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14 साल की उम्र में हुई शादी 2 बच्चों से दूर रह की UPSC की तैयारी, IPS अफसर बन रच दिया इतिहास

First Published Jan 26, 2021, 4:55 PM IST
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करियर डेस्क. एक तरफ सरकार लड़कियों की शादी की कानून उम्र 18 वर्ष से 21 वर्ष करने पर विचार कर रही है, दूसरी ओर आज भी हमारे देश में बहुत छोटी उम्र में बच्चियों की शादी कर दी जाती है। ऐसे ही तमिलनाडु में एक 14 साल की बच्ची की शादी कर दी गई। उसने वैवाहिक जीवन को सबकुछ मान लिया। 14 साल की एन. अंबिका (N Ambika) की शादी एक पुलिस हवलदार से हो गई थी। गणतंत्र दिवस के मौक़े पर जब अम्बिका अपने पति के साथ परेड गईं तो अपने पति को बड़े अधिकारियों को सलाम करते देख वो थोड़ा हैरान रह गईं। अंबिका ने अपने पति से पूछा वह कौन थे आपने उन्हें सलाम क्यों किया? फिर पति ने बताया कि वो IPS अधिकारी थे। अधिकारी बनने के लिए एक बहुत बड़ी परीक्षा पास करनी होती है। बस फिर अंबिका ने ये परीक्षा पास करने की ठान ली। अब अंबिका ने कैसे परीक्षा पास की और अफसर बनीं? ये कहानी आज हम आपको सुना रहे हैं- 

एन. अंबिका (N Ambika) को पितृसत्ता ने सड़े रीति रिवाज़ के तले दबा दिया। 18 साल की उम्र में अम्बिका दो बेटियों की मां बन गईं। बावजूद इसके उन्होंने ख़ुद पर और अपने सपनों पर भरोसा किया। IPS अधिकारी बनने के लिए अंबिका ने सिविल सेवा परीक्षा पास करने की सोच ली। पर समस्या ये थी कि अंबिका मैट्रिक पास भी नहीं थी। 

एन. अंबिका (N Ambika) को पितृसत्ता ने सड़े रीति रिवाज़ के तले दबा दिया। 18 साल की उम्र में अम्बिका दो बेटियों की मां बन गईं। बावजूद इसके उन्होंने ख़ुद पर और अपने सपनों पर भरोसा किया। IPS अधिकारी बनने के लिए अंबिका ने सिविल सेवा परीक्षा पास करने की सोच ली। पर समस्या ये थी कि अंबिका मैट्रिक पास भी नहीं थी। 

अंबिका का स्कूल छूट चुका था। वह तो घर गृहस्थी संभाल रही थीं। एक स्कूल ड्रॉप-आउट अम्बिका के लिए ये मुश्किल ज़रूर था मगर नामुमकिन नहीं। अम्बिका ने एक प्राइवेट कोचिंग से 10वीं की परीक्षा दी और डिस्टेंस लर्निंग से स्नातक किया। 

अंबिका का स्कूल छूट चुका था। वह तो घर गृहस्थी संभाल रही थीं। एक स्कूल ड्रॉप-आउट अम्बिका के लिए ये मुश्किल ज़रूर था मगर नामुमकिन नहीं। अम्बिका ने एक प्राइवेट कोचिंग से 10वीं की परीक्षा दी और डिस्टेंस लर्निंग से स्नातक किया। 

साल 2008 में जब उन्हें यह सब नामुमकिन लग रहा था तब वो सफलता की ओर कदम बढ़ा रही थीं। वो फैसला कर चुकी थीं कि उन्हें ना सिर्फ इस परीक्षा में बैठना है बल्कि इसे पास भी करना है। इसलिए  इसके बाद जाकर वह आईपीएस अफसर बनने के सपने को साकार करने के काबिल बनीं।

साल 2008 में जब उन्हें यह सब नामुमकिन लग रहा था तब वो सफलता की ओर कदम बढ़ा रही थीं। वो फैसला कर चुकी थीं कि उन्हें ना सिर्फ इस परीक्षा में बैठना है बल्कि इसे पास भी करना है। इसलिए  इसके बाद जाकर वह आईपीएस अफसर बनने के सपने को साकार करने के काबिल बनीं।

अंबिका ने चेन्नई में रहकर सिविल सर्विस परीक्षा (Civil Services Exam)  की तैयारी करने का फैसला किया। इसमें पति ने उनका साथ दिया। जब अंबिका चेन्नई में रहकर तैयारी कर रही थीं तब उनके पति नौकरी के साथ दोनों बच्चों की देखभाल कर रहे थे। हालांकि, अंबिका के लिए यह सब इतना आसान नहीं था।

अंबिका ने चेन्नई में रहकर सिविल सर्विस परीक्षा (Civil Services Exam)  की तैयारी करने का फैसला किया। इसमें पति ने उनका साथ दिया। जब अंबिका चेन्नई में रहकर तैयारी कर रही थीं तब उनके पति नौकरी के साथ दोनों बच्चों की देखभाल कर रहे थे। हालांकि, अंबिका के लिए यह सब इतना आसान नहीं था।

पर सिविल सेवा परीक्षा पास करने में अंबिका का बहुत लंबा समय लग गया। IPS बनने के लिए वर्दी ने उनकी जमकर परीक्षा ली और वो लगातार तीन बार फेल हो गईं। परीक्षा न क्लियर होने पर उनके पति ने अंबिका को वापस घर लौटने को कहा।

पर सिविल सेवा परीक्षा पास करने में अंबिका का बहुत लंबा समय लग गया। IPS बनने के लिए वर्दी ने उनकी जमकर परीक्षा ली और वो लगातार तीन बार फेल हो गईं। परीक्षा न क्लियर होने पर उनके पति ने अंबिका को वापस घर लौटने को कहा।

लेकिन अंबिका वापस नहीं लौटीं और अपने पति से आखिरी बार एग्जाम देने की बात कही। ये अंबिका का आखिरी प्रयास था जब वो UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में चौथी बार पहुंची। और साल 2008 में अंबिका को मेहनत का फल मिल गया। वो पास होकर आईपीएस ऑफिसर (IPS Officer) बनकर घर लौटीं।  

लेकिन अंबिका वापस नहीं लौटीं और अपने पति से आखिरी बार एग्जाम देने की बात कही। ये अंबिका का आखिरी प्रयास था जब वो UPSC की सिविल सेवा परीक्षा में चौथी बार पहुंची। और साल 2008 में अंबिका को मेहनत का फल मिल गया। वो पास होकर आईपीएस ऑफिसर (IPS Officer) बनकर घर लौटीं।  

आईपीएस अधिकारी एन. अंबिका ऐसी ही शख्सियत हैं। उनकी कहानी नौजवानों के लिए प्रेरणा है। UPSC जैसी बड़ी परीक्षा को पास करने कैंडिडेट्स को डटकर मुकाबला करते हुए आगे बढ़ना है। आपकी मेहनत और लगन सच्ची तो किस्मत जरूर साथ देगी और सफलता आपकी होगी। 

आईपीएस अधिकारी एन. अंबिका ऐसी ही शख्सियत हैं। उनकी कहानी नौजवानों के लिए प्रेरणा है। UPSC जैसी बड़ी परीक्षा को पास करने कैंडिडेट्स को डटकर मुकाबला करते हुए आगे बढ़ना है। आपकी मेहनत और लगन सच्ची तो किस्मत जरूर साथ देगी और सफलता आपकी होगी। 

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