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खून की हर बूंद का हिसाब लेंगे...पीएम के ऐलान के 13 दिन बाद वायुसेना ने यूं लिया था शहादत का बदला

First Published Feb 14, 2020, 11:30 AM IST
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नई दिल्ली. 14 फरवरी यानी शुक्रवार को पुलवामा हमले की पहली बरसी है। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में पिछले साल हुए इस आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। देश के हर नागरिक की आंख में आंसू थे। पीएम नरेंद्र मोदी भी अपने दुख को छिपा नहीं पाए थे। उन्होंने जवानों को श्रद्धांजलि दी थी। इसके बाद एक सभा में उन्होंने खुले तौर पर कहा था कि आतंकियों ने बड़ी गलती कर दी। देश के जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। इसके 13 दिन बाद 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बड़ी कार्रवाई की थी।

14 फरवरी 2019 को हर बार की तरह सीआरपीएफ का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। सीआरपीएफ के लगभग 2,500 जवान 78 गाड़ियों में सवार थे। इसमें ज्यादातर जवान वे थे, जो छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटे थे। दोपहर 3.15 पर एक विस्फोटक से भरी कार काफिले की एक बस से टकरा जाती है।

14 फरवरी 2019 को हर बार की तरह सीआरपीएफ का काफिला जम्मू से श्रीनगर जा रहा था। सीआरपीएफ के लगभग 2,500 जवान 78 गाड़ियों में सवार थे। इसमें ज्यादातर जवान वे थे, जो छुट्टी से वापस ड्यूटी पर लौटे थे। दोपहर 3.15 पर एक विस्फोटक से भरी कार काफिले की एक बस से टकरा जाती है।

जब कोई कुछ समझ पाता, बहुत तेज धमाका होता है। इसमें 40 जवान शहीद हो गए। धमाका इतनी तेज था कि 10 किमी दूर तक आवाज सुनाई देती है।

जब कोई कुछ समझ पाता, बहुत तेज धमाका होता है। इसमें 40 जवान शहीद हो गए। धमाका इतनी तेज था कि 10 किमी दूर तक आवाज सुनाई देती है।

16 फरवरी को शहीदों के शवों को दिल्ली के पालमपुर एयरपोर्ट पर लाया गया था। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेना प्रमुखों, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण समेत तमाम लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी।

16 फरवरी को शहीदों के शवों को दिल्ली के पालमपुर एयरपोर्ट पर लाया गया था। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सेना प्रमुखों, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण समेत तमाम लोगों ने शहीदों को श्रद्धांजलि दी थी।

इस मौके पर पीएम मोदी का दर्द और दुख उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। उन्होंने शहीदों के पार्थिव शरीरों का एक पूरा चक्कर लगाया था। इसके बाद उन्होंने कहा था कि शहीदों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।

इस मौके पर पीएम मोदी का दर्द और दुख उनके चेहरे पर साफ झलक रहा था। उन्होंने शहीदों के पार्थिव शरीरों का एक पूरा चक्कर लगाया था। इसके बाद उन्होंने कहा था कि शहीदों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।

उन्होंने एक सभा में भी कहा था कि आतंकियों ने हमला करके बड़ी गलती कर दी। इसका जल्द ही जवाब दिया जाएगा। पूरा देश जवानों के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा था, शहीदों के खून की एक एक बूंद का बदला लेंगे। उन्होंने कहा था, इस हमले को ना हम भूलेंगे, ना माफ करेंगे। सिर्फ बदला लेंगे।

उन्होंने एक सभा में भी कहा था कि आतंकियों ने हमला करके बड़ी गलती कर दी। इसका जल्द ही जवाब दिया जाएगा। पूरा देश जवानों के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने कहा था, शहीदों के खून की एक एक बूंद का बदला लेंगे। उन्होंने कहा था, इस हमले को ना हम भूलेंगे, ना माफ करेंगे। सिर्फ बदला लेंगे।

इसके बाद भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान से बदला लेने की तैयारी शुरू कर दीं। भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को तड़के पाकिस्तानी सीमा में घुसकर बालाकोट में बम बरसाए। यहां आतंकी संगठन जैश के ठिकाने थे।

इसके बाद भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान से बदला लेने की तैयारी शुरू कर दीं। भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को तड़के पाकिस्तानी सीमा में घुसकर बालाकोट में बम बरसाए। यहां आतंकी संगठन जैश के ठिकाने थे।

भारतीय वायुसेना के 12 मिराज पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हुए थे। भारत ने इजरायली बम स्पाइस 2000 का इस्तेमाल कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।

भारतीय वायुसेना के 12 मिराज पाकिस्तानी सीमा में दाखिल हुए थे। भारत ने इजरायली बम स्पाइस 2000 का इस्तेमाल कर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।

बताया जाता है कि इस हमले में करीब 300 आतंकी मारे गए। हालांकि, पाकिस्तान और भारत की ओर से इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया।

बताया जाता है कि इस हमले में करीब 300 आतंकी मारे गए। हालांकि, पाकिस्तान और भारत की ओर से इसका कोई आधिकारिक आंकड़ा नहीं बताया।

भारतीय वायसुना के विमान सिर्फ 19 मिनट में आतंकी ठिकानों को तबाह कर वापस लौट आए थे। जब तक पाकिस्तान कुछ समझ पाता भारत अपना बदला ले चुका था। भारत की सेना ने जहां बम बरसाए थे, वहां पाकिस्तान ने आम नागरिकों का आना जाना कई दिनों तक रोक दिया था। हालांकि, बाद में इस जगह को खोला गया।

भारतीय वायसुना के विमान सिर्फ 19 मिनट में आतंकी ठिकानों को तबाह कर वापस लौट आए थे। जब तक पाकिस्तान कुछ समझ पाता भारत अपना बदला ले चुका था। भारत की सेना ने जहां बम बरसाए थे, वहां पाकिस्तान ने आम नागरिकों का आना जाना कई दिनों तक रोक दिया था। हालांकि, बाद में इस जगह को खोला गया।

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