रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच तेजी से वायरल हो रहीं कई फेक इमेज, भूलकर भी न करें शेयर
नई दिल्ली।रूस की ओर से यूक्रेन पर किया गया हमला इस समय दुनियाभर में सबसे बड़ी चर्चा का विषय बना हुआ है। रोज हमले की दर्जनों तस्वीरें और वीडियो आ रहे हैं। मगर सोशल मीडिया पर कई ऐसे फोटो और वीडियो भी वायरल हो रहे हैं, जिन्हें रूस और यूक्रेन युद्ध से जुड़ा बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इन दिनों रूस और यूक्रेन युद्ध की तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। वहीं, इसमें कई तस्वीरें और वीडियो ऐसे भी पोस्ट किए जा रहे हैं, जो पुराने और इस युद्ध से जुड़े नहीं हैं, मगर इसी संदर्भ का बताकर शेयर किया जा रहा है।

रूस और यूक्रेन युद्ध के शुरुआती दिनों में सोशल मीडिया पर वायु सेना के हमले से जुड़े कुछ वीडियो पोस्ट किए गए, जो वायरल तो हुए, मगर जांच में ये वीडियो पुराने निकले। इसमें एक क्लिप ऐसी है जिसमें शहरी क्षेत्र में लड़ाकू विमान उड़ रहा है। इसे यूक्रेन के एक शहर का बताया गया। हालांकि, बाद में इसे हटा दिया गया। यह विमान अमरीका का एफ-16 फाइटर प्लेन फाल्कन है। यह विमान कभी भी रूस या यूक्रेन की ओर से इस्तेमाल नहीं किया गया।
वहीं, एक अन्य क्लिप में शहरी क्षेत्र में युद्ध का सायरन बज रहा है और लड़ाकू विमानों की पूरी टीम दिखाई दे रही है। जांच में सामने आया कि यह फुटेज वर्ष 2020 में सैन्य परेड फ्लाई पास्ट का है। इसमें हवाई हमले की आवाज को डब करके अलग से लगाया गया है।
वहीं, सोशल मीडिया पर एक अन्य क्लिप शेयर की गई है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि यूक्रेन शहर के ऊपर रूसी जेट हमला कर रहा है। जांच में सामने आया कि यह फुटेज भी 2011 का है। तब लीबिया की सरकार ने बेनगाजी में विद्रोहियों पर हमला किया था।
एक अन्य वीडियो क्लिप में रूसी पैराट्रूपर्स को यूक्रेन के खार्किव शहर में उतरते हुए दिखाया गया है। यह सोशल मीडिया पर सैंकड़ों बार देखा गया, मगर असल में यह 2016 में इंटरनेट पर सामने आया था।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर एक फोटो वायरल हो रही है, जो चाइनीज भाषा में लिखे अकाउंट से शेयर हुआ है। इसमें कैप्शन लिखा है, पुतिन द ग्रेट ने यूक्रेन पर हमला किया। हालांकि यह इमेज अगस्त 2020 की है, जिसमें बेरुत में बंदरगाह पर विस्फोट हुआ था। इस घटना में 200 से अधिक लोगों की मौत हुई थी।
एक इमेज में दावा किया जा रहा है कि यह दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के मोरियुपोल शहर का है, जिस अकाउंट से क्लिप साझा किया गया है उसे अमरीका में यूक्रेन के पूर्व राजदूत व्लोडिमिर येलचेंकों के ट्विटर अकाउंट से पोस्ट किया गया है। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह वीडियो 29 जनवरी को टिकटॉक पर ऐसे अकाउंट से अपलोड किया गया था, जो नियमित तौर पर विस्फोटों की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करता था। इसे रूस का बताया गया, लेकिन कुछ यूजर्स सवाल खड़े कर रहे हैं कि बैकग्राउंड में काफी हरियाली दिख रही है और मोरियुपोल में फरवरी में यह संभव नहीं है।
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