्स डे का विरोध करने लगीं थी एना
दुनिया में जब पहली बार मदर्स डे मनाया गया तो एना जार्विस इस दिन की पोस्टर गर्ल बन गईं। पहले मदर्स डे पर उन्होंने अपनी मां के फेवरेट कार्नेशन फूल महिलाओं को बांटे। लेकिन धीरे-धीरे इन फूलों का व्यवसायीकरण होने लगा और मदर्स डे पर सफेद कार्नेशन फूलों की ब्लैक मार्केटिंग होने लगी। यह देखकर एना ने इस दिन को खत्म करने की मुहिम शुरू कर दी। 
 

मदर्स डे का विरोध करने लगीं थी एना
दुनिया में जब पहली बार मदर्स डे मनाया गया तो एना जार्विस इस दिन की पोस्टर गर्ल बन गईं। पहले मदर्स डे पर उन्होंने अपनी मां के फेवरेट कार्नेशन फूल महिलाओं को बांटे। लेकिन धीरे-धीरे इन फूलों का व्यवसायीकरण होने लगा और मदर्स डे पर सफेद कार्नेशन फूलों की ब्लैक मार्केटिंग होने लगी। यह देखकर एना ने इस दिन को खत्म करने की मुहिम शुरू कर दी। 
 

पास हुआ था बिल
ऐसा कहा जाता है कि 9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा। हालांकि मदर्स डे को लेकर कई तरह की कहानियां हैं। 

पास हुआ था बिल
ऐसा कहा जाता है कि 9 मई 1914 को अमेरिकी प्रेसिडेंट वुड्रो विल्सन ने एक लॉ पास किया था जिसमें लिखा था कि मई महीने के हर दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाएगा। हालांकि मदर्स डे को लेकर कई तरह की कहानियां हैं। 

कब हुआ था जन्म
एना जार्विस की जन्म अमेरिका में 1 मई 1864 को हुआ था। उनकी डेथ 24 नबंवर 1948 को हुई। वो एक सोशल वर्कर थीं। एना ने कभी शादी नहीं की थी। एना के रिलेटिव यह दिन नहीं मनाते हैं। इस दिन को नहीं मनाने के पीछे उनके रिलेटिव का कहना है कि इस दिन का बिजनेस के तौर पर यूज किया जाने लगा है।

कब हुआ था जन्म
एना जार्विस की जन्म अमेरिका में 1 मई 1864 को हुआ था। उनकी डेथ 24 नबंवर 1948 को हुई। वो एक सोशल वर्कर थीं। एना ने कभी शादी नहीं की थी। एना के रिलेटिव यह दिन नहीं मनाते हैं। इस दिन को नहीं मनाने के पीछे उनके रिलेटिव का कहना है कि इस दिन का बिजनेस के तौर पर यूज किया जाने लगा है।

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