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चौकीदार के बेटे ने कुछ इस तरह छोड़ी दुनिया पर छाप, आज प्रधानमंत्री भी बोलते हैं 'सर'

First Published Dec 6, 2020, 11:18 AM IST
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स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा (Ravindra Jadeja) 6 दिसंबर को अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनका जन्म 6 दिसंबर 1988 को गुजरात के नवग्राम गढ़ में हुआ था। गरीब परिवार में पल-बढ़े जडेजा का नाम दुनिया के टॉप ऑलराउंडरों में होता है। हाल ही में इंडिया- ऑस्ट्रेलिया सीरीज में उनके शानदार प्रदर्शन के चलते इंडिया ने 2 मैच जीते है। लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए वह जिंदगी के बेहद कठिन दौर से गुजरे हैं। उनके पिता एक प्राइवेट कंपनी में चौकीदार थे। आज चौकीदार के बेटे ने दुनिया पर अपनी ऐसी छाप छोड़ी है कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इन्हें 'सर जडेजा' बुलाते हैं।

इंडिया- ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान रविंद्र जडेजा का खुमार फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन हाल ही में कैनबरा में हुए टी20 मैच में उनके सिर पर चोट लगने की वजह से वह काफी दिक्कत में हैं।

इंडिया- ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान रविंद्र जडेजा का खुमार फैंस के सिर चढ़कर बोल रहा है, लेकिन हाल ही में कैनबरा में हुए टी20 मैच में उनके सिर पर चोट लगने की वजह से वह काफी दिक्कत में हैं।

इस बीच 6 दिसंबर को जडेजा अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज भले ही रवींद्र जडेजा एक आलीशान जिंदगी जी रहे हों पर एक समय ऐसा था जब जडेजा के पिता को परिवार का गुजारा करने के लिए सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करना पड़ता था। 

इस बीच 6 दिसंबर को जडेजा अपना 32वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज भले ही रवींद्र जडेजा एक आलीशान जिंदगी जी रहे हों पर एक समय ऐसा था जब जडेजा के पिता को परिवार का गुजारा करने के लिए सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करना पड़ता था। 

छोटी सी उम्र में जड्डू ने अपनी मां को खो दिया। जडेजा की मां हमेशा से चाहती थी कि वह एक सफल क्रिकेटर बनें। मां का देहांत के बाद उनकी बहनों ने उनको संभाला और जडेजा ने मां के सपनो को पूरा किया।

छोटी सी उम्र में जड्डू ने अपनी मां को खो दिया। जडेजा की मां हमेशा से चाहती थी कि वह एक सफल क्रिकेटर बनें। मां का देहांत के बाद उनकी बहनों ने उनको संभाला और जडेजा ने मां के सपनो को पूरा किया।

10 साल की उम्र से ही उनकी रूचि खेलों में बहुत ज्यादा थी। 2006-07 में रवींद्र जडेजा ने फर्स्‍ट क्‍लास डेब्‍यू किया। दलीप ट्रॉफी में वह वेस्‍ट जोन की तरफ से और रणजी ट्रॉफी में सौराष्‍ट्र की तरफ से खेलने लगे। 2009 में जडेजा को टीम इंडिया में मौका मिला, इसके बाद 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर टेस्ट में डेब्यू किया था। 

10 साल की उम्र से ही उनकी रूचि खेलों में बहुत ज्यादा थी। 2006-07 में रवींद्र जडेजा ने फर्स्‍ट क्‍लास डेब्‍यू किया। दलीप ट्रॉफी में वह वेस्‍ट जोन की तरफ से और रणजी ट्रॉफी में सौराष्‍ट्र की तरफ से खेलने लगे। 2009 में जडेजा को टीम इंडिया में मौका मिला, इसके बाद 2012 में इंग्लैंड के खिलाफ नागपुर टेस्ट में डेब्यू किया था। 

एक समय ऐसा भी आया जब जडेजा को टीम से खराब प्रदर्शन के चलते करीब 14 महीने टीम से बाहर रहना पड़ा, लेकिन इस खिलाड़ी ने ऐसा कमबैक किया पीएम मोदी तक इन्हें 'सर जडेजा' कहने लगे।

एक समय ऐसा भी आया जब जडेजा को टीम से खराब प्रदर्शन के चलते करीब 14 महीने टीम से बाहर रहना पड़ा, लेकिन इस खिलाड़ी ने ऐसा कमबैक किया पीएम मोदी तक इन्हें 'सर जडेजा' कहने लगे।

दरअसल, 2012 में महज 23 साल की उम्र में जड्डू तीन तिहरे शतक (300 रन से ज्‍यादा) लगाने वाले पहले भारतीय बन गए। उनके इस रिकॉर्ड के बाद उन्हें सब 'सर' कहकर पुकारने लगे। उनकी बड़ी बहन ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि जडेजा बहुत शर्मीले हैं, जब धोनी और अन्य लोग उन्हें 'सर' कहते हैं तो वो असहज महसूस करते हैं।

दरअसल, 2012 में महज 23 साल की उम्र में जड्डू तीन तिहरे शतक (300 रन से ज्‍यादा) लगाने वाले पहले भारतीय बन गए। उनके इस रिकॉर्ड के बाद उन्हें सब 'सर' कहकर पुकारने लगे। उनकी बड़ी बहन ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि जडेजा बहुत शर्मीले हैं, जब धोनी और अन्य लोग उन्हें 'सर' कहते हैं तो वो असहज महसूस करते हैं।

12 फरवरी 2015 को प्रधानमंत्री मोदी ने भी उन्हें सर कहकर संबोधित किया था। एक ट्वीट के जरिए मोदी ने कहा था कि 'सर जडेजा आपका फैन कौन नहीं है'।

12 फरवरी 2015 को प्रधानमंत्री मोदी ने भी उन्हें सर कहकर संबोधित किया था। एक ट्वीट के जरिए मोदी ने कहा था कि 'सर जडेजा आपका फैन कौन नहीं है'।

बता दें कि रविंद्र जडेजा ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी-20 में बेहद खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने धोनी का आठ साल पुराना रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। जडेजा नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते हुए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 23 गेंदों में 44 रन की शानदार पारी खेली। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 2012 में वानखेड़े में 18 गेंदों पर 38 रन बनाए थे। 

बता दें कि रविंद्र जडेजा ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टी-20 में बेहद खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने धोनी का आठ साल पुराना रिकॉर्ड को तोड़ दिया है। जडेजा नंबर 7 पर बल्लेबाजी करते हुए टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा स्कोर करने वाले भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 23 गेंदों में 44 रन की शानदार पारी खेली। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी ने इंग्लैंड के खिलाफ साल 2012 में वानखेड़े में 18 गेंदों पर 38 रन बनाए थे। 

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