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कौन हैं ले. जनरल हरिंदर सिंह, जिनके ऊपर है भारत-चीन विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी, कल करेंगे बात

First Published Jun 5, 2020, 5:17 PM IST
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नई दिल्ली. भारत और चीन में सीमा पर लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। एक महीने से ज्यादा का समय हो गया है लेकिन मामला सुलझता नहीं दिख रहा है। ऐसे में तनाव खत्म करने के लिए भारत और चीन के बीच शनिवार यानी 6 जून को लेफ्टिनेंट जनरल स्तर पर बातचीत होने वाली है। बातचीत में लद्दाख की मौजूदा स्थिति को लेकर चर्चा होगी। भारत की तरफ से बातचीत के लिए 14वीं कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह करेंगे। 

कौन हैं कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह?
लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह लेह स्थित 14 कॉर्प्स के कमांडर हैं। 'फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स' के उपनाम वाले 14 कॉर्प्स भारतीय सेना के उधमपुर स्थित उत्तरी कमान का हिस्सा है। इस कॉर्प्स के बारे में कहा जाता है कि यह सबसे शत्रुतापूर्ण इलाके, मौसम और ऊंचाई की चुनौतियों का सामना करती है।

कौन हैं कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह?
लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह लेह स्थित 14 कॉर्प्स के कमांडर हैं। 'फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स' के उपनाम वाले 14 कॉर्प्स भारतीय सेना के उधमपुर स्थित उत्तरी कमान का हिस्सा है। इस कॉर्प्स के बारे में कहा जाता है कि यह सबसे शत्रुतापूर्ण इलाके, मौसम और ऊंचाई की चुनौतियों का सामना करती है।

पिछले साल 10 अक्टूबर को 14 कॉर्प्स की कमान संभाली
लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने पिछले साल 10 अक्टूबर 14 कॉर्प्स की कमान संभाली थी। इससे पहले वे भारतीय सेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इसमें मिलिट्री इंटलीजेंस के डीजी, मिलट्री ऑपरेशन के डीजी और अन्य महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। 

पिछले साल 10 अक्टूबर को 14 कॉर्प्स की कमान संभाली
लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह ने पिछले साल 10 अक्टूबर 14 कॉर्प्स की कमान संभाली थी। इससे पहले वे भारतीय सेना में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इसमें मिलिट्री इंटलीजेंस के डीजी, मिलट्री ऑपरेशन के डीजी और अन्य महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। 

हरिंदर सिंह अफ्रीका में भी कर चुके हैं काम
संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह अफ्रीका में भी काम कर चुके हैं और जम्मू कश्मीर में युद्ध और आतंकवाद के खात्मे का उन्हें अच्छा खासा अनुभव है।

हरिंदर सिंह अफ्रीका में भी कर चुके हैं काम
संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह अफ्रीका में भी काम कर चुके हैं और जम्मू कश्मीर में युद्ध और आतंकवाद के खात्मे का उन्हें अच्छा खासा अनुभव है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह  दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (आईडीएसए) और सिंगापुर के एस राजारतनम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (आरएसआईएस) में एक सीनियर रिचर्स फेलो भी रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह  दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (आईडीएसए) और सिंगापुर के एस राजारतनम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज (आरएसआईएस) में एक सीनियर रिचर्स फेलो भी रहे हैं।

दोनों सेनाओं के बीच हुईं हाल-फिलहाल की झड़पें

पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील- 5 मई की शाम को इस झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

नाकू ला सेक्टर

9 मई को नाकू ला में दोनों देशों के 150 सैनिक आमने-सामने आ गए। हालांकि आधिकारिक तौर पर सैनिकों के बीच हुए झड़प की तारीख सामने नहीं आई है। लेकिन 'द हिंदू' के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर घूंसे चलाए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया। जिसके बाद झड़प खत्म हुआ।

दोनों सेनाओं के बीच हुईं हाल-फिलहाल की झड़पें

पूर्वी लद्दाख की पैंगोंग झील- 5 मई की शाम को इस झील के उत्तरी किनारे पर फिंगर-5 इलाके में भारत-चीन के करीब 200 सैनिक आमने-सामने हो गए। भारत ने चीन के सैनिकों की मौजूदगी पर ऐतराज जताया। पूरी रात टकराव के हालात बने रहे। अगले दिन तड़के दोनों तरफ के सैनिकों के बीच झड़प हो गई। बाद में दोनों तरफ के आला अफसरों के बीच बातचीत के बाद मामला शांत हुआ।

नाकू ला सेक्टर

9 मई को नाकू ला में दोनों देशों के 150 सैनिक आमने-सामने आ गए। हालांकि आधिकारिक तौर पर सैनिकों के बीच हुए झड़प की तारीख सामने नहीं आई है। लेकिन 'द हिंदू' के मुताबिक, यहां झड़प 9 मई को ही हुई। गश्त के दौरान आमने-सामने हुए सैनिकों ने एक-दूसरे पर घूंसे चलाए। इस झड़प में 10 सैनिक घायल हुए। यहां भी बाद में अफसरों ने दखल दिया। जिसके बाद झड़प खत्म हुआ।

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