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शादी के बाद फिल्मों में आई Dharmendra की ये हीरोइन, प्रेग्नेंसी में शूट के वक्त हुआ था खौफनाक हादसा
मुंबई. खूबसूरत चेहरा, जानदार अभिनय और दर्शकों का दिल जीतने वाली अदाएं, इन तमाम खूबियां वाली एक्ट्रेस का नाम है मौसमी चटर्जी (Moushumi Chatterjee)। मौसमी 73 साल की हो गई है। उनका जन्म 26 अप्रैल, 1948 को कोलकाता में हुआ था। मौसमी के बारे में कम ही लोग जानते हैं कि उन्होंने शादी के बाद फिल्मों में अपना करियर बनाया। जब वे 10वीं क्लास में पढ़ती थी तभी उनकी शादी हो गई थी। शादी के बाद उन्होंने बॉलीवुड फिल्मों में अपनी पहचान बनाई। 60 के दशक में अपना फिल्मी करियर शुरू करने वाली मौसमी ने 70 के दशक में कई हिट फिल्मों में काम किया। मौसमी ने अपने जमाने करीब-करीब हर सुपरस्टार के साथ काम किया। उन्होंने धर्मेंद्र, अमिताभ बच्चन, राजेश खन्ना, जीतेंद्र, शशि कपूर, ऋषि कपूर, विनोद मेहरा, संजीव कुमार, मनोज कुमार सहित अन्य स्टार्स के साथ स्क्रीन शेयर की।

मौसमी का असली नाम इंदिरा चटर्जी है। बंगाली फिल्म के डायरेक्टर तरुण मजूमदार से उनका नाम बदलकर मौसमी कर दिया था। मौसमी जितनी कम उम्र में फिल्मों में आई, उतनी ही जल्दी घर बसा लिया था। बता दें कि उनके पिता प्रांतोश चट्टोपाध्याय आर्मी में और दादा जी जज थे।
मौसमी को फिल्मों से इतना प्यार था कि उन्होंने महज 16 साल की उम्र में अपना फिल्मी करियर शुरू कर दिया था। उनकी पहली बंगला फिल्म बालिका बधू सुपरहिट साबित हुई थी। उसके बाद उन्होंने पहली हिंदी फिल्म अनुराग 1972 में की। उन्होंने जयंत मुखर्जी से शादी की थी, जो मशहूर बांग्ला सिंगर और प्रोड्यूसर हेमंत कुमार मुखोपाध्याय के बेटे हैं।
एक इंटरव्यू के दौरान मौसमी ने बताया था- फिल्म रोटी कपड़ा और मकान (1974) की शूटिंग के दौरान मैं प्रेग्नेंट थीं और मैंने रेप सरवाइवर तुलसी का किरदार निभाया था। इसके शूट के दौरान काफी मुश्किल हुई थी। इस दौरान मेरे साथ एक हादसा भी हो गया था जिसे मैं काफी डर गई थी।
उन्होंने बताया था- फिल्म शूट के दौरान उनके ऊपर ढेर सारा आटा गिर गया। अपनी हालत देखकर मौसमी चटर्जी रोने लगीं। उस वक्त मैं प्रेग्नेंट थीं और नीचे गिरने से ब्लीडिंग होने लगी थीं। मुझे तुरंत अस्पताल ले जाया गया। मैं खुशकिस्मत थी कि मैंने बच्चे को नहीं खोया।
मौसमी ने इंटरव्यू में बताया था- इस सीन की खूब चर्चा रही थी। लेकिन इसकी शूटिंग बहुत मुश्किल थी। सीन में विलेन को मेरा ब्लाउज खींचते दिखाया गया है। मुझे चिंता थी कि यह सीन कैसे शूट होगा। सीन के लिए मैंने दो ब्लाउज पहने थे और विलेन ने ऊपर वाला ब्लाउज खींचा था।
मौसमी ने यह भी बताया था- जिस वक्त वे रेप सीन की शूटिंग कर रही थीं, उस वक्त उनके बाल बहुत लंबे थे। शूटिंग के दौरान उनके ऊपर ढेर सारा आटा गिर था। आटा उनके बालों में चिपक गया था। अपनी हालत देखकर वे सेट पर फूट-फूट कर रोने लगीं थी।
मौसमी ने अपने करियर के दौरान सभी स्टार्स के साथ काम किया। 1974 में अमिताभ के साथ मौसमी ने 'बेनाम' में काम किया, लेकिन अमिताभ उस दौर में खुद भी संघर्ष कर रहे थे। ऐसे में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर पिट गई। इसी साल उन्होंने सुपरस्टार राजेश खन्ना के अपोजिट हमशक्ल में काम किया, लेकिन ये फिल्म भी नाकाम रही।
1982 में गुलजार की फिल्म अंगूर से मौसमी को बड़ी कामयाबी मिली। हालांकि, फिल्म की सफलता का श्रेय संजीव कुमार और देवेन वर्मा को मिला था। बतौर लीड एक्ट्रेस उन्होंने कर्तव्य (1995) में काम किया, इसके बाद वे फिल्मों में मां, भाभी जैसे किरदार निभाने लगी।
मौसमी के बारे में कहा जाता था कि वो बिना ग्लिसरीन के ही रो पड़ती थी। बिना ग्लिसरीन के ही रो पड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा था- हां ये सच है। ये भी ऊपरवाले का दिया हुआ एक वरदान है। जब किसी दृश्य में मुझे रोना होता था तो मैं सोचती थी कि ये मेरे साथ सच में हो रहा है और मैं रो पड़ती थी।
मौसमी ने 'कच्चे धागे', 'जहरीला इंसान', 'संतान', 'जल्लाद', 'करीब', 'जिंदगी रॉक्स स्वर्ग नरक', 'फूल खिले है गुलशन गुलशन', 'मांग भरो सजना', 'ज्योति बने ज्वाला', 'दासी', 'अंगूर', 'घर एक मंदिर', 'घायल, 'आवाज', 'ना तुम जानों न हम', 'पीकू' और 'आ अब लौट चलें' जैसी फिल्मों में काम किया है।
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