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सीधी बस हादसा: पति-पत्नी की एक ही चिता पर जली लाश, 8 माह पहले हुई थी शादी, जा रहे थे एग्जाम देने

First Published Feb 18, 2021, 7:10 PM IST
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सीधी ( Madhya Pradesh) । सतना जा रही जिस बस के बाणसागर नहर में डूबने से 51 यात्रियों की मौत हो गई है, उसमें एक दंपती भी शामिल थे, जिनकी शादी आठ माह पहले ही हुई थी और वे एग्जाम देने सतना जा रहे थे। लेकिन, होनी को कुछ और ही मंजूर था। गुरुवार को दोनों का एक ही साथ जनाजा निकला और फिर एक ही चिता पर लाश जलाई गई। यह दृश्य देख हर किसी की आंखें नम हो गई।

सीधी ज‍िले के शमी तहसील के गैवटा पंचायत में देवरी निवासी अजय पनिका (25), सीधी में रूम लेकर अपनी पत्नी तपस्या (23) के साथ रहता था। दोनों  तैयारी करते थे। बताते हैं कि अजय अपनी पत्नी को एएनएम का पेपर दिलाने सीधी से उसी बस में बैठकर सतना जा रहा था, जो नहर में डूब गिर गई थी। 
 

सीधी ज‍िले के शमी तहसील के गैवटा पंचायत में देवरी निवासी अजय पनिका (25), सीधी में रूम लेकर अपनी पत्नी तपस्या (23) के साथ रहता था। दोनों  तैयारी करते थे। बताते हैं कि अजय अपनी पत्नी को एएनएम का पेपर दिलाने सीधी से उसी बस में बैठकर सतना जा रहा था, जो नहर में डूब गिर गई थी। 
 

दोनों के शव मंगलवार की देर शाम दो घंटे के अंतराल पर मिला था। इसके बाद उनके शव का पोस्टमॉर्टम एक साथ कराया गया, फिर एम्बुलेंस से रात 10 बजे देवरी पहुंचाया गया था।
 

दोनों के शव मंगलवार की देर शाम दो घंटे के अंतराल पर मिला था। इसके बाद उनके शव का पोस्टमॉर्टम एक साथ कराया गया, फिर एम्बुलेंस से रात 10 बजे देवरी पहुंचाया गया था।
 

एक साथ दो लाशों के आते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। सबकी आंखों में आंसू भरे हुए थे। एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
 

एक साथ दो लाशों के आते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया। सबकी आंखों में आंसू भरे हुए थे। एक ही चिता पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
 

अजय के पिता अपने पुत्र-पुत्रवधू के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि जिस समय यह हादसा हुआ वह गुजरात में थे, अगर वो वहां से आते भी तो उन्हें आने में 3 दिन लगते और पोस्टमॉर्टम किये शव को इतने लंबे समय रोका नहीं जा सकता था।

अजय के पिता अपने पुत्र-पुत्रवधू के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि जिस समय यह हादसा हुआ वह गुजरात में थे, अगर वो वहां से आते भी तो उन्हें आने में 3 दिन लगते और पोस्टमॉर्टम किये शव को इतने लंबे समय रोका नहीं जा सकता था।

गांव के लोगों ने बताया कि दोनों की शादी 8 महीने पहले ही हुई थी। अजय, पत्नी को पढ़ा-लिखा के कुछ बनाना चाहता था और उसे एग्जाम दिलाने सतना लेकर जा रहा था।
 

गांव के लोगों ने बताया कि दोनों की शादी 8 महीने पहले ही हुई थी। अजय, पत्नी को पढ़ा-लिखा के कुछ बनाना चाहता था और उसे एग्जाम दिलाने सतना लेकर जा रहा था।
 

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