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अनुष्का से करीना तक प्रेग्नेंसी के बाद खाएंगी ये खास चीज, आज ही जान लें इसे बनाने की रेसिपी

First Published Feb 2, 2021, 1:31 PM IST
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फूड डेस्क : डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर काफी कमजोर हो जाता हैं। उन्हें खास देखरेख की जरूरत होती है। इस दौरान उन्हें अच्छे खानपान और कुछ पौष्टिक चीजों को खाना जरूरी होता है। प्रेग्नेंसी के बाद गुड़-सोंठ के लड्डू काफी फायदेमंद होते हैं। इसमें गुड़ और सोंठ के अलावा गोंद, ड्रायफ्रूट्स और कई सारी चीजें मिलाई जाती है, जो महिलाओं को डिलीवरी के बाद बहुत ताकत देती हैं। हाल ही में मां बनी अनुष्का शर्मा (anushka sharma) से लेकर जल्द ही दोबारा मां बनने वाली करीना कपूर खान (Kareena kapoor khan) भी इन लड्डू का सेवन करेंगी। तो चलिए आज हम आपको बताते हैं इसको बनाने की सबसे आसान विधि..

गुड-सोंठ के लड्डू (Gur-Sonth ke Laddu) हर जच्चा को डिलीवरी के बाद खिलाएं जाते हैं। इसे मां को बहुत ताकत मिलती है और कमर दर्द से लेकर उसके सभी दर्द दूर  हो जाते हैं।

गुड-सोंठ के लड्डू (Gur-Sonth ke Laddu) हर जच्चा को डिलीवरी के बाद खिलाएं जाते हैं। इसे मां को बहुत ताकत मिलती है और कमर दर्द से लेकर उसके सभी दर्द दूर  हो जाते हैं।

लड्डू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
75 ग्राम पिसी हुई गोंद, 250 ग्राम पिसा हुआ छुहारा, 250 ग्राम सूखा पिसा हुआ नारियल, 250 ग्राम बारीक गुड़, 250 ग्राम घी, 75 ग्राम बादाम, 25 ग्राम खसखस, 25 ग्राम जैतून के बीज, 25 ग्राम सौंफ, 25 ग्राम इलायची, 15 ग्राम मेथी दाना, 1 जायफल, 50 ग्राम कमरकस,50 ग्राम पीपली, 50 ग्राम सोंठ, 1 बड़ा चम्मच अजवाइन और 1 बड़ा चम्मच हल्दी

लड्डू बनाने के लिए आवश्यक सामग्री
75 ग्राम पिसी हुई गोंद, 250 ग्राम पिसा हुआ छुहारा, 250 ग्राम सूखा पिसा हुआ नारियल, 250 ग्राम बारीक गुड़, 250 ग्राम घी, 75 ग्राम बादाम, 25 ग्राम खसखस, 25 ग्राम जैतून के बीज, 25 ग्राम सौंफ, 25 ग्राम इलायची, 15 ग्राम मेथी दाना, 1 जायफल, 50 ग्राम कमरकस,50 ग्राम पीपली, 50 ग्राम सोंठ, 1 बड़ा चम्मच अजवाइन और 1 बड़ा चम्मच हल्दी

लड्डू बनाने का तरीका
सबसे पहले कड़ाही में थोड़ा से घी डालकर बादाम, जायफल, मेथी दाना, सौंफ, जैतून के बीज, छुहारा, खसखस, इलाइची और सूखे नारियल को हल्का भूरा होने तक भून लें। इसके बाद सभी सामग्रियों को बारिक काट लें या मिक्सर में थोड़ा दरदरा पीस लें। (आप इसमे अपनी पसंद के ड्रायफ्रूट्स भी डाल सकते हैं)

लड्डू बनाने का तरीका
सबसे पहले कड़ाही में थोड़ा से घी डालकर बादाम, जायफल, मेथी दाना, सौंफ, जैतून के बीज, छुहारा, खसखस, इलाइची और सूखे नारियल को हल्का भूरा होने तक भून लें। इसके बाद सभी सामग्रियों को बारिक काट लें या मिक्सर में थोड़ा दरदरा पीस लें। (आप इसमे अपनी पसंद के ड्रायफ्रूट्स भी डाल सकते हैं)

कड़ाही में एक और छोटा चम्मच घी डालें और गर्म होने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गोंद डालकर तब तक पकाएं, जब तक कि यह फूल न जाएं। इसे भी बारिक पीस लीजिए। इसके साथ ही मिक्सर में सोंठ, कमरकस और पीपली को भी बारिक होने तक पीस लें।

कड़ाही में एक और छोटा चम्मच घी डालें और गर्म होने पर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में गोंद डालकर तब तक पकाएं, जब तक कि यह फूल न जाएं। इसे भी बारिक पीस लीजिए। इसके साथ ही मिक्सर में सोंठ, कमरकस और पीपली को भी बारिक होने तक पीस लें।

इसके बाद कड़ाही में 1 बड़ा चम्मच घी डालें। घी गर्म होने पर इसमें गुड़ डालें और उसे अच्छे से पिघला लें। इस पिघले हुए गुड़ में गोंद और ड्रायफ्रूटंस को मिक्स कर लें।

इसके बाद कड़ाही में 1 बड़ा चम्मच घी डालें। घी गर्म होने पर इसमें गुड़ डालें और उसे अच्छे से पिघला लें। इस पिघले हुए गुड़ में गोंद और ड्रायफ्रूटंस को मिक्स कर लें।

सभी चीजों को अच्छे से मिला लें और एक छोटो पैन में थोड़ा से घी डालकर गरम होने के बाद उसके अजवाइन और हल्दी को छोंक लगाकर तैयार मिक्चर में मिला लें। 

सभी चीजों को अच्छे से मिला लें और एक छोटो पैन में थोड़ा से घी डालकर गरम होने के बाद उसके अजवाइन और हल्दी को छोंक लगाकर तैयार मिक्चर में मिला लें। 

इसमें सोंठ, कमरकस और पीपली मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें और फिर हथेलियों पर घी लगाकर लड्डू बनाएं।

इसमें सोंठ, कमरकस और पीपली मिलाकर अच्छे से मिक्स कर लें और फिर हथेलियों पर घी लगाकर लड्डू बनाएं।

इन लड्डूओं को कई दिनों तक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके रखा जा सकता है।
 

इन लड्डूओं को कई दिनों तक एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करके रखा जा सकता है।
 

बता दें कि ये लड्डू प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं। इसके सेवन से मां को स्तनपान कराने में मदद मिलती है और उनके शिशु के लिए कई पोषक तत्व मिल जाते हैं।

बता दें कि ये लड्डू प्रोटीन और कैल्शियम से भरपूर होते हैं। इसके सेवन से मां को स्तनपान कराने में मदद मिलती है और उनके शिशु के लिए कई पोषक तत्व मिल जाते हैं।

इसके सेवन से प्रेग्नेंसी के बाद महिला को पेट दर्द व रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है।

इसके सेवन से प्रेग्नेंसी के बाद महिला को पेट दर्द व रीढ़ की हड्डी में होने वाले दर्द से राहत मिल सकती है।

डिलवरी के बाद होने वाले पीरियड की अनियमितता को रोकने में भी यह कारगर साबित होता है।

डिलवरी के बाद होने वाले पीरियड की अनियमितता को रोकने में भी यह कारगर साबित होता है।

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