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दिल्ली में मानसून की धांसू एंट्री, पर अफसरों के सारे दावे 'पानी-पानी' हुए, सोशल मीडिया पर पब्लिक ने की खिंचाई
नई दिल्ली. दिल्ली-NCR में आखिरकार दक्षिण-पश्चिम मानसून(Southwest Monsoon) की गुरुवार को एंट्री हो गई। इससे लोगों का भीषण गर्मी से काफी राहत मिली। भारत मौसम विज्ञान विभाग(IMD) ने कहा कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 30 जून को दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ा है। मानसून की उत्तरी सीमा अब दीसा, रतलाम, टोंक, सीकर, रोहतक, पठानकोट से होकर गुजरती है। दक्षिण-पश्चिम मानसून आमतौर पर 27 जून को राष्ट्रीय राजधानी में आता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है। राजधानी के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। हालांकि, बारिश के कारण जगह-जगह पानी भरने से सड़कों पर कई मिनट तक फंसे वाहनों की लंबी कतारें नजर आईं। इस दौरान लोगों ने अव्यवस्थाओं को लेकर सोशल मीडिया पर फोटो पोस्ट करके नाराजगी जताई। कई जगहों पर पुलिस से मदद मांगी गई। देखिए दिल्ली में पहली बारिश की कुछ तस्वीरें...

IMD ने गुरुवार को शहर के कुछ इलाकों में भारी बारिश और शुक्रवार को मध्यम बारिश की चेतावनी देते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। हालांकि इससे अधिकतम तापमान 34-35 डिग्री सेल्सियस तक नीचे आ जाएगा।
नवनिर्मित प्रगति मैदान सुरंग में गुरुवार सुबह शहर में पहली मानसूनी बारिश के दौरान पानी भर गया। इंडिया गेट को रिंग रोड से जोड़ने वाली सुरंग में जलभराव के कारण ट्रैफिक धीमी गति से चला। सुरंग के अंदर जलभराव को लेकर पिछले हफ्ते पीडब्ल्यूडी ने दावा किया था कि आशंका को दूर करने के लिए सुरंग में बेहतर व्यवस्था की गई है। सुरंग में ऑटोमेटिक पंपों के साथ-साथ सात भूमिगत संपों(underground sumps) का निर्माण किया गया है। बता दें कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 जून को प्रगति मैदान एकीकृत ट्रांजिट कॉरिडोर प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में शहर की पहली 1.3 किलोमीटर लंबी सुरंग और पांच अंडरपास का उद्घाटन किया था। इसका उद्देश्य शहर के पूर्वी हिस्से और नोएडा और गाजियाबाद के उपग्रह शहरों के साथ मध्य दिल्ली के बीच कनेक्टिविटी को आसान बनाना है। सुरंग पुराना किला रोड पर भारत के राष्ट्रीय खेल परिसर (NSCI) के पास से शुरू होती है और रीडेवलप प्रगति मैदान के नीचे से गुजरती है और प्रगति पावर स्टेशन के पास रिंग रोड पर समाप्त होती है।
IMD के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 62 सालों में मानसून ने जून में दिल्ली को 29 बार और जुलाई में 33 बार कवर किया। आईएमडी ने 2020 में दिल्ली में मानसून के आगमन की तारीख को 29 जून से बढ़ाकर 27 जून कर दिया था।
मौसम विशेषज्ञों ने कहा है कि मानसून के पहले 10 दिनों में दिल्ली में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है। इससे बारिश की कमी को पूरा करने में मदद मिलेगी।
1 जून के बाद से दिल्ली में सामान्य से 67 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जो इसे बड़ी कमी वाले राज्यों की कैटेगरी में डाल देता है।
यह तस्वीर गाजियाबाद रेलवे स्टेशन की है। मानसून की बारिश के बीच यात्रियों का छाते निकालना पड़े। दिल्ली-NCR में आगे भी बारिश का अलर्ट है।
मानसून की बारिश के बीच पानी से भरी सड़क पर खेलते लड़के। दिल्ली क्षेत्र में मानसून की शुरुआत के साथ भारी बारिश हो रही है, जो गर्म और उमस भरे दिनों के बाद राहत लेकर आई है।
मानसून की बारिश के बीच कई सड़क पर पानी भर गया। दिल्ली क्षेत्र में मानसून की शुरुआत के साथ भारी बारिश हो रही है, जो गर्म और उमस भरे दिनों के बाद चिलचिलाती गर्मी से राहत दिला रही है।
गाजियाबाद में मानसून की बारिश के बीच पानी से भरी सड़क पर खेलते लड़के। पहली ही बारिश ने दिल्ली को पानी-पानी कर दिया है।
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नई दिल्ली में मानसून की बारिश के बीच कई व्हीकल्स NH-24 पर भारी ट्रैफिक जाम में फंस गए। उन्हें निकलने में काफी समय लगा।
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