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हर दिन हवाई जहाज पर चढ़ती है झारखंड की ये खास लिट्टी, 1 प्लेट लिट्टी खाने को विदेश से आते हैं लोग

First Published Mar 19, 2021, 12:34 PM IST
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फूड डेस्क: हाल ही में मुंबई के एक लिट्टी वाले की काफी चर्चा हुई। इस गरीब लिट्टी वाले की किस्मत एक ट्वीट से खुल गई। ट्वीट के वायरल होने के बाद खुद जोमैटो ने लिट्टीवाले के साथ टाईअप करने का ऑफर दे दिया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि झारखंड में एक लिट्टीवाला इतना मशहूर है कि उसकी लिट्टी प्लेन के जरिये एक राज्य से दूसरे राज्य तक भेजी जाती है। जी हां, झारखंड की राजधानी रांची में मौजूद भोला लिट्टी काफी मशहूर है। इसके मालिक भोला अपनी लिट्टियों की वजह से काफी मशहूर हैं। 
 

आज के समय में बिहार का लिट्टी चोखा दुनिया भर में फेमस हो चुका है। इसे बिहार के बाहर भी लोगों द्वारा काफी पसंद किया जाता है।  झारखंड की राजधानी रांची का लिट्टी चोखा काफी मशहूर है। ये शहर की सबसे पुरानी दुकान है।  

आज के समय में बिहार का लिट्टी चोखा दुनिया भर में फेमस हो चुका है। इसे बिहार के बाहर भी लोगों द्वारा काफी पसंद किया जाता है।  झारखंड की राजधानी रांची का लिट्टी चोखा काफी मशहूर है। ये शहर की सबसे पुरानी दुकान है।  

 दुकान के मालिक भोला केवट खुद यहां लिट्टी तैयार करते हैं। उन्होंने बताया की दुकान में मिलने वाली हर चीज शुद्ध है। यहां लिट्टी खाने के लिए लोग लाइन लगाते हैं।  

 दुकान के मालिक भोला केवट खुद यहां लिट्टी तैयार करते हैं। उन्होंने बताया की दुकान में मिलने वाली हर चीज शुद्ध है। यहां लिट्टी खाने के लिए लोग लाइन लगाते हैं।  

भोला लिट्टी की प्लेट में आपको दो लिट्टी के साथ आलू का चोखा और धनिया की चटनी मिलेगी। साथ में आपको मिलेगी फ्राई मिर्ची। इसे खाने के लिए दूर-दूर  से लोग आते हैं। 

भोला लिट्टी की प्लेट में आपको दो लिट्टी के साथ आलू का चोखा और धनिया की चटनी मिलेगी। साथ में आपको मिलेगी फ्राई मिर्ची। इसे खाने के लिए दूर-दूर  से लोग आते हैं। 

भोला अपनी लिट्टी के बारे में बताते हैं कि ये लिट्टी पांच दिन तक खराब नहीं होती। ऐसे में कई लोग दूसरे राज्य में भी इसे पैक करवाकर ले जाते हैं। हालाँकि ये चोखा की गारंटी नहीं देते कि वो खराब नहीं होगी। लेकिन लिट्टी की गारंटी लेते हैं।  
 

भोला अपनी लिट्टी के बारे में बताते हैं कि ये लिट्टी पांच दिन तक खराब नहीं होती। ऐसे में कई लोग दूसरे राज्य में भी इसे पैक करवाकर ले जाते हैं। हालाँकि ये चोखा की गारंटी नहीं देते कि वो खराब नहीं होगी। लेकिन लिट्टी की गारंटी लेते हैं।  
 

सत्तू की इस लिट्टी में आटे से ज्यादा सत्तू का इस्तेमाल किया जाता है। सत्तू के मसाले में हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, अचार मसाला, नींबू, धनिया पत्ती डाली जाती है। साथ ही इसमें सरसो के तेल का इस्तेमाल होता है। 

सत्तू की इस लिट्टी में आटे से ज्यादा सत्तू का इस्तेमाल किया जाता है। सत्तू के मसाले में हरी मिर्च, अदरक, लहसुन, अचार मसाला, नींबू, धनिया पत्ती डाली जाती है। साथ ही इसमें सरसो के तेल का इस्तेमाल होता है। 

रांची के डोरंडा में भोला लिट्टी का ठेला 1989 से लग रहा है। यहां घी लिट्टी का दाम 60 रुपए है तो सादा लिट्टी 40 रुपए प्लेट मिलती है। एक प्लेट में दो लिट्टी, चोखा और हरी चटनी सर्व की जाती है। 
 

रांची के डोरंडा में भोला लिट्टी का ठेला 1989 से लग रहा है। यहां घी लिट्टी का दाम 60 रुपए है तो सादा लिट्टी 40 रुपए प्लेट मिलती है। एक प्लेट में दो लिट्टी, चोखा और हरी चटनी सर्व की जाती है। 
 

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