14 अप्रैल को 21 दिन का लॉकडाउन खत्म हो रहा है, क्या ट्रेन और घरेलू उड़ाने शुरू होंगी?

First Published 13, Apr 2020, 6:26 PM

नई दिल्ली. 21 दिन का लॉकडाउन आज खत्म हो रहा है। ऐसे में सबसे जहन में एक ही सवाल है कि क्या लॉकडाउन खत्म होगा? क्या लॉकडाउन खत्म होने के बाद ट्रेन और फ्लाइट्स चलेंगी? ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि लॉकडाउन को दो हफ्तों के लिए बढ़ाया जा सकता है। तो फिर ट्रेन का क्या हाल होगा? इसे जानने से पहले बताते हैं भारत में कोरोना की स्थिति क्या है? भारत में कोरोना की बात करें तो 14 अप्रैल सुबह 10 बजे तक कोरोना के 10,543 केस आ चुके हैं। इसमें 8902 एक्टिव केस हैं और 1193 लोग ठीक हो चुके हैं। हालांकि इस दौरान कोरोना से 358 लोगों की मौत हो चुकी है। महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य हैं। महाराष्ट्र में कोरोना के 2334 केस और 160 मौत हुई है। दिल्ली में 1510 केस और 28 मौत हुई है। वहीं तमिलनाडु में 1173 संक्रमित और 11 की मौत हुई है।    
मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले भी खबरें चल रही हैं कि कुछ कंडीशन के साथ कुछ रूट्स पर ट्रेनें चलाई भी जाती हैं तो उनकी क्या कंडीशन होगी?

मीडिया रिपोर्ट्स में सूत्रों के हवाले भी खबरें चल रही हैं कि कुछ कंडीशन के साथ कुछ रूट्स पर ट्रेनें चलाई भी जाती हैं तो उनकी क्या कंडीशन होगी?

सबसे पहले बताते हैं कि रेल मंत्रालय ने क्या कहा है? दरअसल, रेल मंत्रालय ने इसपर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। रेल मंत्रालय ने साफ कहा कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद यात्रा के लिए अब तक कोई प्रोटोकॉल जारी नहीं किया गया है। इस संबंध में निर्णय लेना अभी बाकी है।  

सबसे पहले बताते हैं कि रेल मंत्रालय ने क्या कहा है? दरअसल, रेल मंत्रालय ने इसपर कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। रेल मंत्रालय ने साफ कहा कि लॉकडाउन खत्म होने के बाद यात्रा के लिए अब तक कोई प्रोटोकॉल जारी नहीं किया गया है। इस संबंध में निर्णय लेना अभी बाकी है।  

<div style="text-align: justify;">ट्रेन सेवाएं शुरू करने के लिए देश के रेल नेटवर्क को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। रेड जोन में वह जगहे होंगी, जहां पर कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। रेड जोन में कोई भी ट्रेन नहीं चलाई जाएगी।येलो जोन में वह क्षेत्र रखे जाएंगे जहां पर कोरोना का खतरा तो है, लेकिन बहुत सीमित है। यहां पर सीमित संख्या में ट्रेने चलाई जा सकती है।तीसरा है ग्रीन जोन। ग्रीन जोन में वह क्षेत्र आएंगे जहां पर कोरोना का खतरा ना के बराबर है। यहां पर ट्रेनें पूरी तरह से शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि अभी तक रेलवे ने सिर्फ यह प्लान तैयार किया है अभी इसपर फैसला होना बाकी है।</div>

ट्रेन सेवाएं शुरू करने के लिए देश के रेल नेटवर्क को रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा जाएगा। रेड जोन में वह जगहे होंगी, जहां पर कोरोना संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। रेड जोन में कोई भी ट्रेन नहीं चलाई जाएगी।येलो जोन में वह क्षेत्र रखे जाएंगे जहां पर कोरोना का खतरा तो है, लेकिन बहुत सीमित है। यहां पर सीमित संख्या में ट्रेने चलाई जा सकती है।तीसरा है ग्रीन जोन। ग्रीन जोन में वह क्षेत्र आएंगे जहां पर कोरोना का खतरा ना के बराबर है। यहां पर ट्रेनें पूरी तरह से शुरू कर दी जाएंगी। हालांकि अभी तक रेलवे ने सिर्फ यह प्लान तैयार किया है अभी इसपर फैसला होना बाकी है।

<div style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेग्युलर सर्विस की बजाय देश की स्पेशल ट्रेनों की ही शुरुआत की जाएगी।जनरल क्लास में नहीं होगी यात्राजिन ट्रेनों को शुरू भी किया जाएगा, उसकी सीटों की बुकिंग सिर्फ रिजर्वेशन के जरिए ही होगी। </div>

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेग्युलर सर्विस की बजाय देश की स्पेशल ट्रेनों की ही शुरुआत की जाएगी।जनरल क्लास में नहीं होगी यात्राजिन ट्रेनों को शुरू भी किया जाएगा, उसकी सीटों की बुकिंग सिर्फ रिजर्वेशन के जरिए ही होगी। 

<div style="text-align: justify;">लॉकडाउन के बाद ट्रेन शुरू होगी तो जनरल क्लास कोच में किसी तरह की यात्रा नहीं होगी। रेलवे ने इसके पीछे वजह बताई कि रिजर्वेशन के जरिए यात्रियों का डिटेल्स आसानी से मिल जाता है।</div>

लॉकडाउन के बाद ट्रेन शुरू होगी तो जनरल क्लास कोच में किसी तरह की यात्रा नहीं होगी। रेलवे ने इसके पीछे वजह बताई कि रिजर्वेशन के जरिए यात्रियों का डिटेल्स आसानी से मिल जाता है।

<div style="text-align: justify;">ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं तो मिडिल बर्थ में बुकिंग नहीं होगी। इसके पीछे वजह है सोसश डिस्टेंसिंग। कोरोना वायरस को रोकने के लिए हालात ठीक होने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना चाहिए।</div>

ट्रेन सेवाएं शुरू की गईं तो मिडिल बर्थ में बुकिंग नहीं होगी। इसके पीछे वजह है सोसश डिस्टेंसिंग। कोरोना वायरस को रोकने के लिए हालात ठीक होने के बाद भी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाना चाहिए।

ट्रेन में यात्रा के दौरान खाना नहीं मिलेगा। यात्रियों को खाना खुद ही लाना होगा। स्टेशन पर यात्रियों की थर्मन स्क्रीनिंग होगी। 

ट्रेन में यात्रा के दौरान खाना नहीं मिलेगा। यात्रियों को खाना खुद ही लाना होगा। स्टेशन पर यात्रियों की थर्मन स्क्रीनिंग होगी। 

<div style="text-align: justify;">यात्रियों को चादर, कंबल नहीं दिए जाएंगे। मुंबई, चेन्नै, सिकंदराबाद समेत कई बड़े शहरों में कोरोना के केसों की संख्या देखकर इनके रेड जोन में शामिल होने की पूरी संभावना लग रही है।</div>

यात्रियों को चादर, कंबल नहीं दिए जाएंगे। मुंबई, चेन्नै, सिकंदराबाद समेत कई बड़े शहरों में कोरोना के केसों की संख्या देखकर इनके रेड जोन में शामिल होने की पूरी संभावना लग रही है।

<div style="text-align: justify;">लॉकडाउन के बाद ट्रेन शुरू की गईं तो स्टेशन पर ट्रेन आने से चार घंटे पहले पहुंचना जरूरी किया जाए। ऐसा इसलिए, क्योंकि यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा सके। </div>

लॉकडाउन के बाद ट्रेन शुरू की गईं तो स्टेशन पर ट्रेन आने से चार घंटे पहले पहुंचना जरूरी किया जाए। ऐसा इसलिए, क्योंकि यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा सके। 

<div style="text-align: justify;">लॉकडाउन के बाद घरेलू उड़ाने शुरू की गईं तो हो सकता है कि उनकी संख्या बहुत ही कम हो। भीड़ भाड़ से बचने के लिए रिपोर्टिंग टाइम 45 मिनट से बढ़ाकर 2 घंटे किया जा सकता है।</div>

लॉकडाउन के बाद घरेलू उड़ाने शुरू की गईं तो हो सकता है कि उनकी संख्या बहुत ही कम हो। भीड़ भाड़ से बचने के लिए रिपोर्टिंग टाइम 45 मिनट से बढ़ाकर 2 घंटे किया जा सकता है।

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