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Fact Check: कच्चा घर बना पाकिस्तान का आइसोलेशन वॉर्ड, क्या ऐसे हो रहा कोरोना मरीजों का इलाज?

First Published Apr 5, 2020, 3:49 PM IST
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नई दिल्ली. करोनो वायरस ने देश भर में लोगों को बीमार किया है। लाखों की तादाद में लोग इससे संक्रमित हुए हैं। क्या भारत, अमेरिका, ब्रिटेन, चीन, फ्रांस और पाकिस्तान। चीन में कोरोना मरीजों की संख्या इतनी बढ़ गई थी कि वहां 10 दिन के अंदर एक नया अस्पताल बना दिया गया था। दूसरे देशों में कोरोना मरीजों के लिए सुपर फैसिलिटी आइसोलेशन वार्ड और अस्पताल बनाए गए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के आइसोलेशन वार्ड के नाम एक तस्वीर वायरल हो रही है। तस्वीर को देख कोई भी इंसान दंग रह जाए। कच्चे घर में एक खाट पर दो मरीज लेटे हैं। फैक्ट चेकिंग में आइए जानते हैं क्या वाकई ये फोटो पाक के आइसोलेशन वार्ड की है?
 

कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए दुनियाभर में कोशिशें जारी हैं। सोशल मीडिया पर रोजाना इससे जुड़ी तस्वीरों और दावे शेयर हो रहे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया ये तस्वीर भी वायरल हो रही है।

कोरोना वायरस पर काबू पाने के लिए दुनियाभर में कोशिशें जारी हैं। सोशल मीडिया पर रोजाना इससे जुड़ी तस्वीरों और दावे शेयर हो रहे हैं। इन दिनों सोशल मीडिया ये तस्वीर भी वायरल हो रही है।

वायरल पोस्ट क्या है?   तस्वीर में कच्चे घर में खुले आसमान के नीचे कुछ चारपाइयां (खाट) लगी हुई हैं इनमें एक-एक चारपाई पर दो युवक लेटे हुए हैं, जिन्हें ड्रिप लग रही है।

वायरल पोस्ट क्या है? तस्वीर में कच्चे घर में खुले आसमान के नीचे कुछ चारपाइयां (खाट) लगी हुई हैं इनमें एक-एक चारपाई पर दो युवक लेटे हुए हैं, जिन्हें ड्रिप लग रही है।

ये निकला नतीजा-  फेसबुक यूजर सजदा अहमद (PTI)  ने 25 जून 2018 को फोटो अपलोड करते हुए लिखा था कि ये सिंध पाकिस्तान के सिंध की तस्वीर हैं। ये सच साबित होता है कि तस्वीर पाकिस्तान की है लेकिन कोरोना आपदा के समय की नहीं। पाकिस्तान में भी कोरोना के 2238 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।

ये निकला नतीजा- फेसबुक यूजर सजदा अहमद (PTI) ने 25 जून 2018 को फोटो अपलोड करते हुए लिखा था कि ये सिंध पाकिस्तान के सिंध की तस्वीर हैं। ये सच साबित होता है कि तस्वीर पाकिस्तान की है लेकिन कोरोना आपदा के समय की नहीं। पाकिस्तान में भी कोरोना के 2238 पॉजिटिव केस सामने आए हैं।

दावे की सच्चाई क्या है   सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर को जब हमने गूगल पर खोजा तो पता चला कि ये फोटो पाकिस्तान की ही है लेकिन एक साल पुरानी है। इसका कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं है। तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें जून 2018 को किया गया एक ट्वीट मिला जिसमें वायरल तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। ट्वीट के कैप्शन में लिखा गया है, 'पाकिस्तान का मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल।' यह साफ है कि तस्वीर करीब दो साल पुरानी है और इसका कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं है।

दावे की सच्चाई क्या है सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीर को जब हमने गूगल पर खोजा तो पता चला कि ये फोटो पाकिस्तान की ही है लेकिन एक साल पुरानी है। इसका कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं है। तस्वीर को रिवर्स सर्च करने पर हमें जून 2018 को किया गया एक ट्वीट मिला जिसमें वायरल तस्वीर का इस्तेमाल किया गया था। ट्वीट के कैप्शन में लिखा गया है, 'पाकिस्तान का मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल।' यह साफ है कि तस्वीर करीब दो साल पुरानी है और इसका कोरोना वायरस से कोई लेना देना नहीं है।

क्या दावा किया जा रहा है?   दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर पाकिस्तान की है, जहां कोरोना वायरस से बचने के लिए कुछ इस तरह का आइसोलेशन वॉर्ड बनाया गया है। खाट पर लेटे हुए लड़कों को कोरोना के मरीज कहा जा रहा है, लोगों का कहना है कि ये कच्चा घर पाकिस्तान का आइसोलेशन वार्ड है। मरीजों के आस-पास कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है, देखिए वहां की सुविधाएं और व्यवस्था।

क्या दावा किया जा रहा है? दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर पाकिस्तान की है, जहां कोरोना वायरस से बचने के लिए कुछ इस तरह का आइसोलेशन वॉर्ड बनाया गया है। खाट पर लेटे हुए लड़कों को कोरोना के मरीज कहा जा रहा है, लोगों का कहना है कि ये कच्चा घर पाकिस्तान का आइसोलेशन वार्ड है। मरीजों के आस-पास कोई डॉक्टर मौजूद नहीं है, देखिए वहां की सुविधाएं और व्यवस्था।

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