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आत्महत्या की धमकी देकर की थी इस एक्ट्रेस की बहन से कॉमेडियन ने शादी, कभी सड़कों पर बेचता था अंडे

First Published Sep 29, 2020, 11:58 AM IST
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मुंबई. मशहूर कॉमेडियन, एक्टर और डायरेक्टर महमूद अली (mehmood) की आज 88वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 29 सिंतबर, 1932 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता मुमताज अली उस समय थिएटर और स्टेज शो के लिए फेमस थे। महमूद इंडस्ट्री के उन चुनिंदा कलाकारों में से एक रहे जिन्होंने अपने टैलेंट का लोहा मनवाया। बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की। उनके कई किस्से मशहूर हैं। जिस तरह से महमूद फिल्मों में लोगों को गुदगुदाने और हंसाने का काम करते थे, ठीक उनके फिल्मों में आने का वाकया भी मजेदार था। 

<p>महमूद ने मीना कुमारी की बहन मधु से पहली शादी की जिनसे उन्हें चार बेटे हुए, उन्होंने दूसरी शादी ट्रेसी अली से की। ट्रेसी से शादी के बाद उन्हें दो बेटा और एक बेटी हुई। महमूद ने अपने पूरे परिवार वालों के साथ मिलकर 'एक बाप छह बेटे' फिल्म बनाई।</p>

महमूद ने मीना कुमारी की बहन मधु से पहली शादी की जिनसे उन्हें चार बेटे हुए, उन्होंने दूसरी शादी ट्रेसी अली से की। ट्रेसी से शादी के बाद उन्हें दो बेटा और एक बेटी हुई। महमूद ने अपने पूरे परिवार वालों के साथ मिलकर 'एक बाप छह बेटे' फिल्म बनाई।

<p>महमूद के संघर्ष के दिनों में उस दौर की फेमस एक्ट्रेस मीना कुमारी को टेनिस सिखाने की नौकरी मिली थी। टेनिस सिखाते-सिखाते मीना कुमारी की छोटी बहन मधु पर महमूद का दिल आ गया और सुसाइड की धमकी देकर मधु से शादी की।</p>

महमूद के संघर्ष के दिनों में उस दौर की फेमस एक्ट्रेस मीना कुमारी को टेनिस सिखाने की नौकरी मिली थी। टेनिस सिखाते-सिखाते मीना कुमारी की छोटी बहन मधु पर महमूद का दिल आ गया और सुसाइड की धमकी देकर मधु से शादी की।

<p>महमूद इकलौते एक्टर थे जिनकी फोटो फिल्म के पोस्टर पर हीरो के साथ हुआ करती थी। डायरेक्टर को ये पता होता था कि अगर फिल्म को हिट करवाना है तो फिल्म में महमूद को लेना और उनका प्रमोशन करना जरूरी है।</p>

महमूद इकलौते एक्टर थे जिनकी फोटो फिल्म के पोस्टर पर हीरो के साथ हुआ करती थी। डायरेक्टर को ये पता होता था कि अगर फिल्म को हिट करवाना है तो फिल्म में महमूद को लेना और उनका प्रमोशन करना जरूरी है।

<p>घर की हालत ठीक न होने के कारण महमूद को अंडे बेचने से लेकर टैक्सी चलाने तक का काम करना पड़ा। लेकिन वे संघर्ष करते रहे और बॉलीवुड में अपना मुकाम बनाने में कामयाब हुए।</p>

घर की हालत ठीक न होने के कारण महमूद को अंडे बेचने से लेकर टैक्सी चलाने तक का काम करना पड़ा। लेकिन वे संघर्ष करते रहे और बॉलीवुड में अपना मुकाम बनाने में कामयाब हुए।

<p>महमूद को पहली बार 1943 में बॉम्बे टॉकीज की फिल्म किस्मत में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म से महमूद के करियर ने रफ्तार पकड़ी और वे अपने करोड़ों फैन्स बनाने में कामयाब हुए।<br />
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महमूद को पहली बार 1943 में बॉम्बे टॉकीज की फिल्म किस्मत में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म से महमूद के करियर ने रफ्तार पकड़ी और वे अपने करोड़ों फैन्स बनाने में कामयाब हुए।
 

<p>महमूद स्वाभिमानी बहुत थे। मीना कुमारी ने मशहूर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर बीआर चोपड़ा से कहा कि आप फिल्म में महमूद को जरूर रोल दीजिए। जब इस सिफरिश का महमूद को पता चला तो, उन्होंने साफ मना कर दिया और फिल्म से बाहर हो गए। महमूद अपने स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। वे नहीं चाहते थे किसी सिफारिश की वजह से उन्हें काम मिले। बाद में एक्टर- प्रोड्यूसर और डायरेक्टर गुरुदत्त के साथ उनकी ट्यूनिंग बनी। गुरुदत्त की फिल्म प्यासा में महमूद को एक छोटा सा रोल मिल गया।&nbsp;</p>

महमूद स्वाभिमानी बहुत थे। मीना कुमारी ने मशहूर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर बीआर चोपड़ा से कहा कि आप फिल्म में महमूद को जरूर रोल दीजिए। जब इस सिफरिश का महमूद को पता चला तो, उन्होंने साफ मना कर दिया और फिल्म से बाहर हो गए। महमूद अपने स्वाभिमान को ठेस नहीं पहुंचाना चाहते थे। वे नहीं चाहते थे किसी सिफारिश की वजह से उन्हें काम मिले। बाद में एक्टर- प्रोड्यूसर और डायरेक्टर गुरुदत्त के साथ उनकी ट्यूनिंग बनी। गुरुदत्त की फिल्म प्यासा में महमूद को एक छोटा सा रोल मिल गया। 

<p>बॉम्बे टू गोवा फिल्म से महमूद ने ही अमिताभ बच्चन को बड़ा ब्रेक दिया था। महमूद अमिताभ को बेटे की तरह मानते थे। लेकिन महमूद की मौत से कुछ साल पहले महमूद और अमिताभ के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। दरअसल एकबार अमिताभ पिता हरिवंश राय को लेकर मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल गए थे। वहां पर महमूद भी एडमिट थे। तब उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। महमूद ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ये जानते हुए कि मैं वहां एडमिट हूं, अमिताभ मुझसे मिलने नहीं आए।&nbsp;</p>

बॉम्बे टू गोवा फिल्म से महमूद ने ही अमिताभ बच्चन को बड़ा ब्रेक दिया था। महमूद अमिताभ को बेटे की तरह मानते थे। लेकिन महमूद की मौत से कुछ साल पहले महमूद और अमिताभ के रिश्तों में कड़वाहट आ गई थी। दरअसल एकबार अमिताभ पिता हरिवंश राय को लेकर मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल गए थे। वहां पर महमूद भी एडमिट थे। तब उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। महमूद ने एक इंटरव्यू में बताया था कि ये जानते हुए कि मैं वहां एडमिट हूं, अमिताभ मुझसे मिलने नहीं आए। 

<p>महमूद ने लगभग 300 फिल्मों में बतौर कॉमेडियन काम किया। 23 जुलाई 2004 को वे दुनिया छोड़ कर चले गए। महमूद की ये खूबी थी कि वे कभी किसी सीन की रिहर्सल नहीं करते थे, वे सीधे सेट पर जाकर लाइव सीन शूट करते थे।&nbsp;</p>

महमूद ने लगभग 300 फिल्मों में बतौर कॉमेडियन काम किया। 23 जुलाई 2004 को वे दुनिया छोड़ कर चले गए। महमूद की ये खूबी थी कि वे कभी किसी सीन की रिहर्सल नहीं करते थे, वे सीधे सेट पर जाकर लाइव सीन शूट करते थे। 

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