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फिर शर्मसार इंदौर:मृतक बुजुर्ग की आंख खा गए चूहे, अंगूठा से कान तक गायब..लाश की दुर्दशा देख सब शॉक्ड

First Published Sep 21, 2020, 7:55 PM IST
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इंदौर. (मध्य प्रदेश). 4 बार देश के सबसे स्वच्छ शहर का ताज पहन चुके इंदौर शहर से मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। जहां कोरोना के मरीजों का इलाज करने वाले एक अस्पताल ने लापरवाही की सारी हदें पार कर दीं। 87 साल का बुजुर्ग व्यक्ति रविवार देर रात को कोरोना की जंग हार गया था। जिसके बाद शव हॉस्पिटल के मुर्दे घर में रखवा दिया। लेकिन सुबह परिजनों ने जब देखा तो पूरी बॉडी को चूहों ने कुतर दिया था। आलम यह था कि मृतक की आंख, कान और अंगूठा को चूहे खा चुके थे। मामला सामने आने के बाद कलेक्टर मनीष सिंह ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच एडीएम अजय देव शर्मा करेंगे। बता दें कि कुछ दिन पहले शहर के सबसे बडे सरकारी अस्पताल एमवाय में भी ऐसी ही एक घटना हुआ थी। जहां  स्ट्रैचर पर पड़ा शव कंकाल बन गया था, बदबू आने लगी थी, पर लोगों को पता नहीं लगा।

दरअसल, यह शर्मनाक घटना इंदौर के अन्नपूर्णा इलाके में स्थित यूनीक अस्पताल में सोमवार को सामने आई। जहां पर मृतक 87 वर्षीय बुजुर्ग नवीन चंद जैन के शव के साथ यह दुर्दशा हुई।  शव की इस तरह की हालत देखकर परिवार के लोग गुस्से में आ गए और वह अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाने के साथ-साथ हंगामा करने लगे।

दरअसल, यह शर्मनाक घटना इंदौर के अन्नपूर्णा इलाके में स्थित यूनीक अस्पताल में सोमवार को सामने आई। जहां पर मृतक 87 वर्षीय बुजुर्ग नवीन चंद जैन के शव के साथ यह दुर्दशा हुई।  शव की इस तरह की हालत देखकर परिवार के लोग गुस्से में आ गए और वह अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाने के साथ-साथ हंगामा करने लगे।

बता दें कि बुजुर्ग नवीन चंद जैन को कुछ दिन पहले ही तबीयत खराब होने के बाद इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोरोना की जांच होने के बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिजन का आरोप है कि रविवार दोपहर तक वह परिवार से फोन पर बात कर रहे थे, जब उनकी हालत एकदम ठीक थी। उस वक्त किसी भी डॉक्टर ऐसी कोई बात नहीं बताई की मरीज की हालात ज्यादा खराब है। फिर रात को अस्पताल प्रबंधन ने फोन कर परिवार वालों को बताया कि मरीज की मौत हो गई। 

बता दें कि बुजुर्ग नवीन चंद जैन को कुछ दिन पहले ही तबीयत खराब होने के बाद इस अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कोरोना की जांच होने के बाद उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिजन का आरोप है कि रविवार दोपहर तक वह परिवार से फोन पर बात कर रहे थे, जब उनकी हालत एकदम ठीक थी। उस वक्त किसी भी डॉक्टर ऐसी कोई बात नहीं बताई की मरीज की हालात ज्यादा खराब है। फिर रात को अस्पताल प्रबंधन ने फोन कर परिवार वालों को बताया कि मरीज की मौत हो गई। 


जब घरवाले बुजुर्ग की डेड बॉडी लेने के लिए अस्पताल पहुंचे तो उनको डॉक्टरों ने एक लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया। कहने लगे कि जब तक आप पूरा बिल जमा नहीं करोगे तो शव नहीं मिलेगा। बेबस होकर परिजन कहने लगे कि सर अब इतनी रात को हम कहां से पैसा लेकर आएं, सुबह जब पैसा लेकर आएंगे तब तक आप शव को मुर्दा घर में रखवा दीजिए।  


जब घरवाले बुजुर्ग की डेड बॉडी लेने के लिए अस्पताल पहुंचे तो उनको डॉक्टरों ने एक लाख से ज्यादा का बिल थमा दिया। कहने लगे कि जब तक आप पूरा बिल जमा नहीं करोगे तो शव नहीं मिलेगा। बेबस होकर परिजन कहने लगे कि सर अब इतनी रात को हम कहां से पैसा लेकर आएं, सुबह जब पैसा लेकर आएंगे तब तक आप शव को मुर्दा घर में रखवा दीजिए।  

सुबह जब घरवाले बुजुर्ग नवीन चंद जैन की बॉडी लेने के लिए आए तो वह शव को देखते ही सन्न रह गए। क्योंकि बॉडी से खून निकल रहा था, जब उन्होंने कपड़ा हटाकर देखा तो  चेहरे और पैर में गहरे घाव थे। आंख गायब थी और कान कटा हुआ था, साथ ही एक अंगूठा भी कुतरा हुआ था। परिवार ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा सबको शांत किया।

सुबह जब घरवाले बुजुर्ग नवीन चंद जैन की बॉडी लेने के लिए आए तो वह शव को देखते ही सन्न रह गए। क्योंकि बॉडी से खून निकल रहा था, जब उन्होंने कपड़ा हटाकर देखा तो  चेहरे और पैर में गहरे घाव थे। आंख गायब थी और कान कटा हुआ था, साथ ही एक अंगूठा भी कुतरा हुआ था। परिवार ने शव को अस्पताल के बाहर रखकर हंगामा शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझा सबको शांत किया।

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