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क्रिसमस पर 'मिसल्टो ट्री' के नीचे प्रेमी जोड़े करते हैं KISS, जानें इस चमत्कारी पेड़ की कहानी
लाइफस्टाइल डेस्क. क्रिसमस ( christmas 2022) के रंग में पूरी दुनिया डूब चुकी है। तैयारियां अपने लास्ट स्टेज पर हैं। घर से लेकर बाजार तक रोशनी से नहा उठे हैं। 25 दिसंबर को मनाए जाने वाले क्रिसमस डे ( christmas day) से जुड़ी कई परंपरा है जिसे क्रिश्चियन समुदाय निभाते हैं। क्रिसमस ट्री सजाने से लेकर घर में मोजा टांगने तक की परंपरा निभाई जाती है। इतना ही नहीं इस दिन लव बर्ड्स यानी प्रेमी जोड़े 'मिसल्टो ट्री' (mistletoe tree) के नीचे किस (KiSS) करते हैं। हॉलीवुड मूवी में अक्सर इस सीन को आपने देखा होगा। आखिर क्यों लोग इस परंपरा को निभाते हैं और इसके पीछे क्या कहानी है आइए नीचे बताते हैं....

क्रिसमस के दिन 'मिसल्टो ट्री' के नीचे खड़े होकर प्रेमी जोड़े एक दूसरे को किस करते हैं। ऐसा माना जाता है कि पेड़ के नीचे चूमने वाले जोड़ों का आपस में विवाह हो जाता है। ये भी कहा जाता है कि शादीशुदा कपल के बीच ताउम्र प्यार बना रहता है। लेकिन इस पेड़ को लेकर अलग-अलग देशों में अलग-अलग रिवाज है।

जैसे यूके में इस पेड़ को क्रिसमस से कनेक्ट किया गया है। जबकि फ्रांस में इस पेड़ को नए साल पर एक दूसरे को गिफ्ट किया जाता है। क्योंकि यह पेड़ भाग्य और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इतना ही नहीं कई कहानियों में तो इसे फर्टिलिटी से भी जोड़कर देखा गया है। जिन महिलाओं को बच्चा नहीं हो रहा उन्हें अपने घर पर इस पेड़ को लगाने की सलाह दी जाती है।
पूरी दुनिया में इस पेड़ की एक हजार से ज्यादा प्रजातियां हैं। अमेरिका और यूरोपीय मिस्टलेटो ट्री क्रिसमस के इस रिवाज के लिए काफी फेमस है। इन पेड़ों को क्रिसमस की छुट्टियों में काटा जाता है। फिर इसे सेल किया जाता है। इस पेड़ में कहा जाता है कि यह एक परजीवी पौधा है जो जमीन से नहीं बल्कि दूसरे पेड़ों की छालों पर उगता है और उसका पोषक तत्व को चूस लेता है।
इस पेड़ को लेकर एक किंवदंती है जिसके अनुसार प्रेम की देवी फिग्रा का एक बेटा था जिसका नाम बाल्डर था। बाल्डर मासूमियत और प्रकाश का देवता था। फिग्रा को बेटे की सुरक्षा की चिंता थी इसलिए सभी प्राणियों से शपथ लेने की मांग की कि उनके बेटे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।। फ्रिगा ने एक जादू किया ताकि कोई पेड़ या पौधा उसके बेटे को नुकसान न पहुंचा सके।
कहा जाता है कि फिग्रा 'मिसल्टो ट्री' पर जादू करना भूल गई क्योंकि वो एक परजीवी पौधा था। जब यह बात विनाश के देवता लोकी को पता चला तो उसने उस पेड़ से तीर बनाया और बाल्डर के अंधे भाई को मार दी। जिसके बाद फ्रिगा के आंसू इस पेड पर गिरने लगे और सफेद मोती के रूप में बदल गए। जिसके बाद प्रेम की देवी ने कहा कि इस पेड़ का इस्तेमाल किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं बल्कि जो भी इस पेड़ के नीचे खड़ा होगा उसे शांति और प्यार मिलेगा।
क्रिसमस के दिन लोग इस पेड़ की टहनियों और पत्तों को अपने घर या खिड़की पर टांगते हैं। प्रेमी को आकर्षित करने के लिए महिलाएं ऐसा करती हैं। यह भी कहा जाता है कि इस पेड़ के नीचे खड़े होने पर कोई भी महिला किस से मना नहीं करती हैं।
इस पेड़ को हेल्थ से भी जोड़कर देखा गया है। कई शोध में यह दावा किया गया है कि मिसल्टो के अर्क से तैयार दवाओं से कैंसर के मरीजों का इलाज संभव हैं। उन्हें ज्यादा समय तक हेल्दी लाइफ दिया जा सकता है। इतना ही नहीं यह भी कहा गया है कि इसके प्रयोग से कैंसर के ट्यूमर को भी कम किया जा सकता है।
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