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कैंसर से हुई पत्नी की मौत से सदमे में आ गया था ये एक्टर, बीच समुंदर में जाकर खूब रोया, गम में बिताए इतने साल

First Published Sep 7, 2020, 11:26 AM IST
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मुंबई. बॉलीवुड के सबसे हैंडसम एक्टर शशि कपूर की पत्नी जेनिफर केंडल की आज 36वीं डेथ एनिवर्सरी है। उनका निधन कैंसर की वजह से 7 सितंबर, 1984 को हुआ था। हालांकि, अब शशि कपूर भी इस दुनिया में नहीं है। कपल की लव स्टोरी जितनी सुखद रही, उसका अंत कहीं ज्यादा दुखद रहा। पत्नी को खोने के गम में 31 साल तक शशि कपूर अकेलेपन का गम झेलते रहे। बता दें कि 1982 में पता चला था कि जेनिफर को कैंसर है। शशि कपूर ने मुंबई से लेकर लंदन तक के डॉक्टरों से इलाज कराया लेकिन वे पत्नी को बचा नहीं पाए। हालांकि, शशि कपूर भी अब इस दुनिया में नहीं है।

जेनिफर की मौत के बाद शशि पूरी तरह से टूट गए थे। वे इस गम में गोवा के बीच से एक बोट लेकर समुंदर के काफी अंदर तक चले गए थे और वहां खूब रोए थे। जेनिफर और शशि कपूर का साथ 28 साल तक का था। 

जेनिफर की मौत के बाद शशि पूरी तरह से टूट गए थे। वे इस गम में गोवा के बीच से एक बोट लेकर समुंदर के काफी अंदर तक चले गए थे और वहां खूब रोए थे। जेनिफर और शशि कपूर का साथ 28 साल तक का था। 

50 के दशक की बात जब शशि कपूर अपने पिता के साथ पृथ्वी थिएटर में काम करते थे। उस समय उनका एक प्ले का शो कोलकाता के थिएटर में चल रहा था। ये शो इतना पसंद आया था कि लोगों की डिमांड पर इसे आगे बढ़ाया गया। इसी दौरान एक विदेशी लड़की रोज प्ले देखने आया करती थी और आगे वाली कतार में बैठती थी। शशि इस लड़की को देखते ही अपना दिल उसे दे बैठे थे। दरअसल, ये लड़की और कोई नहीं जेनिफर केंडल थी, जो अपने पिता की नाटक मंडली शेक्सपिएराना के साथ पूर्वी एशिया की यात्रा पर आई थी। 

50 के दशक की बात जब शशि कपूर अपने पिता के साथ पृथ्वी थिएटर में काम करते थे। उस समय उनका एक प्ले का शो कोलकाता के थिएटर में चल रहा था। ये शो इतना पसंद आया था कि लोगों की डिमांड पर इसे आगे बढ़ाया गया। इसी दौरान एक विदेशी लड़की रोज प्ले देखने आया करती थी और आगे वाली कतार में बैठती थी। शशि इस लड़की को देखते ही अपना दिल उसे दे बैठे थे। दरअसल, ये लड़की और कोई नहीं जेनिफर केंडल थी, जो अपने पिता की नाटक मंडली शेक्सपिएराना के साथ पूर्वी एशिया की यात्रा पर आई थी। 

ग्रुप का नाटक भी इसी थिएटर में होना था जहां शशि अपने ग्रुप  के साथ प्ले कर रहे थे। लेकिन लोगों की डिमांड पर शशि का प्ले आगे बढ़ा दिया गया था, यही वजह थी कि जेनिफर के थिएटर ग्रुप को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था। इसी वजह से वे रोज प्ले देखने आती थी। शशि को जेनिफर इतनी पसंद आई कि उन्होंने उनसे मिलने के लिए अपने कजिन भाई शुभिराज से गुजारिश की थी।

ग्रुप का नाटक भी इसी थिएटर में होना था जहां शशि अपने ग्रुप  के साथ प्ले कर रहे थे। लेकिन लोगों की डिमांड पर शशि का प्ले आगे बढ़ा दिया गया था, यही वजह थी कि जेनिफर के थिएटर ग्रुप को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा था। इसी वजह से वे रोज प्ले देखने आती थी। शशि को जेनिफर इतनी पसंद आई कि उन्होंने उनसे मिलने के लिए अपने कजिन भाई शुभिराज से गुजारिश की थी।

दोनों की मुलाकात एक थिएटर में हुई। मुलाकात के दौरान शशि बेहद डरे हुए थे वहीं जेनिफर नॉर्मल थी। बाद में धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हुई। जेनिफर का ग्रुप शशि को प्ले देखने बुलाने लगा। शशि, जेनिफर की मंडली में भी शामिल हो गए। इस दौरान उन्होंने जेनिफर के साथ कई नाटकों में काम किया। 1957 में शशि ने जेनिफर के थिएटर ग्रुप के साथ सिंगापुर जाकर नाटक का मंचन किया। इसी दौरान दोनों करीब आए थे।

दोनों की मुलाकात एक थिएटर में हुई। मुलाकात के दौरान शशि बेहद डरे हुए थे वहीं जेनिफर नॉर्मल थी। बाद में धीरे-धीरे दोनों में दोस्ती हुई। जेनिफर का ग्रुप शशि को प्ले देखने बुलाने लगा। शशि, जेनिफर की मंडली में भी शामिल हो गए। इस दौरान उन्होंने जेनिफर के साथ कई नाटकों में काम किया। 1957 में शशि ने जेनिफर के थिएटर ग्रुप के साथ सिंगापुर जाकर नाटक का मंचन किया। इसी दौरान दोनों करीब आए थे।

शशि और जेनिफर का प्यार परवान चढ़ने लगा था। शशि ने जेनिफर के बारे में बड़े भाई शम्मी को बताया। शम्मी ने जेनिफर को घर लेकर आने को कहा। शशि, जेनिफर को लेकर शम्मी के घर पहुंचे। शम्मी की वाइफ गीता को जेनिफर पहली ही नजर में पसंद आ गई। शशि, पिता पृथ्वीराज कपूर से डरते थे और अपनी और जेनिफर की शादी की बात करने से घबराते थे। उन्होंने ये जिम्मेदारी शम्मी को सौंप दी। शम्मी ने पिता से बात की लेकिन पृथ्वीराज को ये कतई मंजूर नहीं था कि उनके घर की बहू कोई विदेशी महिला बने। काफी मनाने के बाद पिता तो मान गए लेकिन केंडल की फैमिली इस रिश्ते से खुश नहीं थी। 

शशि और जेनिफर का प्यार परवान चढ़ने लगा था। शशि ने जेनिफर के बारे में बड़े भाई शम्मी को बताया। शम्मी ने जेनिफर को घर लेकर आने को कहा। शशि, जेनिफर को लेकर शम्मी के घर पहुंचे। शम्मी की वाइफ गीता को जेनिफर पहली ही नजर में पसंद आ गई। शशि, पिता पृथ्वीराज कपूर से डरते थे और अपनी और जेनिफर की शादी की बात करने से घबराते थे। उन्होंने ये जिम्मेदारी शम्मी को सौंप दी। शम्मी ने पिता से बात की लेकिन पृथ्वीराज को ये कतई मंजूर नहीं था कि उनके घर की बहू कोई विदेशी महिला बने। काफी मनाने के बाद पिता तो मान गए लेकिन केंडल की फैमिली इस रिश्ते से खुश नहीं थी। 

पिता के मना करने के बाद केंडल ने शशि से कहा कि हम बालिग है और अपनी मर्जी से शादी कर सकते हैं। शम्मी और गीता ने शशि-केंडल की शादी (1958) करवाई। उस वक्त शशि महज 20 साल के थे तो जेनिफर 25 की थीं। 
 

पिता के मना करने के बाद केंडल ने शशि से कहा कि हम बालिग है और अपनी मर्जी से शादी कर सकते हैं। शम्मी और गीता ने शशि-केंडल की शादी (1958) करवाई। उस वक्त शशि महज 20 साल के थे तो जेनिफर 25 की थीं। 
 

जेनिफर एक शानदार एक्ट्रेस थीं लेकिन शादी के बाद उनकी पहली प्राथमिकता फैमिली रही। इसीलिए उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी। दोनों के तीन बच्चे कुणाल, करन और संजना है। 

जेनिफर एक शानदार एक्ट्रेस थीं लेकिन शादी के बाद उनकी पहली प्राथमिकता फैमिली रही। इसीलिए उन्होंने एक्टिंग छोड़ दी। दोनों के तीन बच्चे कुणाल, करन और संजना है। 

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