छत्तीसगढ़ में खनन परियोजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर सीएम विष्णुदेव साय का सख्त निर्देश। अवैध खनन रोकने के लिए ड्रोन व आईटी तकनीक, डीएमएफ कार्यों की निगरानी और रेल कॉरिडोर परियोजनाओं को बड़ी मंजूरी।
छत्तीसगढ़ की पहचान देश के उन राज्यों में होती है, जहां जमीन के नीचे विकास की बड़ी संभावनाएं छिपी हैं। कोयला, लौह अयस्क से लेकर रेयर अर्थ मिनरल्स तक—राज्य की खनिज संपदा न सिर्फ अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, बल्कि औद्योगिक विकास की दिशा भी तय करती है। ऐसे में खनन परियोजनाओं का सही समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा होना सरकार की प्राथमिकता बन गया है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट संदेश दिया है कि खनन से जुड़े हर काम में पारदर्शिता, तकनीक और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
खनन परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्ती
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 21वीं बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज संसाधनों से समृद्ध राज्य है और यहां चल रही सभी खनन परियोजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि खनन केवल राजस्व का साधन नहीं, बल्कि इससे जुड़े क्षेत्रों में सड़क, रेल, रोजगार और सामाजिक विकास भी प्रभावित होता है। इसलिए परियोजनाओं में देरी या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा।
अवैध खनन पर लगेगी तकनीक की लगाम
मुख्यमंत्री ने अवैध उत्खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि इसके नियंत्रण के लिए गठित विशेष टास्क फोर्स की निगरानी को और मजबूत किया जाए। इसके लिए आईटी सिस्टम और ड्रोन तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री का मानना है कि आधुनिक तकनीक के जरिए अवैध गतिविधियों पर निरंतर और सटीक निगरानी संभव है, जिससे राजस्व हानि के साथ-साथ पर्यावरण को होने वाले नुकसान पर भी रोक लगाई जा सकेगी।
खनिज 2.0 पोर्टल और डीएमएफ कार्यों की निगरानी
बैठक में पीएमकेकेकेवाई (प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना) के अंतर्गत खनिज 2.0 पोर्टल के माध्यम से हो रहे खर्च और कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता और समय पर पूर्णता सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तरीय केंद्रीय कार्यक्रम प्रबंधन इकाई (CPMU) की स्थापना के निर्देश दिए।
इस व्यवस्था का उद्देश्य डीएमएफ से होने वाले विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना है।
रेल और खनन इंफ्रास्ट्रक्चर को मिली बड़ी मंजूरी
बैठक में खनन और परिवहन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी दी गई। इनमें प्रमुख रूप से:
- चिरमिरी–नागपुर रेलवे लाइन के लिए 328 करोड़ रुपये
- छत्तीसगढ़ रेलवे कॉरिडोर के तहत 1 ईस्ट कॉरिडोर और 3 ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए 60.10 करोड़ रुपये
- क्वासी इक्विटी के रूप में 24.10 करोड़ रुपये
इन परियोजनाओं से खनिज परिवहन को गति मिलने के साथ-साथ औद्योगिक विकास को भी बल मिलने की उम्मीद है।
सीएमडीसी और संयुक्त उपक्रमों को भी समर्थन
बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम लिमिटेड (CMDC) को एनएमडीसी-सीएमडीसी कंपनी लिमिटेड (NCL) के संयुक्त उपक्रम में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी के तहत विभिन्न परियोजनाओं के विकास के लिए 112.70 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा विभागीय कार्यों के लिए सीएमडीसी को 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी मंजूर की गई।
आईटी, ड्रोन और सर्वे कार्यों के लिए 138 करोड़ से अधिक की स्वीकृति
संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म के अंतर्गत खनिज ब्लॉकों की नीलामी, खनिज ऑनलाइन 2.0 के भुगतान, भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, पूर्वेक्षण, तकनीकी कार्यों के संपादन और अवैध परिवहन पर निगरानी के लिए आईटी और ड्रोन तकनीक के उपयोग हेतु कुल 138.17 करोड़ रुपये का अनुमोदन समिति द्वारा किया गया।
पिछली बैठक के फैसलों की भी हुई समीक्षा
बैठक में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निधि सलाहकार समिति की 20वीं बैठक में लिए गए निर्णयों और उनके क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी भी साझा की गई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूर्व में स्वीकृत परियोजनाएं तय दिशा में आगे बढ़ रही हैं।


