Asianet News Hindi

खेल, फैमिली, फिल्म और राजनीति हर कदम पर कांबली को मिली थी हार, इस वजह से बदला था अपना धर्म

First Published Jan 18, 2021, 12:38 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

स्पोर्ट्स डेस्क : पूर्व भारतीय क्रिकेटर विनोद कांबली (vinod kambli) अपना 49वां जन्‍मदिन मना रहे हैं। 18 जनवरी 1972 को मुंबई में जन्‍में कांबली को भारतीय टीम का सबसे प्रतिभाशाली क्रिकेटर माना जाता था। अपनी मेहनत और काबिलियित के दमपर उन्होंने छोटा लेकिन दमदार करियर बनाया। लेकिन जिंदगी के हर मोड़ पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा। अपने रिलेशन, फिल्मी करियर और राजनीति को लेकर भी वह हमेशा सुर्खियों में बने रहें। पहली पत्नी के तलाक से लेकर दूसरी पत्नी के लिए अपना धर्म बदलने की ये है उनकी कहानी.....

कभी टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर रहे विनोद कांबली सोमवार को अपना 49वां बर्थडे मना रहे हैं। सचिन तेंदुलकर के जिगरी यार रहे कांबली की लाइफ किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

कभी टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर रहे विनोद कांबली सोमवार को अपना 49वां बर्थडे मना रहे हैं। सचिन तेंदुलकर के जिगरी यार रहे कांबली की लाइफ किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है।

18 जनवरी 1972 जन्में कांबली का पूरा नाम विनोद गणपत कांबली है। उनके पिता गणपत एक मेकैनिक थे और बहुत मुश्किल से 7 लोगों के परिवार का पालन-पोषण करते थे। हालांकि उनके पिता मुंबई क्लब सर्किट के लिए क्रिकेट खेलते थे और तेज गेंदबाज हुआ करते थे।

18 जनवरी 1972 जन्में कांबली का पूरा नाम विनोद गणपत कांबली है। उनके पिता गणपत एक मेकैनिक थे और बहुत मुश्किल से 7 लोगों के परिवार का पालन-पोषण करते थे। हालांकि उनके पिता मुंबई क्लब सर्किट के लिए क्रिकेट खेलते थे और तेज गेंदबाज हुआ करते थे।

बचपन से ही क्रिकेट खेलने का जब्जा दिल में रखे कांबली ने स्कूल में ही अपने दोस्त सचिन के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया था। तेंदुलकर और कांबली ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी की थी। कांबली ने इस दौरान नॉटआउट 349 रन बनाए थे।

बचपन से ही क्रिकेट खेलने का जब्जा दिल में रखे कांबली ने स्कूल में ही अपने दोस्त सचिन के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया था। तेंदुलकर और कांबली ने शारदाश्रम स्कूल की तरफ से खेलते हुए 664 रनों की साझेदारी की थी। कांबली ने इस दौरान नॉटआउट 349 रन बनाए थे।

अपने शानदार खेल के दमपर उन्होंने 17 साल की उम्र में डेब्यू किया। कुछ ही सालों में उन्होंने अपने खेल के दम पर कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। लेकिन उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं था।

अपने शानदार खेल के दमपर उन्होंने 17 साल की उम्र में डेब्यू किया। कुछ ही सालों में उन्होंने अपने खेल के दम पर कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए। लेकिन उनका करियर ज्यादा लंबा नहीं था।

कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने 1998 में पुणे के होटल में बतौर रिसेस्पशनिस्ट काम करने वाली लड़की नोएला से शादी की थी। लेकिन उनकी पहली शादी सफल नहीं हो सकी। 

कांबली की निजी जिंदगी भी कुछ खास सफल नहीं रही। उन्होंने 1998 में पुणे के होटल में बतौर रिसेस्पशनिस्ट काम करने वाली लड़की नोएला से शादी की थी। लेकिन उनकी पहली शादी सफल नहीं हो सकी। 

इसके बाद कांबली फिल्मी दुनिया की तरफ आकर्षित होने लगे थे। 2000 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कांबली ने बॉलीवुड का रुख किया। 2002 में संजय दत्त, सुनील शेट्टी और प्रीति झांगियानी स्टारर 'अनर्थ' फिल्म में उन्होंने काम किया। लेकिन फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही। 2009 में फिर से कांबली ने पल पल दिल के साथ नाम की फिल्म की। 

इसके बाद कांबली फिल्मी दुनिया की तरफ आकर्षित होने लगे थे। 2000 में क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कांबली ने बॉलीवुड का रुख किया। 2002 में संजय दत्त, सुनील शेट्टी और प्रीति झांगियानी स्टारर 'अनर्थ' फिल्म में उन्होंने काम किया। लेकिन फिल्म बुरी तरह फ्लॉप रही। 2009 में फिर से कांबली ने पल पल दिल के साथ नाम की फिल्म की। 

इस दौरान कांबली का दिल फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट पर आया। दोनों ने शादी की और अबतक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। एंड्रिया से शादी करने के लिए कांबली ने हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया था। 

इस दौरान कांबली का दिल फैशन मॉडल एंड्रिया हेविट पर आया। दोनों ने शादी की और अबतक साथ हैं। जून 2010 में एंड्रिया ने कांबली के बेटे जीसस क्रिस्टियानो को जन्म दिया। एंड्रिया से शादी करने के लिए कांबली ने हिन्दू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाया था। 

फिल्मी करियर फ्लॉप होने के बाद कांबली ने राजनीति में भी एंट्री की थी। वे लोक भारती पार्टी के सदस्य रहे। 2009 के विधान सभा चुनाव में कांबली विखरोली से प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

फिल्मी करियर फ्लॉप होने के बाद कांबली ने राजनीति में भी एंट्री की थी। वे लोक भारती पार्टी के सदस्य रहे। 2009 के विधान सभा चुनाव में कांबली विखरोली से प्रत्याशी के रूप में खड़े हुए थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

कुछ साल पहले कांबली को दिल का दौरा पड़ा था, उसके बाद से वे क्रिकेट, टीवी और सिनेमा के परदे से लगभग गायब से हैं।

कुछ साल पहले कांबली को दिल का दौरा पड़ा था, उसके बाद से वे क्रिकेट, टीवी और सिनेमा के परदे से लगभग गायब से हैं।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios