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Success Story: फॉर्म में एक छोटी सी गलती से रद्द हुआ UPSC इंटरव्यू, फिर कैसे अगले साल IAS बना ये लड़का

First Published Mar 19, 2021, 2:11 PM IST
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करियर डेस्क. दोस्तों, इस साल UPSC की सिविल सेवा परीक्षा 2021 तीन महीने बाद जून में होनी है। इसके लिए कैंडिडेट्स तैयारी में जुटे हैं। कई बार आपने ऐसे कैंडिडेट्स की स्टोरीज सुनी होंगी जो पहली बार में सफल नहीं हो पाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सुना है की UPSC ने इंटरव्यू से 10 दिन पहले किसी उम्मीदवार का आवेदन रद्द कर दिया हो? ऐसा हुआ झांसी के रहने वाले अनुज प्रताप सिंह (IAS Anuj Pratap Singh) के साथ। अपने एप्लीकेशन फॉर्म में गलत डेट ऑफ़ बर्थ भरने की वजह से इंटरव्यू से 10 दिन पहले अनुज का आवेदन रद्द कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने UPSC के इस फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में केस फाइल किया। हालांकि उन्होंने अपने IAS बनने के सपने को जीवित रखा और तमाम परेशानियों के बीच भी अपनी तैयारी करते रहे। आइये जानते हैं अनुज प्रताप सिंह के संघर्ष और सफलता की कहानी-

अनुज ने अपना पहला एटेम्पट 2016 में दिया था जिसमे वह इंटरव्यू स्टेज तक पहुंच गए थे। लेकिन सिलेक्शन लिस्ट में जगह नहीं मिली। इसके बाद 2017 में उन्होने फिर कोशिश की। और एक बार फिर प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास कर ली। अभी अनुज इंटरव्यू की तैयारी कर ही रहे थे की इंटरव्यू से ठीक 10 दिन पहले उन्हें UPSC की ओर से एक पत्र मिला जिसमे उनका कैंडिडेचर रद्द किये जाने की बात लिखी थी। पत्र के अनुसार अनुज ने DAF भरते समय अपना डेट ऑफ़ बर्थ 30 मार्च 1991 की जगह 31 मार्च 1991 भर दिया था। इसी की वजह से उन्हें परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया।

 

अनुज ने अपना पहला एटेम्पट 2016 में दिया था जिसमे वह इंटरव्यू स्टेज तक पहुंच गए थे। लेकिन सिलेक्शन लिस्ट में जगह नहीं मिली। इसके बाद 2017 में उन्होने फिर कोशिश की। और एक बार फिर प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास कर ली। अभी अनुज इंटरव्यू की तैयारी कर ही रहे थे की इंटरव्यू से ठीक 10 दिन पहले उन्हें UPSC की ओर से एक पत्र मिला जिसमे उनका कैंडिडेचर रद्द किये जाने की बात लिखी थी। पत्र के अनुसार अनुज ने DAF भरते समय अपना डेट ऑफ़ बर्थ 30 मार्च 1991 की जगह 31 मार्च 1991 भर दिया था। इसी की वजह से उन्हें परीक्षा से निष्कासित कर दिया गया।

 

UPSC के फैसले के खिलाफ कोर्ट में की अपील

 

UPSC के फैसले के खिलाफ अनुज ने केंद्रीय प्रशासन न्याधिकरण (CAT) में अपील दाखिल की। सीएटी ने अंतरिम आदेश जारी कर उन्हें इंटरव्यू देने की अनुमति दे दी परन्तु फाइनल लिस्ट में नाम आने के बावजूद उनका रिजल्ट रोक दिया गया। अनुज बताते हैं कि वह समय उनके लिए सबसे तनावपूर्ण रहा क्योंकि IAS बनने के बावजूद वह सर्विस ज्वाइन नहीं कर सके थे। लेकिन अनुज ने हार नहीं मानी और इस रिजल्ट के खिलाफ कोर्ट में केस फाइल किया। साथ ही एक अन्य साल न बर्बाद करते हुए 2018 की परीक्षा के लिए तैयारी करते रहे।

UPSC के फैसले के खिलाफ कोर्ट में की अपील

 

UPSC के फैसले के खिलाफ अनुज ने केंद्रीय प्रशासन न्याधिकरण (CAT) में अपील दाखिल की। सीएटी ने अंतरिम आदेश जारी कर उन्हें इंटरव्यू देने की अनुमति दे दी परन्तु फाइनल लिस्ट में नाम आने के बावजूद उनका रिजल्ट रोक दिया गया। अनुज बताते हैं कि वह समय उनके लिए सबसे तनावपूर्ण रहा क्योंकि IAS बनने के बावजूद वह सर्विस ज्वाइन नहीं कर सके थे। लेकिन अनुज ने हार नहीं मानी और इस रिजल्ट के खिलाफ कोर्ट में केस फाइल किया। साथ ही एक अन्य साल न बर्बाद करते हुए 2018 की परीक्षा के लिए तैयारी करते रहे।

कोर्ट केस के साथ-साथ करते रहे परीक्षा की तैयारी

 

हाई कोर्ट ने अनुज की अर्जी खारिज कर दी थी परन्तु फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की। अनुज बताते हैं कि निराश हो कर बैठने की नहीं सोची। उनके मन में लक्ष्य साफ़ था और वह इसके लिए हर मुमकिन प्रयास करना चाहते थे। वह कोर्ट केस के साथ-साथ अगले साल की परीक्षा के लिए पढ़ते रहे और इस बार भी प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास की।

 

कोर्ट केस के साथ-साथ करते रहे परीक्षा की तैयारी

 

हाई कोर्ट ने अनुज की अर्जी खारिज कर दी थी परन्तु फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की। अनुज बताते हैं कि निराश हो कर बैठने की नहीं सोची। उनके मन में लक्ष्य साफ़ था और वह इसके लिए हर मुमकिन प्रयास करना चाहते थे। वह कोर्ट केस के साथ-साथ अगले साल की परीक्षा के लिए पढ़ते रहे और इस बार भी प्रीलिम्स और मेंस परीक्षा पास की।

 

तीसरे प्रयास में बनें IAS

 

अपने इस फेज़ के बारे में अनुज कहते हैं कि एंग्जायटी, स्ट्रेस क्या होता है ये मुझे अब पता चलना शुरू हुआ था, जो तैयारी के दैरान कभी नहीं हुआ। तमाम परेशानियों का सामना करते हुए अनुज आगे बढ़ते रहे। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और वहाँ भी अनुज की अपील को ख़ारिज कर दिया गया। अब अनुज के पास केवल एक ही विकल्प बचा था और वह अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहे। 2018 में उनकी  मेहनत रंग लाई और अनुज ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली।

तीसरे प्रयास में बनें IAS

 

अपने इस फेज़ के बारे में अनुज कहते हैं कि एंग्जायटी, स्ट्रेस क्या होता है ये मुझे अब पता चलना शुरू हुआ था, जो तैयारी के दैरान कभी नहीं हुआ। तमाम परेशानियों का सामना करते हुए अनुज आगे बढ़ते रहे। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया और वहाँ भी अनुज की अपील को ख़ारिज कर दिया गया। अब अनुज के पास केवल एक ही विकल्प बचा था और वह अपने लक्ष्य के लिए मेहनत करते रहे। 2018 में उनकी  मेहनत रंग लाई और अनुज ने सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली।

UPSC कैंडिडेट्स के लिए अनुज की सलाह

 

अपनी गलती से सबक लेते हुए अनुज कहते हैं की आपकी एक छोटी सी गलती आपका जीवन बदल सकती है। धैर्य रख कर आगे बढ़ते रहना ही समझदारी है। वे कहते हैं कि जीवन में मौका और मुश्किलें एक साथ आती हैं, आपको इन्हें कैसे संभालना है यह आपको तय करना है। अपने परिवार को हमेशा साथ लेकर चलिए क्योंकि उनका सपोर्ट लाइफ में बहुत जरूरी होता है। साथ ही वह कहते हैं कि हार्डवर्क का कोई विकल्प नहीं होता। अगर, आप मेहनत  कर रहे हैं तो सफलता ज़रूर मिलेगी।

UPSC कैंडिडेट्स के लिए अनुज की सलाह

 

अपनी गलती से सबक लेते हुए अनुज कहते हैं की आपकी एक छोटी सी गलती आपका जीवन बदल सकती है। धैर्य रख कर आगे बढ़ते रहना ही समझदारी है। वे कहते हैं कि जीवन में मौका और मुश्किलें एक साथ आती हैं, आपको इन्हें कैसे संभालना है यह आपको तय करना है। अपने परिवार को हमेशा साथ लेकर चलिए क्योंकि उनका सपोर्ट लाइफ में बहुत जरूरी होता है। साथ ही वह कहते हैं कि हार्डवर्क का कोई विकल्प नहीं होता। अगर, आप मेहनत  कर रहे हैं तो सफलता ज़रूर मिलेगी।

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