गर्भवती पत्नी दर्द से तड़प रही थी और 'पति' तंत्र-मंत्र करा रहा था, लेकिन बाद में तांत्रिक की ही चढ़ गई बलि

First Published 16, Jun 2020, 9:26 AM

दंतेवाड़ा, छत्तीसगढ़. तंत्र-मंत्र के बावजूद नवजात की मौत से आक्रोशित एक शख्स ने तांत्रिक की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। इससे पहले भी आरोपी के दो बच्चों की जन्म के तत्काल बाद ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को लग रहा था कि तांत्रिक(बैगा) ने कुछ गलत तंत्र-मंत्र किया है, जिससे उसका बच्चा नहीं बच सका। घटना रविवार की है। मामला  कुआकोंडा थाना क्षेत्र के गोलागुड़ा गांव की है। यहां रहने वाले हिड़मा सोढ़ी की पत्नी सोनी गर्भवती थी। शनिवार रात उसे प्रसव पीड़ा हुई। इससे पहले हिड़मा ने एक तांत्रिक देवा मरकाम को बुलाकर तंत्र-मंत्र कराया था, ताकि उसका बच्चा स्वस्थ्य पैदा हो। तांत्रिक ने देररात तक तंत्र-मंत्र किया और रविवार सुबह घर चला गया। इस बीच सोनी ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन वो 2 घंटे बाद ही चल बसा। आगे जानिए फिर क्या हुआ..
 

<p>बच्चे की मौत से हिड़मा बौखला उठा। उसने घर से कुल्हाड़ी उठाई और देवा को ढूंढने निकल पड़ा। देवा अपने खेत में काम कर रहा था। हिड़मा ने वहां जाते ही उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से जबर्दस्त वार कर दिए। इससे देवा की मौके पर ही मौत हो गई। हिड़मा वहां से भाग  गया। घटना की सूचना कुआकोंडा थाने को सरपंच ने दी।<strong> (नोट- तस्वीर प्रतिकात्मक है..इनसेट आरोपी)</strong></p>

बच्चे की मौत से हिड़मा बौखला उठा। उसने घर से कुल्हाड़ी उठाई और देवा को ढूंढने निकल पड़ा। देवा अपने खेत में काम कर रहा था। हिड़मा ने वहां जाते ही उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से जबर्दस्त वार कर दिए। इससे देवा की मौके पर ही मौत हो गई। हिड़मा वहां से भाग  गया। घटना की सूचना कुआकोंडा थाने को सरपंच ने दी। (नोट- तस्वीर प्रतिकात्मक है..इनसेट आरोपी)

<p>पुलिस ने रविवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने माना कि तांत्रिक पर उसे गुस्सा आ रहा था। <strong>आगे की स्लाइड में जानिए बैगा कौन हैं...</strong><br />
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पुलिस ने रविवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने माना कि तांत्रिक पर उसे गुस्सा आ रहा था। आगे की स्लाइड में जानिए बैगा कौन हैं...
 

<p>बता दें कि बैगा छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश और झारखंड में पाई जाने वाली एक जनजाति है। जिनमें तंत्र-मंत्र का विशेष चलन है। ये सांप पकड़ने का हुनर भी जानते हैं। <strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर)</strong></p>

बता दें कि बैगा छत्तीसगढ़ के अलावा मध्यप्रदेश और झारखंड में पाई जाने वाली एक जनजाति है। जिनमें तंत्र-मंत्र का विशेष चलन है। ये सांप पकड़ने का हुनर भी जानते हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

<p>बैगा की बिझवार, नरोतिया, भरोतिया, नाहर, राय भैना और काढ़ भैना कुछ उपजातियां हैं। इनमें जागरुकता लाने सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि तंत्र-मंत्र से दूर रहें।<strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर)</strong></p>

बैगा की बिझवार, नरोतिया, भरोतिया, नाहर, राय भैना और काढ़ भैना कुछ उपजातियां हैं। इनमें जागरुकता लाने सरकार लगातार प्रयास कर रही है, ताकि तंत्र-मंत्र से दूर रहें।(प्रतीकात्मक तस्वीर)

<p>बैगाओं में तंत्र-मंत्र का प्रचलन है। बच्चे के जन्म से लेकर किसी के मरने तक ये लोग तंत्र-मंत्र करते हैं। <strong>(प्रतीकात्मक तस्वीर)</strong></p>

बैगाओं में तंत्र-मंत्र का प्रचलन है। बच्चे के जन्म से लेकर किसी के मरने तक ये लोग तंत्र-मंत्र करते हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

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