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आखिर दूध वाली चाय को कितनी देर उबालना सही? इतने मिनट के बाद जहर बन जाती है कड़क चाय

First Published Feb 25, 2021, 8:48 AM IST
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फूड डेस्क: भारत में लोग चाय के दीवाने हैं। कई लोगों के दिन की शुरुआत बिना चाय के नहीं होती। सड़कों पर भी आपको चाय की टपरी नजर आ जाएगी जहां पूरे दिन लोगों की भीड़ नजर आती है। गपशप करते हुए चाय की चुस्कियां लेने वाले लोग कम नहीं हैं। लेकिन कई लोग चाय को कड़क बनाने के लिए इसे काफी देर तक उबाल देते हैं। ये होती है बहुत बड़ी गलती। अगर दूध वाली चाय को काफी देर तक खौलाया जाए, तो वो जहर बन जाती है। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं चाय बनाने से जुड़ी काफी अहम बात। इसमें आपको चाय को बनाने के सही तरीके से लेकर इसे उबालने के परफेक्ट टाइमिंग का भी पता चल जाएगा। इससे ज्यादा मिनट नहीं उबालें चाय... 

भारत में कई तरह की चाय पी जाती है। लाल, काली और दूध वाली चाय बड़े शौक से पी जाती है। इसमें लोग दूध वाली चाय सबसे ज्यादा पीना पसंद करते हैं। हर गली-मोहल्ले और चौक-चौराहे पर दूध वाली चाय आपको बिकती नजर आ जाएगी। 

भारत में कई तरह की चाय पी जाती है। लाल, काली और दूध वाली चाय बड़े शौक से पी जाती है। इसमें लोग दूध वाली चाय सबसे ज्यादा पीना पसंद करते हैं। हर गली-मोहल्ले और चौक-चौराहे पर दूध वाली चाय आपको बिकती नजर आ जाएगी। 

कुछ लोग सीधे दूध में चायपत्ती और चीनी मिलाकर गैस पर चढ़ा देते हैं। लेकिन ये चाय बनाने का गलत तरीका है। परफेक्ट चाय बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर पानी उबालना चाहिए। 

कुछ लोग सीधे दूध में चायपत्ती और चीनी मिलाकर गैस पर चढ़ा देते हैं। लेकिन ये चाय बनाने का गलत तरीका है। परफेक्ट चाय बनाने के लिए सबसे पहले गैस पर पानी उबालना चाहिए। 

एक कप पानी पतीले में डालकर उबाल लें। इसके बाद इसमें एक छोटी चम्मच चायपत्ती डाल दें। चायपत्ती को पानी में अच्छे से उबाल दें। इससे चाय में रंग काफी अच्छा आ जाएगा। साथ ही खुशबू काफी अच्छी आती है।  

एक कप पानी पतीले में डालकर उबाल लें। इसके बाद इसमें एक छोटी चम्मच चायपत्ती डाल दें। चायपत्ती को पानी में अच्छे से उबाल दें। इससे चाय में रंग काफी अच्छा आ जाएगा। साथ ही खुशबू काफी अच्छी आती है।  

जब चायपत्ती का रंग निखर जाए तब इसमें दूध मिला दें। दूध मिलाने के बाद इसे आगे और तीन मिनट के लिए उबालें। इससे ज्यादा उबालने के कारण चाय के कड़वापन आ जाता है। 

जब चायपत्ती का रंग निखर जाए तब इसमें दूध मिला दें। दूध मिलाने के बाद इसे आगे और तीन मिनट के लिए उबालें। इससे ज्यादा उबालने के कारण चाय के कड़वापन आ जाता है। 

चाय बनाने के बाद इसे मिट्टी के कप में पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। प्लास्टिक के कप स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। 

चाय बनाने के बाद इसे मिट्टी के कप में पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है। प्लास्टिक के कप स्वास्थ्य के लिए काफी नुकसानदायक होते हैं। 

दूध की चाय के अलावा काली चाय को भी सिर्फ पांच मिनट तक उबालना चाहिए। ये चाय को उबालने का परफेक्ट टाइम होता है। वहीं ग्रीन टी को सिर्फ तीन मिनट तक उबालना चाहिए। 

दूध की चाय के अलावा काली चाय को भी सिर्फ पांच मिनट तक उबालना चाहिए। ये चाय को उबालने का परफेक्ट टाइम होता है। वहीं ग्रीन टी को सिर्फ तीन मिनट तक उबालना चाहिए। 

ग्रीन टी को गर्म पानी में तीन मिनट उबालकर सीधे छान लेना चाहिए। इससे ना सिर्फ चाय में अच्छा टेस्ट आता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी ये काफी फायदेमंद होता है। 

ग्रीन टी को गर्म पानी में तीन मिनट उबालकर सीधे छान लेना चाहिए। इससे ना सिर्फ चाय में अच्छा टेस्ट आता है बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी ये काफी फायदेमंद होता है। 

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