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कभी टूटी दीवारों को देखा तो कभी बाहर खड़ी मीडिया को, ऑफिस पहुंची तो 10 मिनट में कंगना का हुआ ऐसा हाल

First Published Sep 10, 2020, 4:30 PM IST
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नई दिल्ली/मुंबई. महाराष्ट्र सरकार और कंगना के बीच विवाद की आंच कोर्ट तक पहुंच चुकी है। हाईकोर्ट में 22 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। कोर्ट में बीएमसी के वकील ने कहा, कोर्ट के आदेश के बाद तोड़फोड़ का काम रुक गया है। लेकिन ध्यान दिया जाना चाहिए कि इसमें बदलाव ना हो। वहीं कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा कि कई सारे तथ्यों को ऑन रिकॉर्ड लाने की जरूरत है। ऐसे में कोर्ट में सुनवाई के दौरान ही कंगना अपने उसी ऑफिस पहुंची जहां पर तोड़फोड़ की गई थी। कुछ तस्वीरों में कंगना के दर्द को दिखाते हैं।
 

कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा कि बीएमसी ने किसी के कहने पर ये गैर कानूनी कदम उठाया है। कंगना के ऑफिस में जितना नुकसान हुआ है उसका टोटल खर्च 2 करोड़ रुपए है।
 

कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने कहा कि बीएमसी ने किसी के कहने पर ये गैर कानूनी कदम उठाया है। कंगना के ऑफिस में जितना नुकसान हुआ है उसका टोटल खर्च 2 करोड़ रुपए है।
 

कंगना रनौत के ऑफिस में तोड़फोड़ का मामला हाईकोर्ट में पंहुच गया है। कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने हाई कोर्ट में बिना लीगल नोटिस के ऑफिस तोड़े जाने पर आपत्ति जताई है। ऑफिस टूटने के एक दिन बाद कंगना पहुंची तो हैरान रह गईं। कभी टूटी दीवारों को देखती तो कभी बाहर खड़ी मीडिया को।

कंगना रनौत के ऑफिस में तोड़फोड़ का मामला हाईकोर्ट में पंहुच गया है। कंगना के वकील रिजवान सिद्दीकी ने हाई कोर्ट में बिना लीगल नोटिस के ऑफिस तोड़े जाने पर आपत्ति जताई है। ऑफिस टूटने के एक दिन बाद कंगना पहुंची तो हैरान रह गईं। कभी टूटी दीवारों को देखती तो कभी बाहर खड़ी मीडिया को।


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, कंगना रनौत जी के साथ जिस तरह का व्यवहार महाराष्ट्र सरकार ने किया वो निंदनीय है और उनको(कंगना) बहुत सारे मामलों में उलझाने की, साजिश के तहत फंसाने की सरकार की जो योजना है वो उचित नहीं है। 
 


हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा, कंगना रनौत जी के साथ जिस तरह का व्यवहार महाराष्ट्र सरकार ने किया वो निंदनीय है और उनको(कंगना) बहुत सारे मामलों में उलझाने की, साजिश के तहत फंसाने की सरकार की जो योजना है वो उचित नहीं है। 
 

मुंबई में BMC द्वारा कंगना रनौत का दफ्तर तोड़े जाने पर संजय राउत ने कहा, हमारे लिए अब वो शिवसेना का विषय नहीं है, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का विषय है।

मुंबई में BMC द्वारा कंगना रनौत का दफ्तर तोड़े जाने पर संजय राउत ने कहा, हमारे लिए अब वो शिवसेना का विषय नहीं है, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) का विषय है।

कंगना करीब 10 मिनट तक अपने टूटे हुए ऑफिस को देखती रहीं। फिर वहां से चली गईं।

कंगना करीब 10 मिनट तक अपने टूटे हुए ऑफिस को देखती रहीं। फिर वहां से चली गईं।

कंगना इस ऑफिस में एक निर्माता और निर्देशक के रूप में भी काम करती हैं। इसकी विशेष साज-सज्जा और निर्माण पर 48 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
 

कंगना इस ऑफिस में एक निर्माता और निर्देशक के रूप में भी काम करती हैं। इसकी विशेष साज-सज्जा और निर्माण पर 48 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
 

10 मिनट तक टूटे घर का मुआयना करने के बाद कंगना वापस चली गईं।

10 मिनट तक टूटे घर का मुआयना करने के बाद कंगना वापस चली गईं।

कंगना से पहले उनकी बहन रंगोली भी टूटे हुए ऑफिस को देखने पहुंची थी।

कंगना से पहले उनकी बहन रंगोली भी टूटे हुए ऑफिस को देखने पहुंची थी।

टूटे ऑफिस को देखकर गेट से बाहर आती कंगना की बहन रंगोली।

टूटे ऑफिस को देखकर गेट से बाहर आती कंगना की बहन रंगोली।

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