Asianet News Hindi

LLB Questions: जिंदगी में हमेशा काम आएंगे कानून से जुड़े ये 10 सवाल, पढ़ लें थोड़ी वकालत

First Published Jun 22, 2020, 9:08 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

करियर डेस्क.  नमस्कार दोस्तों, ये स्टोरी उन लोगो के लिए खास है जो अधिवक्ता / वकील (LLB Students Preparation) बनना चाहते है। क्योंकि हर छात्र अपनी 12 वीं की परीक्षा पास करने से पहले या बाद में आगे की क्या पढाई क्या करनी है इसके बारे में तैयारी करने में लग जाते हैं। अब उनके मन में यह सवाल आता है कि अधिवक्ता /वकील कैसे बने? इसके लिए कौन सी पढाई करनी होगी। वकालत के लिए क्या नॉलेज होना जरूरी है? जी बिल्कुल वकालत की पढ़ाई करने के लिए भारतीय संविधान से जुड़े बेसिक सवालों के जवाब पता होना जरूरी है। इतना ही नहीं अगर आपके ऊपर कोई कोर्ट कचहरी का केस हो जाए तो भी आपको कानून के कुछ पैंतरे पता होने चाहिए। वहीं महिलाएं को अपने हक़ और कानून की जानकारी होना बहुत जरूरी है। ताकि समय रहते आप जान सकें कि किस कानून के तहत आप अपराधी के खिलाफ शिकायत कर सकती हैं। 

 

ऐसे ही एलएलबी एग्जाम को लेकर बेसिक सवाल (LLB Exam Questions) आज हम आपके लिए लेकर आए हैं-

उत्तर.  एक औरत की अनिच्छा और असहमति के बावजूद उससे सम्पर्क करने की कोशिश करना, उसे घूरना, उसकी जासूसी करना, बदनीयति से उसका पीछा करना, उसे दिमागी रूप से परेशान करना और उसके मन अवचेतन में भय पैदा करना अपराध है। इसका उल्लेख भारतीय दंड विधान की धारा 354 (डी) में है। पीड़ित महिला राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत दर्ज करा सकती है। शिकायत का एक रसीद नंबर दिया जाता है। आयोग दस दिन के भीतर शिकायत पर विचार करता है। इसके बाद महिला दोबारा आयोग से संपर्क और परामर्श लेकर पुलिस में शिकायत और अदालती कार्रवाई कर सकती है। उसे शिकायत की रसीद संख्या अपने पास सुरक्षित रखनी होगी।

 

हेल्पलाइन या दोनों अन्य स्थानों पर शिकायत दर्ज करने पर पीछा करने वाले व्यक्ति को गैर-जमानती धारा में गिरफ्तार किया जाता है। इसमें कम से कम एक या अधिक से अधिक 5 वर्ष की सजा है। यदि स्टॉकिंग का दोषी हत्या, दुष्कर्म या किसी हिंसा का दोषी हो तो विभिन्न धाराओं में और सजा है। दिसंबर 2012 के निर्भया कांड के बाद आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2013 आया, जिसमें स्टॉकिंग को अपराध में शामिल कर दिया गया। इसके बाद की अवधि में सैकड़ों मामले दर्ज किए गए।

उत्तर.  एक औरत की अनिच्छा और असहमति के बावजूद उससे सम्पर्क करने की कोशिश करना, उसे घूरना, उसकी जासूसी करना, बदनीयति से उसका पीछा करना, उसे दिमागी रूप से परेशान करना और उसके मन अवचेतन में भय पैदा करना अपराध है। इसका उल्लेख भारतीय दंड विधान की धारा 354 (डी) में है। पीड़ित महिला राष्ट्रीय महिला आयोग की वेबसाइट पर जाकर भी शिकायत दर्ज करा सकती है। शिकायत का एक रसीद नंबर दिया जाता है। आयोग दस दिन के भीतर शिकायत पर विचार करता है। इसके बाद महिला दोबारा आयोग से संपर्क और परामर्श लेकर पुलिस में शिकायत और अदालती कार्रवाई कर सकती है। उसे शिकायत की रसीद संख्या अपने पास सुरक्षित रखनी होगी।

 

हेल्पलाइन या दोनों अन्य स्थानों पर शिकायत दर्ज करने पर पीछा करने वाले व्यक्ति को गैर-जमानती धारा में गिरफ्तार किया जाता है। इसमें कम से कम एक या अधिक से अधिक 5 वर्ष की सजा है। यदि स्टॉकिंग का दोषी हत्या, दुष्कर्म या किसी हिंसा का दोषी हो तो विभिन्न धाराओं में और सजा है। दिसंबर 2012 के निर्भया कांड के बाद आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 2013 आया, जिसमें स्टॉकिंग को अपराध में शामिल कर दिया गया। इसके बाद की अवधि में सैकड़ों मामले दर्ज किए गए।

उत्तर. भारतीय दंड संहिता की धारा 378 में चोरी को परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के कब्ज़े में से कोई चल संपत्ति उसकी सम्मति के बिना बेईमानी से ले लेना का आशय रखते हुए हटा लेता है तो कहा जाता है कि उसने चोरी की। अगर कोई चोरी करता है और उसे दोषी करार दे दिया जाता है तो उसे आईपीसी सेक्शन 379 के तहत कम से कम 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों से दंड दिया जाएगा क्योंकि चोरी एक Cognizable offense है इस कारण चोरी की शिकायत होने पर पुलिस इस पर तुरंत कॉग्निशन लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है।

 

आईपीसी सेक्शन 379 चोरी करना एक गैर जमानती अपराध है इस कारण इस मामले में तुरंत जमानत नहीं मिलती ज्यादातर इसमें सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो जाती है लेकिन अगर सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो जाए तो आप हाई कोर्ट में जमानत की एप्लीकेशन लगा सकते हैं।

उत्तर. भारतीय दंड संहिता की धारा 378 में चोरी को परिभाषित किया गया है। इसके अनुसार कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति के कब्ज़े में से कोई चल संपत्ति उसकी सम्मति के बिना बेईमानी से ले लेना का आशय रखते हुए हटा लेता है तो कहा जाता है कि उसने चोरी की। अगर कोई चोरी करता है और उसे दोषी करार दे दिया जाता है तो उसे आईपीसी सेक्शन 379 के तहत कम से कम 3 साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों से दंड दिया जाएगा क्योंकि चोरी एक Cognizable offense है इस कारण चोरी की शिकायत होने पर पुलिस इस पर तुरंत कॉग्निशन लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर सकती है।

 

आईपीसी सेक्शन 379 चोरी करना एक गैर जमानती अपराध है इस कारण इस मामले में तुरंत जमानत नहीं मिलती ज्यादातर इसमें सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो जाती है लेकिन अगर सेशन कोर्ट से जमानत खारिज हो जाए तो आप हाई कोर्ट में जमानत की एप्लीकेशन लगा सकते हैं।

उत्तर.  भारतीय संविधान के अनुच्छेद 330 के तहत लोकसभा में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षण दिया गया है।

उत्तर.  भारतीय संविधान के अनुच्छेद 330 के तहत लोकसभा में अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए आरक्षण दिया गया है।

उत्तर. महिला के साथ यौन शोषण यानि बलात्कार करने के आरोपी पर धारा 376 के तहत मुकदमा चलाया जाता है। किसी भी महिला से बलात्कार किया जाना भारतीय कानून के तहत गंभीर श्रेणी में आता है। इस अपराध को अंजाम देने वाले दोषी को कड़ी सजा का प्रावधान है। इस अपराध के लिये भारतीय दंड संहिता में धारा 376 व 375 के तहत फांसी तक की सजा का प्रावधान है।

उत्तर. महिला के साथ यौन शोषण यानि बलात्कार करने के आरोपी पर धारा 376 के तहत मुकदमा चलाया जाता है। किसी भी महिला से बलात्कार किया जाना भारतीय कानून के तहत गंभीर श्रेणी में आता है। इस अपराध को अंजाम देने वाले दोषी को कड़ी सजा का प्रावधान है। इस अपराध के लिये भारतीय दंड संहिता में धारा 376 व 375 के तहत फांसी तक की सजा का प्रावधान है।

उत्तर. भारत की संचित निधि से। 

उत्तर. भारत की संचित निधि से। 

उत्तर: राष्ट्रपति को।
 

उत्तर: राष्ट्रपति को।
 

उत्तर: उत्तर प्रदेश के।

उत्तर: उत्तर प्रदेश के।

उत्तर: निर्वाचन आयोग।

उत्तर: निर्वाचन आयोग।

उत्तर: संविधानेतर इकाई।

उत्तर: संविधानेतर इकाई।

उत्तर: राज्यपाल।

उत्तर: राज्यपाल।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios