आखिर कब खत्म होगा कोरोना...एम्स के डायरेक्टर ने बताया, जान बचानी है तो क्या करना चाहिए?

First Published 6, Jun 2020, 4:25 PM

नई दिल्ली. भारत में कोरोना महामारी के बीच एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने राहत वाली खबर दी है। उन्होंने कहा, अस्पताल और कुछ वॉलंटियर्स ने Hydroxychloroquine पर स्टडी की। इससे पता चला कि कोरोना वायरस (Coronavirus) की प्रिवेंटिव दवा के तौर पर ये कारगर है। जिन लोगों ने दवाई ली उनमें कोरोना के लक्षण कम दिखे। एक न्यूज चैनल से बात करते हुए गुलेरिया ने कहा, 2-3 महीने में कोरोना की कोई न कोई दवा बन जाएगी। बिना लक्षण वाले रोगी को अस्पताल में भर्ती होना जरूरी नहीं है। उनको घर में अलग-थलग रहना चाहिए। 99% मामलों में बिना लक्षण वाले रोगी ऐसे ही ठीक हो जाते हैं। 

<p style="text-align: justify;">डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, हमारे यहां डेथ रेट कम है। सिर्फ गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करना की जरूरत है। उन्होंने कहा, कोरोना के केस जून में सबसे ज्यादा सामने आएंगे। रणदीप गुलेरिया ने कहा,&nbsp;ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बीमारी एक बार में ही खत्म हो जाएगी। हमें कोरोना के साथ जीना होगा। धीरे-धीरे कोरोना के मामलों में कमी आएगी।</p>

डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा, हमारे यहां डेथ रेट कम है। सिर्फ गंभीर मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करना की जरूरत है। उन्होंने कहा, कोरोना के केस जून में सबसे ज्यादा सामने आएंगे। रणदीप गुलेरिया ने कहा, ऐसा बिल्कुल नहीं है कि बीमारी एक बार में ही खत्म हो जाएगी। हमें कोरोना के साथ जीना होगा। धीरे-धीरे कोरोना के मामलों में कमी आएगी।

<p>भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब भारत दुनिया के उन 6 देशों में शामिल हो चुका है जहां कोरोना के मामले सबसे ज्यादा है। हालांकि, दूसरे देशों के मुकाबले यहां मरने वालों का आंकड़ा कम है। &nbsp;</p>

भारत में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अब भारत दुनिया के उन 6 देशों में शामिल हो चुका है जहां कोरोना के मामले सबसे ज्यादा है। हालांकि, दूसरे देशों के मुकाबले यहां मरने वालों का आंकड़ा कम है।  

<p>रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने कहा, लॉकडाउन खुलते ही सोशल डिस्टेंशिंग घट रहा है। कोरोना अभी भी है। केस बढ़ रहे हैं। अगर हमें इस पर रोक लगाना है और मरने वालों की संख्या रोकनी है तो संभलना होगा।&nbsp;</p>

रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने कहा, लॉकडाउन खुलते ही सोशल डिस्टेंशिंग घट रहा है। कोरोना अभी भी है। केस बढ़ रहे हैं। अगर हमें इस पर रोक लगाना है और मरने वालों की संख्या रोकनी है तो संभलना होगा। 

<p>डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, ये बहुत क्रिटिकल फेज है। सारे लोग अचानक बाहर निकलने लगे हैं।</p>

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, ये बहुत क्रिटिकल फेज है। सारे लोग अचानक बाहर निकलने लगे हैं।

<p>डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, भारत की जनसंख्या बहुत ज्यादा है। इसलिए पॉजिटिव केस बढ़ेंगे। हमें डेथ रेट (death rate from coronavirus) पर फोकस करना चाहिए।&nbsp;</p>

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा, भारत की जनसंख्या बहुत ज्यादा है। इसलिए पॉजिटिव केस बढ़ेंगे। हमें डेथ रेट (death rate from coronavirus) पर फोकस करना चाहिए। 

<p>उन्होंने कहा, अगर डेथ कम हो और संख्या ज्यादा हो तो बहुत मुश्किल नहीं है। पॉजिटिव केस से घबराना नहीं है। &nbsp;</p>

उन्होंने कहा, अगर डेथ कम हो और संख्या ज्यादा हो तो बहुत मुश्किल नहीं है। पॉजिटिव केस से घबराना नहीं है।  

<p>मास्क को लेकर रणदीप गुलेरिया ने कहा, हमारे पास तीन तरह के मास्क हैं, कपड़े का, सर्जिकल और एन-95। तीनों काम करता है।&nbsp;</p>

मास्क को लेकर रणदीप गुलेरिया ने कहा, हमारे पास तीन तरह के मास्क हैं, कपड़े का, सर्जिकल और एन-95। तीनों काम करता है। 

<p>उन्होंने कहा, अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं है और वो पॉजिटिव है तो बहुत खतरनाक है। ऐसे में अगर वो मास्क लगाता है तो किसी दूसरे को संक्रमण नहीं होगा।&nbsp;</p>

उन्होंने कहा, अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण नहीं है और वो पॉजिटिव है तो बहुत खतरनाक है। ऐसे में अगर वो मास्क लगाता है तो किसी दूसरे को संक्रमण नहीं होगा। 

<p>डॉक्टर ने बताया, अगर पॉजिटिव और निगेटिव संपर्क में आ भी गए तो मास्क से प्रसार रुक सकता है। कपड़े का मास्क कारगर है। इसे हमेशा इस्तेमाल कर सकते हैं।</p>

डॉक्टर ने बताया, अगर पॉजिटिव और निगेटिव संपर्क में आ भी गए तो मास्क से प्रसार रुक सकता है। कपड़े का मास्क कारगर है। इसे हमेशा इस्तेमाल कर सकते हैं।

<p>छींकने पर कोरोना वायरस ज्यादा फैलते हैं। गर्मी के कारण हवा में ये 10 से 15 मिनट से ज्यादा नहीं रह सकता। इसीलिए हम कहते हैं कि सोशल डिस्टेंशिंग बनाए रखें तो समस्या बहुत हद तक दूर हो जाएगी।</p>

छींकने पर कोरोना वायरस ज्यादा फैलते हैं। गर्मी के कारण हवा में ये 10 से 15 मिनट से ज्यादा नहीं रह सकता। इसीलिए हम कहते हैं कि सोशल डिस्टेंशिंग बनाए रखें तो समस्या बहुत हद तक दूर हो जाएगी।

<p>डॉक्टर ने कहा, जॉगिंग करते समय कपड़े का मास्क लगाना चाहिए। अगर भीड़ नहीं है तो बिना मास्क के भी दौड़ सकते हैं।</p>

डॉक्टर ने कहा, जॉगिंग करते समय कपड़े का मास्क लगाना चाहिए। अगर भीड़ नहीं है तो बिना मास्क के भी दौड़ सकते हैं।

<p>उन्होंने बताया, वैक्सीन में अभी टाइम है। इस साल के अंत तक या अगले साल के शुरू में वैक्सीन आ जाएगी। अगले दो-तीन महीने में दवा तो आ जाएगी।</p>

उन्होंने बताया, वैक्सीन में अभी टाइम है। इस साल के अंत तक या अगले साल के शुरू में वैक्सीन आ जाएगी। अगले दो-तीन महीने में दवा तो आ जाएगी।

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