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दहेज में ससुर देंगे बंगला तो क्या करोगे? IAS इंटरव्यू में कुंवारे लड़के से पूछा गया इतना पर्सनल सवाल, फिर...

First Published Nov 11, 2020, 1:19 PM IST
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करियर डेस्क: देश में सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा (Most toughest Exam UPSC) यूपीएससी एग्जाम (UPSC Exam) को लेकर युवाओं में अलग तरह का ही क्रेज होता है। हर साल लाखों बच्चे सिविल सर्विस परीक्षा (Civil Services Exam) पास करके आईएएस-आईपीएस अधिकारी (IAS-IPS Officer) बनने का सपना देखते हैं। पर देश में भले नेता बनना आसान हो लेकिन अफसर बनने के लिए UPSC के लक्ष्य को भेदना पड़ता है। अफसर बनने के लिए कैंडिडेट्स को तपस्वी की तरह तैयारी करनी होती है और फिर परीक्षाएं देनी पड़ती हैं। UPSC एग्जाम के साथ-साथ इंटरव्यू क्लियर करना भी जरूरी होता है। अधिकारियों द्वारा पूछे गए ऐसे तीखे, चुनौतीपूर्ण सवालों का जवाब देकर ही तो लोग अफसर बनते हैं। ये भी सच है कि UPSC इंटरव्यू में अच्छे-अच्छे फेल हो जाते हैं। इसलिए हम आपको कुछ ट्रिकी सवाल बताएंगे जिनके जवाब आपको सोचने को मजबूर कर देंगे। 

जवाब- Wrong

जवाब- Wrong

जवाब: पुलिस आग नहीं बुझाती है, इसके लिए फायर ब्रिगेड को बुलाना चाहिए।

जवाब: पुलिस आग नहीं बुझाती है, इसके लिए फायर ब्रिगेड को बुलाना चाहिए।


उत्तर: नांग डू नॉट पंच मी (Naag Do not punch Me)
 


उत्तर: नांग डू नॉट पंच मी (Naag Do not punch Me)
 

उत्तर: कमरा नंबर तीन, क्योंकि तीन साल से भूखे, शेर अब तक मर चुके होंगे।

उत्तर: कमरा नंबर तीन, क्योंकि तीन साल से भूखे, शेर अब तक मर चुके होंगे।

जवाब: जब घड़ी में 11 बजते हैं तब 12-1 जोड़ने पर 1 बज जाता है। इस सवाल को देख लोग गणित के गुणा भाग करने लगते हैं लेकिन जवाब देख हंसी छूट जाती है अरे इतना सिंपल।

जवाब: जब घड़ी में 11 बजते हैं तब 12-1 जोड़ने पर 1 बज जाता है। इस सवाल को देख लोग गणित के गुणा भाग करने लगते हैं लेकिन जवाब देख हंसी छूट जाती है अरे इतना सिंपल।

जवाब. शरीर विज्ञान की अगर बात करें तो इसमें ऐसा कहा गया है कि बाल और नाखून मृत कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। डेड सेल्स से बनने की वजह से ये बेजान होते हैं और इन्हें काटने पर हमें दर्द नहीं होता है।

जवाब. शरीर विज्ञान की अगर बात करें तो इसमें ऐसा कहा गया है कि बाल और नाखून मृत कोशिकाओं से मिलकर बने होते हैं। डेड सेल्स से बनने की वजह से ये बेजान होते हैं और इन्हें काटने पर हमें दर्द नहीं होता है।

जवाब: परछाई

जवाब: परछाई

जवाब. IAS सौरभ कुमार ने कहा, भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में आईएस अफसर के पास और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सिविल सेवाओं में आने से पहले यह पता होना चाहिए कि हमें राजनेताओं के साथ काम करना होगा। यह जिम्मेदारी है किसी भी आईएएस ऑफिसर की अगर किसी नेता को किसी विषय के बारे में पूर जानकारी नहीं है तो वह उसे पूरी जानकारी दे। उसे बताए कि क्या सही है और क्या गलत। जो आईएएस अफसर होता है वो रूल्स एंड लॉ के तहत काम करता है किसी राजनेता के निजी नियमों के तहत नहीं। हम जब भी काम करेंगे तो रूल्स व लॉ के हिसाब से काम करेंगे।

जवाब. IAS सौरभ कुमार ने कहा, भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में आईएस अफसर के पास और कोई दूसरा विकल्प नहीं है। सिविल सेवाओं में आने से पहले यह पता होना चाहिए कि हमें राजनेताओं के साथ काम करना होगा। यह जिम्मेदारी है किसी भी आईएएस ऑफिसर की अगर किसी नेता को किसी विषय के बारे में पूर जानकारी नहीं है तो वह उसे पूरी जानकारी दे। उसे बताए कि क्या सही है और क्या गलत। जो आईएएस अफसर होता है वो रूल्स एंड लॉ के तहत काम करता है किसी राजनेता के निजी नियमों के तहत नहीं। हम जब भी काम करेंगे तो रूल्स व लॉ के हिसाब से काम करेंगे।

जवाब: इसके दो तरीके हैं- रेड वॉटर हारवेस्टिंग दूसरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट।

जवाब: इसके दो तरीके हैं- रेड वॉटर हारवेस्टिंग दूसरा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट।

जवाब. बिहार के IRAS अधिकारी आदित्य झा से इंटरव्यू में ये सवाल एक मॉक इंटरव्यू में पूछा गया था। आदित्य ने सवाल सुनकर पहले कहा, अगर ये बड़ा सा बंगला है और वो अपनी खुशी से अपनी बेटी को देना चाहते हैं तो मैं इस बारे में अपनी धर्मपत्नी से बात करके फैसला लूंगा कि ये लिया जाए या नहीं। हालांकि दहेज लेना या देना हमारे समाज में अपराध है और गलत भी है।इंटरव्यू बोर्ड आदित्य के इस जवाब से खुश नहीं हुआ था।

जवाब. बिहार के IRAS अधिकारी आदित्य झा से इंटरव्यू में ये सवाल एक मॉक इंटरव्यू में पूछा गया था। आदित्य ने सवाल सुनकर पहले कहा, अगर ये बड़ा सा बंगला है और वो अपनी खुशी से अपनी बेटी को देना चाहते हैं तो मैं इस बारे में अपनी धर्मपत्नी से बात करके फैसला लूंगा कि ये लिया जाए या नहीं। हालांकि दहेज लेना या देना हमारे समाज में अपराध है और गलत भी है।इंटरव्यू बोर्ड आदित्य के इस जवाब से खुश नहीं हुआ था।

जवाब: ये सवाल एक आईएएस कैंडिडेट से पूछा गया था उसने बहुत ही समझदारी से इसका जवाब दिया। उसने कहा- डैम बनाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले वहां के आदिवासी और स्थानीय लोगों से मिलकर बात की जानी चाहिए। ताकि उन्हें बताया जा सके कि डैम बनने उनके लिए कितना लाभदायक होगा इससे इतने लोगों को पानी मिलेगा रोजगार मिलेगा।
 

जवाब: ये सवाल एक आईएएस कैंडिडेट से पूछा गया था उसने बहुत ही समझदारी से इसका जवाब दिया। उसने कहा- डैम बनाने की प्रक्रिया शुरू करने से पहले वहां के आदिवासी और स्थानीय लोगों से मिलकर बात की जानी चाहिए। ताकि उन्हें बताया जा सके कि डैम बनने उनके लिए कितना लाभदायक होगा इससे इतने लोगों को पानी मिलेगा रोजगार मिलेगा।
 

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