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वजन घटाने के लिए चावल छोड़ना सही या गलत? 99 प्रतिशत भारतीय डायटिंग में कर बैठते हैं इतनी बड़ी गलती

First Published Nov 22, 2020, 2:21 PM IST
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फूड डेस्क: लॉकडाउन में कई  लोगों की एक ही समस्या है। वो है मोटापा बढ़ने की। कई महीनों तक घर में बैठकर कई लोगों ने वजन बढ़ा लिया। इसके बाद शुरू हुआ डायटिंग का दौर। भारत में ज्यादातर लोग जब डायटिंग करना शुरू करते हैं तो सबसे पहले चावल खाना छोड़ने की सलाह देते हैं। लेकिन शायद उन्हें ये नहीं पता कि चावल और मोटापे के बीच का रिश्ता जो लोगों को बताया गया है, असल में वो ठीक उल्टा है। अगर आप भी उन लोगों  में से हैं जिन्होंने मोटापा घटाने के लिए चावल खाना छोड़ दिया है, तो ये खबर आपके लिए ही हैं। सिर्फ आप ही नहीं, भारत में ज्यादातर लोग इस ग़लतफ़हमी के शिकार हैं कि चावल से मोटापा बढ़ता है। आज हम आपको चावल से जुड़ी कई भ्रांतियों के बारे में बताएंगे।  
 

भारत में जब भी आप किसी ऐसे शख्स से मिलेंगे जो डायटिंग कर रहा हो, वो आपको एक चीज जरूर बताएगा। बड़े ही गर्व से कहा जाता है कि दुबले होने के लिए किसी ने चावल खाना छोड़ दिया है। लेकिन असलियत इससे ठीक उलट है। चावल को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं।  

भारत में जब भी आप किसी ऐसे शख्स से मिलेंगे जो डायटिंग कर रहा हो, वो आपको एक चीज जरूर बताएगा। बड़े ही गर्व से कहा जाता है कि दुबले होने के लिए किसी ने चावल खाना छोड़ दिया है। लेकिन असलियत इससे ठीक उलट है। चावल को लेकर लोगों के मन में कई तरह की गलतफहमियां हैं।  

कई लोग चावल में ग्लूटन होने की बात कहकर उसे खाना बंद कर देते हैं। जबकि ये पूरी तरह से मिथ है। चावल में ग्लूटन नहीं होता है। साथ ही डायबिटिक लोग चावल यही कहकर नहीं खाते कि इसमें ग्लूटन है। जबकि ऐसा नहीं है। ग्लूटन वाले अनाज  को खाने से जो बॉडी पर असर पड़ता है वो चावल के खाने से नहीं पड़ता। 

कई लोग चावल में ग्लूटन होने की बात कहकर उसे खाना बंद कर देते हैं। जबकि ये पूरी तरह से मिथ है। चावल में ग्लूटन नहीं होता है। साथ ही डायबिटिक लोग चावल यही कहकर नहीं खाते कि इसमें ग्लूटन है। जबकि ऐसा नहीं है। ग्लूटन वाले अनाज  को खाने से जो बॉडी पर असर पड़ता है वो चावल के खाने से नहीं पड़ता। 

इन दिनों ग्लूटन फ्री डायट का ट्रेंड चल रहा है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक़ ग्लूटन का वेट लॉस से ख़ास सम्बन्ध नहीं है। ग्लूटन से उन्हें नुकसान होता है जो सीलिएक बीमारी से पीड़ित हैं। इनकी संख्या दुनिया में एक प्रतिशत ही है। इसलिए चावल खाना बिलकुल सेफ है। 
 

इन दिनों ग्लूटन फ्री डायट का ट्रेंड चल रहा है। लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक़ ग्लूटन का वेट लॉस से ख़ास सम्बन्ध नहीं है। ग्लूटन से उन्हें नुकसान होता है जो सीलिएक बीमारी से पीड़ित हैं। इनकी संख्या दुनिया में एक प्रतिशत ही है। इसलिए चावल खाना बिलकुल सेफ है। 
 

चावल खाने से मोटापा नहीं बढ़ता। ये पूरी तरह से मिथ है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें चावल से दूर नहीं भागना चाहिए। चावल को रोटी के मुकाबले वजन कम करने में ज्यादा मददगार पाया गया है।  
 

चावल खाने से मोटापा नहीं बढ़ता। ये पूरी तरह से मिथ है। जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उन्हें चावल से दूर नहीं भागना चाहिए। चावल को रोटी के मुकाबले वजन कम करने में ज्यादा मददगार पाया गया है।  
 

चावल में गेंहू से कम कैलोरी होता है। साथ ही ये पचने में बेहद आसान होता है। इसमें केलोस्ट्रोल नहीं होता। साथ ही इसमें वसा भी रोटी से कम होती है। इसमें मौजूद कार्ब आपको वेट लॉस में मदद करते हैं।  
 

चावल में गेंहू से कम कैलोरी होता है। साथ ही ये पचने में बेहद आसान होता है। इसमें केलोस्ट्रोल नहीं होता। साथ ही इसमें वसा भी रोटी से कम होती है। इसमें मौजूद कार्ब आपको वेट लॉस में मदद करते हैं।  
 

कार्ब से ही इंसान को एनर्जी मिलती है। ऐसे में अगर सीमित  मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो ये वजन घटाने में काफी फायदेमंद है। 

कार्ब से ही इंसान को एनर्जी मिलती है। ऐसे में अगर सीमित  मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो ये वजन घटाने में काफी फायदेमंद है। 

डायटिंग कर रहे लोग चावल नहीं खाते। ये गलत है। जहां दुबले पतले लोग रात को भी चावल खा सकते  हैं,वहीँ अगर आपका वजन ज्यादा है तो आप दोपहर को चावल खाएं। इससे मिलने वाला कार्ब आपको दिनभर एनर्जी देगा।  

डायटिंग कर रहे लोग चावल नहीं खाते। ये गलत है। जहां दुबले पतले लोग रात को भी चावल खा सकते  हैं,वहीँ अगर आपका वजन ज्यादा है तो आप दोपहर को चावल खाएं। इससे मिलने वाला कार्ब आपको दिनभर एनर्जी देगा।  

डायबिटिक लोग भी चावल अवॉयड करते हैं। ये सही है कि चावल में स्टार्च होता है जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। ये बॉडी में शुगर तेजी से बनाता है। लेकिन अगर थोड़ा सा चावल दही, सब्जी या दाल के साथ लिया जाए तो ये नुकसान नहीं करता। 
 

डायबिटिक लोग भी चावल अवॉयड करते हैं। ये सही है कि चावल में स्टार्च होता है जिसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स ज्यादा होता है। ये बॉडी में शुगर तेजी से बनाता है। लेकिन अगर थोड़ा सा चावल दही, सब्जी या दाल के साथ लिया जाए तो ये नुकसान नहीं करता। 
 

दही, दाल और सब्जी  चावल के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम कर देते हैं। इससे बॉडी में शुगर कम बनता है। डायबिटिक पेशेंट कम मात्रा में चावल खा सकते हैं। इससे नुकसान नहीं है। 
 

दही, दाल और सब्जी  चावल के ग्लाइसेमिक इंडेक्स को कम कर देते हैं। इससे बॉडी में शुगर कम बनता है। डायबिटिक पेशेंट कम मात्रा में चावल खा सकते हैं। इससे नुकसान नहीं है। 
 

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