पिता को मिली बेटे की शहादत की खबर, छलकती आंखों से कहा-कश्मीर से आतंकवादियों का सफाया होना चाहिए

First Published 3, Jul 2020, 10:52 AM

साहेबगंज, झारखंड. कश्मीर से आतंकवाद के खात्मे की दिशा में तेज हुई मुहिम के चलते रोज एक-दो मुठभेड़ हो रही हैं। सुरक्षाबलों की सख्ती से आतंकवादी संगठन बौखलाए हुए हैं। इसी बीच गुरुवार रात को श्रीनगर के मालबाग इलाके में हुई मुठभेड़ में साहेबगंज के रहने वाले CRPF जवान कुलदीप उरांव शहीद हो गए हैं। शुक्रवार सुबह आरपीएफ कमांडेंट ने शहीद के पिता को फोन करके इसकी जानकारी दी। कुलदीप हेड कॉन्स्टेबल थे। वे 118वीं बटालियन में पोस्टेड थे। बताते हैं कि मुठभेड़ हजरतबल दरगाह के पास स्थित मालबाग इलाके में हुई। यहां आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना के बाद CRPF ने घेराबंदी की थी। अपने बेटे की शहादत की खबर सुनकर पिता की आंखें भर आईं। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। शहीद के पिता घनश्याम उरांव भी सीआरपीएफ में रहे हैं।

<p>CRPF के अधिकारियों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में तीन अन्य जवान भी घायल हुए हैं। घायलों को 92-बेस सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मुठभेड़ में कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। CRPF को यहां तीन आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना मिली थी।<br />
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CRPF के अधिकारियों के मुताबिक, इस मुठभेड़ में तीन अन्य जवान भी घायल हुए हैं। घायलों को 92-बेस सेना अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस मुठभेड़ में कुलदीप गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्होंने इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। CRPF को यहां तीन आतंकवादियों के छुपे होने की सूचना मिली थी।
 

<p>कुलदीप के पिता घनश्याम उरांव ने बताया कि उनकी बहू कोलकाता में कांस्टेबल है। कुलदीप के दो छोटे बच्च हैं। पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जिसने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी।</p>

कुलदीप के पिता घनश्याम उरांव ने बताया कि उनकी बहू कोलकाता में कांस्टेबल है। कुलदीप के दो छोटे बच्च हैं। पिता ने कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है, जिसने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी।

<p>कुलदीप के पिता और भाई साहेबगंज में रहते हैं। उनके भाई ने कहा कि अपना भाई खोने का दुख है, लेकिन गर्व है कि वो बहादुर था।</p>

कुलदीप के पिता और भाई साहेबगंज में रहते हैं। उनके भाई ने कहा कि अपना भाई खोने का दुख है, लेकिन गर्व है कि वो बहादुर था।

<p>कुलदीप के पिता वार्ड-28 के पार्षद हैं। वे कहते हैं कि इन आतंकी घटनाओं से सरकार को सबक लेना चाहिए। कश्मीर से आतंकवाद के सफाए के लिए और सख्त मुहिम चलाई जानी चाहिए।</p>

कुलदीप के पिता वार्ड-28 के पार्षद हैं। वे कहते हैं कि इन आतंकी घटनाओं से सरकार को सबक लेना चाहिए। कश्मीर से आतंकवाद के सफाए के लिए और सख्त मुहिम चलाई जानी चाहिए।

<p>कुलदीप अपने पिता की तरह ही CRPF में जाना चाहते थे। जब उनका सिलेक्शन हुआ, तब वे बहुत खुश हुए थे।</p>

कुलदीप अपने पिता की तरह ही CRPF में जाना चाहते थे। जब उनका सिलेक्शन हुआ, तब वे बहुत खुश हुए थे।

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