3 मासूम बेटियों को कमर से बांध कुएं में कूद गया बेबस पिता, नहीं देख पा रहा था अपनी बच्चियों के आंसू

First Published 9, Aug 2020, 10:59 AM

भिंड (मध्य प्रदेश). कोरोना की वजह से लगे लॉकडाउन ने लाखों लोगों को बेरोजगार कर दिया है। जिसके चलते आए दिन मार्मिक कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक दुखद कहानी मध्य प्रदेश में देखने को मिली है, जहां एक पिता ने नौकरी चले जाने के बाद अपनी तीन मासूम बेटियों के साथ आत्महत्या कर ली। बताया जाता है कि युवक अपनी बच्चियों का पेट नहीं भर पा रहा था, इसलिए उसने यह कदम उठा लिया।
 

<p><strong>मासूम बेटियों को कमर से बांध कुंए में कूदा पिता</strong><br />
दरअसल, हैरान कर देने वाली यह घटना भिंड जिले के &nbsp;दबोह थाना इलाके के अंधियारी गांव में शनिवार के दिन हुई। जहां 45 साल के राजेश रजक नाम के युवक ने अपनी तीन बेटियों अनुष्का (10), चाइना (8) और संध्या के साथ कुंए में कूदकर जान दे दी। मृतक ने पहले एक रस्से के सहारे बेटियों को कमर से बांधा और कुंए में छलांग लगा दी। जब तक सूचना मिलने पर गांव वाले मौके पर पहुंचे तो उनकी लाश पानी में तैरती मिलीं।<br />
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मासूम बेटियों को कमर से बांध कुंए में कूदा पिता
दरअसल, हैरान कर देने वाली यह घटना भिंड जिले के  दबोह थाना इलाके के अंधियारी गांव में शनिवार के दिन हुई। जहां 45 साल के राजेश रजक नाम के युवक ने अपनी तीन बेटियों अनुष्का (10), चाइना (8) और संध्या के साथ कुंए में कूदकर जान दे दी। मृतक ने पहले एक रस्से के सहारे बेटियों को कमर से बांधा और कुंए में छलांग लगा दी। जब तक सूचना मिलने पर गांव वाले मौके पर पहुंचे तो उनकी लाश पानी में तैरती मिलीं।
 

<p><strong>बेटियों का पेट नहीं भर पा रहा था पिता</strong><br />
बताया जाता है कि राजेश मुंबई में पानी पुरी बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाता था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम धंधा बंद हो जाने की वजह से वो तीन पहले अपने गांव वापस आ गया था। जो भी उसके पास जमा पूंजी थी उससे वह दो महीने तक बच्चों का पेट पालता रहा, लेकिन अब उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह परिवार की भूख मिटा सके।</p>

बेटियों का पेट नहीं भर पा रहा था पिता
बताया जाता है कि राजेश मुंबई में पानी पुरी बेचकर अपने परिवार का खर्च चलाता था। लेकिन लॉकडाउन की वजह से काम धंधा बंद हो जाने की वजह से वो तीन पहले अपने गांव वापस आ गया था। जो भी उसके पास जमा पूंजी थी उससे वह दो महीने तक बच्चों का पेट पालता रहा, लेकिन अब उसके पास इतने पैसे नहीं थे कि वह परिवार की भूख मिटा सके।

<p><strong>काम बंद हुआ तो पत्नी करने लगी थी विवाद</strong><br />
पड़ोसियों ने बताया कि &nbsp;राजेश के मुंबई से लौटने के बाद उसकी पत्नी आए-दिन झगड़ा करने लगी थी। परिवार और गांव के लोगों ने राजेश की पत्नी को समझाने की कोशिश भी की थी लेकिन इसका उस पर कोई असर नहीं हुआ। इससे तैश में आकर राजेश ने यह कदम उठा लिया।<br />
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काम बंद हुआ तो पत्नी करने लगी थी विवाद
पड़ोसियों ने बताया कि  राजेश के मुंबई से लौटने के बाद उसकी पत्नी आए-दिन झगड़ा करने लगी थी। परिवार और गांव के लोगों ने राजेश की पत्नी को समझाने की कोशिश भी की थी लेकिन इसका उस पर कोई असर नहीं हुआ। इससे तैश में आकर राजेश ने यह कदम उठा लिया।
 

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<strong>पिता और बच्चियों के शव कुएं से निकाले बाहर</strong><br />
ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, इसके बाद गांववालों की मदद से पुलिसकर्मियों ने तीनों बच्चियों और पिता के शव कुएं से बाहर निकाले। शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।</p>


पिता और बच्चियों के शव कुएं से निकाले बाहर
ग्रामीणों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी, इसके बाद गांववालों की मदद से पुलिसकर्मियों ने तीनों बच्चियों और पिता के शव कुएं से बाहर निकाले। शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।

<p><strong>रोते-बिलखते परिजन</strong><br />
पति और तीन बिटियों की लाश देखते ही पत्नी बेसुध हो गई, वहीं परिजन दहाड़े मार मारकर रोते-बिलखते रहे। मृतक के घरवालों का कहना है कि उनके बेटे ने यह कदम बहू की वजह से उठाया है।</p>

रोते-बिलखते परिजन
पति और तीन बिटियों की लाश देखते ही पत्नी बेसुध हो गई, वहीं परिजन दहाड़े मार मारकर रोते-बिलखते रहे। मृतक के घरवालों का कहना है कि उनके बेटे ने यह कदम बहू की वजह से उठाया है।

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