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बवाल होने पर सरकार इंटरनेट कैसे बंद कर देती है? IAS इंटरव्यू में पूछे ऐसे सवाल उड़ा देते हैं दिमाग की धज्जियां

First Published Sep 29, 2020, 2:56 PM IST
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करियर डेस्क. IAS interview questions/UPSC questions लाखों बच्चे और कैंडिडेट्स हर साल सिविल सेवा परीक्षा (Civil Services Exam) की तैयारी करते हैं। इस बार यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा (UPSC prelims exam 2020) 4 अक्टूबर को होना है। इस परीक्षा को पास करने के लिए बच्चे दिन-रात पढ़ाई करते हैं। पर सिविल सर्विस एग्जाम पास करने के लिए आपको दिमागी रूप से भी एडवांस और शॉर्प होना होता है। संघ लोक सेवा आयोग (Union Public Service Commission) एग्जाम के इंटरव्यू में ऐसे-ऐसे सवाल पूछे जाते हैं कि लोगों को पसीना आ जाए। जनरल नॉलेज के अलावा कई बार तर्कशक्ति परखने के भी सवाल पूछे जाते हैं। ये सवाल किसी के भी दिमाग की बत्ती जला देते हैं।  यूपीएससी की तीसरी स्टेज में जब Personality Test के लिए इंटरव्यू है तो अच्छे-अच्छों को पसीना आ जाता है।

 

बहरहाल यूपीएससी एग्जाम के बाद आईएएस में पूछे गए इन सवालों और उनके मजेदार जवाब (UPSC IAS Interview Tcricky Questions) को पढ़कर आपकी GK भी अच्छी हो जाएगी-  
 

जवाब: नमक

जवाब: नमक

जवाब. विधवा का रूप

जवाब. विधवा का रूप

उत्तर:  ये सवाल सिविल सेवा परीक्षा 2017 में 117वीं रैंक हासिल करने वाले सूरज कुमार राय से पूछा गया था। उन्होंने जवाब दिया,  Leader does the righ thing, and Manager does the thing rightly. (यानी लीडर सही चीज़ करता है जबकि मैनेजर चीज़ को सही तरीके से करता है।) बोर्ड ने आगे कहा अपने उत्तर को स्पष्ट करें। तो सूरज ने कहा कि दोनों का काम एक दूसरे से काफी मिलता जुलता होता है लेकिन लीडर दिशा दिखाता है, एक मार्गदर्शक के तौर पर काम करता है, वह अपने फोलोवर्स को प्रेरित करता है और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता है। उन पर अपना प्रभाव छोड़ता है।

 

और जो मैनेजर होता है कि उसका काम थोड़ा था डिटेल्ड होता है। वह कभी-कभी छोटे-छोटे काम भी करता है। योजना भी बनाता है और आयोजन भी करता है। लक्ष्य को दिशा देता है। व्यवस्था में प्रबंधन व समन्वय स्थापित करता है। 

 

जवाब सुनकर सूरज से पूछा गया तुम क्या बनना चाहोगे, लीडर या मैनेजर? उन्होंने उत्तर दिया कि मैं एडमिनिस्ट्रेटर बनना चाहूंगा। इस सवाल का जवाब देने से उनका आईएएस में सलेक्शन हो गया था। '

उत्तर:  ये सवाल सिविल सेवा परीक्षा 2017 में 117वीं रैंक हासिल करने वाले सूरज कुमार राय से पूछा गया था। उन्होंने जवाब दिया,  Leader does the righ thing, and Manager does the thing rightly. (यानी लीडर सही चीज़ करता है जबकि मैनेजर चीज़ को सही तरीके से करता है।) बोर्ड ने आगे कहा अपने उत्तर को स्पष्ट करें। तो सूरज ने कहा कि दोनों का काम एक दूसरे से काफी मिलता जुलता होता है लेकिन लीडर दिशा दिखाता है, एक मार्गदर्शक के तौर पर काम करता है, वह अपने फोलोवर्स को प्रेरित करता है और लक्ष्य तक पहुंचने के लिए उन्हें प्रोत्साहित करता है। उन पर अपना प्रभाव छोड़ता है।

 

और जो मैनेजर होता है कि उसका काम थोड़ा था डिटेल्ड होता है। वह कभी-कभी छोटे-छोटे काम भी करता है। योजना भी बनाता है और आयोजन भी करता है। लक्ष्य को दिशा देता है। व्यवस्था में प्रबंधन व समन्वय स्थापित करता है। 

 

जवाब सुनकर सूरज से पूछा गया तुम क्या बनना चाहोगे, लीडर या मैनेजर? उन्होंने उत्तर दिया कि मैं एडमिनिस्ट्रेटर बनना चाहूंगा। इस सवाल का जवाब देने से उनका आईएएस में सलेक्शन हो गया था। '

जवाब: ये सवाल एक IAS कैंडिडेट से पूछा गया था उसने जवाब दिया, सर, हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है इसलिए सबसे पहले बेरोजगारों के लिए नौकरी के मौके उपलब्ध कराउंगा। हमारे देश में बहुत सारे ऐसे युवा हैं जो उच्च शिक्षा लेने के बावजूद बेरोजगार घूम रहे हैं। दूसरा शिक्षा के अधिकार को विभिन्न स्कॉलरशिप कार्यक्रमों के जरिए बढ़ावा दूंगा, खासकर लड़कियों के लिए जिससे मां-बाप उन्हें स्कूल भेज सकें। 

जवाब: ये सवाल एक IAS कैंडिडेट से पूछा गया था उसने जवाब दिया, सर, हमारे देश की सबसे बड़ी समस्या बेरोजगारी है इसलिए सबसे पहले बेरोजगारों के लिए नौकरी के मौके उपलब्ध कराउंगा। हमारे देश में बहुत सारे ऐसे युवा हैं जो उच्च शिक्षा लेने के बावजूद बेरोजगार घूम रहे हैं। दूसरा शिक्षा के अधिकार को विभिन्न स्कॉलरशिप कार्यक्रमों के जरिए बढ़ावा दूंगा, खासकर लड़कियों के लिए जिससे मां-बाप उन्हें स्कूल भेज सकें। 

जवाब: एवरेज बंदूक की गोली की स्पीड 2500 फीट पर सेकंड होती है। लगभग 1700 मील प्रति घंटे के हिसाब से। 

जवाब: एवरेज बंदूक की गोली की स्पीड 2500 फीट पर सेकंड होती है। लगभग 1700 मील प्रति घंटे के हिसाब से। 

जवाब: पृथ्वी एक निर्धारित गति से अपनी धुरी पर घूम रही है और हम भी उसके साथ उसी गति से घूम रहें हैं,इसीलिए हमें हमारा घूमना महसूस नहीं होता है । अगर पृथ्वी घूमना बंद कर दे तो निश्चित ही हम उसकी गति महसूस कर पायेंगे। पृथ्वी अपनी धुरी पर फाइटर प्लेन की लगभग दुगुनी होती है (1600kph) यह बहुत तेज गति से दौड़ रही होती है। अत: पृथ्वी के एक गति से अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण ही हम उस घूमने को महसूस नहीं कर पाते क्योंकि हम भी उसी गति से पृथ्वी के साथ घूम रहें है।

जवाब: पृथ्वी एक निर्धारित गति से अपनी धुरी पर घूम रही है और हम भी उसके साथ उसी गति से घूम रहें हैं,इसीलिए हमें हमारा घूमना महसूस नहीं होता है । अगर पृथ्वी घूमना बंद कर दे तो निश्चित ही हम उसकी गति महसूस कर पायेंगे। पृथ्वी अपनी धुरी पर फाइटर प्लेन की लगभग दुगुनी होती है (1600kph) यह बहुत तेज गति से दौड़ रही होती है। अत: पृथ्वी के एक गति से अपने अक्ष पर घूर्णन के कारण ही हम उस घूमने को महसूस नहीं कर पाते क्योंकि हम भी उसी गति से पृथ्वी के साथ घूम रहें है।

उत्तर: डिनर, रात का खाना।

उत्तर: डिनर, रात का खाना।

जवाब: 525600 मिनट

 

जवाब: 525600 मिनट

 

इस सवाल का जवाब है: मई शहर का नाम है।

इस सवाल का जवाब है: मई शहर का नाम है।

जवाब: 17 से 30 हजार बार।
 

जवाब: 17 से 30 हजार बार।
 

जवाब:  अगर रेल की पटरियों पर करंट लगा दिया जाए तो सबसे पहला सवाल दिमाग में यही उठेगा कि दूर तलक पटरी को छूकर किसी को करंट लग सकता है?

 

लेकिन ऐसा नहीं है करंट ज्यादा दूर तक नहीं फैलेगा क्योंकि पटरियों जमीन से कनेक्ट होती हैं, Earthing system के कारण करंट ज्यादा दूर तक नहीं फैल पाएगा। हालांकि जहां करंट छोड़ा गया है वहां मौजूद लोगों को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है। 

जवाब:  अगर रेल की पटरियों पर करंट लगा दिया जाए तो सबसे पहला सवाल दिमाग में यही उठेगा कि दूर तलक पटरी को छूकर किसी को करंट लग सकता है?

 

लेकिन ऐसा नहीं है करंट ज्यादा दूर तक नहीं फैलेगा क्योंकि पटरियों जमीन से कनेक्ट होती हैं, Earthing system के कारण करंट ज्यादा दूर तक नहीं फैल पाएगा। हालांकि जहां करंट छोड़ा गया है वहां मौजूद लोगों को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है। 

जवाब. कुछ नहीं होगा ,आप दोनों के नाम बदल लेंगे,दिन को रात,रात को दिन कहना शुरू कर देंगे।

जवाब. कुछ नहीं होगा ,आप दोनों के नाम बदल लेंगे,दिन को रात,रात को दिन कहना शुरू कर देंगे।

जवाब. सरकार इंटरनेट सर्विस प्रोपाइडर्स (ISP) को निर्देश देती है कि वो इंटरनेट सप्लाई बंद कर दे। और अगर सरकारी टेलिकॉम कंपनी है तो कंट्रोल सरकार के अपने हाथ में होता है। प्राइवेट कंपनियों की भी लाइसेंसिग सरकार से ही होती है।

जवाब. सरकार इंटरनेट सर्विस प्रोपाइडर्स (ISP) को निर्देश देती है कि वो इंटरनेट सप्लाई बंद कर दे। और अगर सरकारी टेलिकॉम कंपनी है तो कंट्रोल सरकार के अपने हाथ में होता है। प्राइवेट कंपनियों की भी लाइसेंसिग सरकार से ही होती है।

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