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मोहब्बत वाले दिन पैदा हुई इस एक्ट्रेस को कभी नहीं मिला सच्चा प्यार, घुट-घुटकर बीता था आखिरी वक्त

First Published Feb 14, 2021, 11:14 AM IST
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मुंबई. मोहब्बत वाले दिन यानी वेलेन्टाइन डे (valentine day ) पर बॉलीवुड की सबसे खूबसूरत एक्ट्रेसेस में शुमार रहीं मधुबाला (madhubala) का जन्म हुआ था। 14 फरवरी को प्यार का दिन माना जाता है, लेकिन मधुबाला ताउम्र सच्चे प्यार के लिए तरसती रही थीं। दिलीप कुमार से बेइंतहा मोहब्बत करने वाली मधुबाला का दिल एक गलती की वजह से टूट गया था। दिलीप कुमार (dilip kumar) की एक गवाही ने मधुबाला के दिल को ऐसी ठेस पहुंचाई की दोनों के रिश्ते में पड़ी दरार कभी खत्म नहीं हो पाई। इतना ही नहीं जब उन्होंने सिंगर किशोर कुमार (kishore kumar) से शादी की तब भी उन्हें पति का प्यार नसीब नहीं हुआ। किशोर ने शादी के बाद मधुबाला को धोखा दिया और अकेले घुट-घुटकर मरने के लिए छोड़कर चले गए थे।

मधुबाला की आज (14 फरवरी) 88वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 1933 में दिल्ली में अताउल्लाह खान और आयशा बेगम के घर में हुआ था। वो 11 भाई-बहनों में पांचवीं नंबर पर थीं। घर की जिम्मेदारी उठाने के लिए उन्होंने कम उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। 
 

मधुबाला की आज (14 फरवरी) 88वीं बर्थ एनिवर्सरी है। उनका जन्म 1933 में दिल्ली में अताउल्लाह खान और आयशा बेगम के घर में हुआ था। वो 11 भाई-बहनों में पांचवीं नंबर पर थीं। घर की जिम्मेदारी उठाने के लिए उन्होंने कम उम्र से ही काम करना शुरू कर दिया था। 
 

1942 में बसंत फिल्म से उन्होंने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। 9 साल की उम्र में उन्हें बेबी मुमताज का नाम दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि उनकी दोस्ती उस दौर की दूसरी प्रसिद्ध बाल कलाकार बेबी महजबीं से हो गई। बता दें कि बेबी मेहजबीं और कोई नहीं बल्कि मीना कुमारी ही थीं।

1942 में बसंत फिल्म से उन्होंने अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत की थी। 9 साल की उम्र में उन्हें बेबी मुमताज का नाम दिया गया। दिलचस्प बात यह है कि उनकी दोस्ती उस दौर की दूसरी प्रसिद्ध बाल कलाकार बेबी महजबीं से हो गई। बता दें कि बेबी मेहजबीं और कोई नहीं बल्कि मीना कुमारी ही थीं।

मधुबाला ने नील कमल से बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया था। मधुबाला का फिल्मी करियर बेहद सफल रहा लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ तकलीफों से भरी रही। मधुबाला ने 1949 में कमाल अमरोही की फिल्म महल में काम किया था, जो उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ था। 1951 में फिल्म तराना के सेट पर मधुबाला और दिलीप कुमार की मुलाकात हुई। और दोनों में प्यार हो गया। हालांकि, उनका यह प्यार मुकाम नहीं चक पहुंच पाया। 

मधुबाला ने नील कमल से बतौर लीड एक्ट्रेस डेब्यू किया था। मधुबाला का फिल्मी करियर बेहद सफल रहा लेकिन उनकी पर्सनल लाइफ तकलीफों से भरी रही। मधुबाला ने 1949 में कमाल अमरोही की फिल्म महल में काम किया था, जो उनके करियर का टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ था। 1951 में फिल्म तराना के सेट पर मधुबाला और दिलीप कुमार की मुलाकात हुई। और दोनों में प्यार हो गया। हालांकि, उनका यह प्यार मुकाम नहीं चक पहुंच पाया। 

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने एक इंटरव्यू में बताया था कि दिलीप कुमार से उनका रिश्ता बीआर चोपड़ा की फिल्म नया दौर के वजह से टूटा न कि उनके पिता अताउल्लाह खान की जिद से। नया दौर फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग कर चुकी मधुबाला को मेकर्स ने बाकी शूटिंग के लिए ग्वालियर भेजना चाहा। डकैत इलाका होने के चलते पिता ने मेकर्स से लोकेशन चेंज करने का आग्रह किया। जिसके लिए वे राजी नहीं हुए। तब पिता ने मधुबाला को फिल्म छोड़ने और मेकर्स के पैसे लौटाने के लिए कहा।

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने एक इंटरव्यू में बताया था कि दिलीप कुमार से उनका रिश्ता बीआर चोपड़ा की फिल्म नया दौर के वजह से टूटा न कि उनके पिता अताउल्लाह खान की जिद से। नया दौर फिल्म के कुछ हिस्सों की शूटिंग कर चुकी मधुबाला को मेकर्स ने बाकी शूटिंग के लिए ग्वालियर भेजना चाहा। डकैत इलाका होने के चलते पिता ने मेकर्स से लोकेशन चेंज करने का आग्रह किया। जिसके लिए वे राजी नहीं हुए। तब पिता ने मधुबाला को फिल्म छोड़ने और मेकर्स के पैसे लौटाने के लिए कहा।

आउटडोर शुटिंग पर न जाने के कारण बीआर चोपड़ा ने उनकी जगह वैजयंतीमाला को साइन कर लिया। मधुबाला की जगह वैजयंतीमाला को साइन किए जाने का यह मामला इतना बिगड़ा कि कोर्ट तक पहुंच गया। इस दौरान दिलीप कुमार ने फिल्म के डायरेक्टर का साथ दिया और मधुबाला के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। दिलीप कुमार की गवाही की वजह से न सिर्फ मधुबाला का दिल टूट बल्कि दोनों के रिश्तों में दरार आ गई।
 

आउटडोर शुटिंग पर न जाने के कारण बीआर चोपड़ा ने उनकी जगह वैजयंतीमाला को साइन कर लिया। मधुबाला की जगह वैजयंतीमाला को साइन किए जाने का यह मामला इतना बिगड़ा कि कोर्ट तक पहुंच गया। इस दौरान दिलीप कुमार ने फिल्म के डायरेक्टर का साथ दिया और मधुबाला के खिलाफ कोर्ट में गवाही दी। दिलीप कुमार की गवाही की वजह से न सिर्फ मधुबाला का दिल टूट बल्कि दोनों के रिश्तों में दरार आ गई।
 

दिलीप कुमार की गवाही के बाद दोनों के प्यार में कभी न मिटने वाली दूरी पैदा हो गई। हालांकि दोनों पहले से चल रही फिल्म मुगल-ए-आजम में साथ शूटिंग जरूर करते रहे थे, लेकिन साथ रहते हुए दोनों एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अजनबी बन गए। दिलीप कुमार के साथ प्यार में नाकामी मिलने के बाद मधुबाला ने किशोर कुमार के साथ शादी कर ली।

दिलीप कुमार की गवाही के बाद दोनों के प्यार में कभी न मिटने वाली दूरी पैदा हो गई। हालांकि दोनों पहले से चल रही फिल्म मुगल-ए-आजम में साथ शूटिंग जरूर करते रहे थे, लेकिन साथ रहते हुए दोनों एक-दूसरे के लिए बिल्कुल अजनबी बन गए। दिलीप कुमार के साथ प्यार में नाकामी मिलने के बाद मधुबाला ने किशोर कुमार के साथ शादी कर ली।

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने एक इंटरव्यू में बताया था- जब मधुबाला बीमार थीं और हम इलाज के लिए लंदन जाने की प्लानिंग कर रहे थे। उस दौरान किशोर कुमार ने उनको प्रपोज किया। पिता चाहते थे कि मधुबाला डॉक्टर्स की राय लें और पूरी तरह ठीक होने के बाद ही शादी करें। लेकिन दिलीप साहब के व्यवहार से गुस्साई मधुबाला ने तुरंत किशोर कुमार से शादी कर ली।

मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने एक इंटरव्यू में बताया था- जब मधुबाला बीमार थीं और हम इलाज के लिए लंदन जाने की प्लानिंग कर रहे थे। उस दौरान किशोर कुमार ने उनको प्रपोज किया। पिता चाहते थे कि मधुबाला डॉक्टर्स की राय लें और पूरी तरह ठीक होने के बाद ही शादी करें। लेकिन दिलीप साहब के व्यवहार से गुस्साई मधुबाला ने तुरंत किशोर कुमार से शादी कर ली।

उन्होंने बताया था- 27 साल की उम्र में 1960 में इनकी शादी हुई। जैसे ही डॉक्टर्स ने बताया कि वे ज्यादा दिनों तक नहीं जी पाएंगी, तब किशोर भाई ने मुंबई के कार्टर रोड में बंगला खरीद, उन्हें वहां नर्स और ड्राइवर के साथ छोड़ दिया। चार महीने में एक बार वे मिलने आया करते थे। उन्होंने मधुबाला का फोन उठाना भी बंद कर दिया था। किशोर भाई मधुबाला से बेइंतहा प्यार करते थे, लेकिन जैसे ही वह लंदन से आईं, उन्होंने मधुबाला को धोखा दे दिया। वह अच्छे पति नहीं थे। आखिरी वक्त मधुबाला ने घुट-घुटकर गुजारे थे। 

उन्होंने बताया था- 27 साल की उम्र में 1960 में इनकी शादी हुई। जैसे ही डॉक्टर्स ने बताया कि वे ज्यादा दिनों तक नहीं जी पाएंगी, तब किशोर भाई ने मुंबई के कार्टर रोड में बंगला खरीद, उन्हें वहां नर्स और ड्राइवर के साथ छोड़ दिया। चार महीने में एक बार वे मिलने आया करते थे। उन्होंने मधुबाला का फोन उठाना भी बंद कर दिया था। किशोर भाई मधुबाला से बेइंतहा प्यार करते थे, लेकिन जैसे ही वह लंदन से आईं, उन्होंने मधुबाला को धोखा दे दिया। वह अच्छे पति नहीं थे। आखिरी वक्त मधुबाला ने घुट-घुटकर गुजारे थे। 

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