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इस बहादुर बेटी ने अपनी जान पर खेल बचाई 4 मासूमों की जिंदगी, लपटों से घिरी वैन से यूं निकाले बच्चे
संगरूर. पंजाब के संगरूर जिले में शनिवार को हुए वैन हादसे में चार मासूम बच्चों की जान चली गई थी। स्कूल वैन में आग लगने से चार बच्चे मौके पर ही जिंदा जल गए थे। मरने वाले बच्चे की संख्या और भी बढ़ सकती थी। अगर उस वैन में यह अमनदीप कौर नहीं बैठी होती। इस बहादुर बेटी ने अपनी जान पर खेलकर चार छोटे-छोटे बच्चों को बाहर निकालकर उनकी जान बचाई।
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मीडिया से बातचीत करते हुए अमनदीप ने कहा-वैन स्कूल से 300 मीटर की दूर भी नहीं पहुंची थी कि पीछे आ रहे एक ट्रैक्टर चालक ने शोर मचाना शुरू कर दिया। लेकिन शोर की वजह से कुछ सुनाई नहीं दिया। कुछ देर बाद गाड़ी के अंदर से धुआं निकलने लगा तो वैन चालक ने गाड़ी को रोका। लेकिन इतने में आग की लपटें तेज हो चुकी थीं। किसी तरह से मैं बाहर निकली और जोर से चिल्लाना शुरु कर दिया। फिर मेरी बगल वाली सीट पर एक नर्सरी का बच्चा चीख रहा था। सबसे पहले मैंने उसको बाहर निकाला। लेकिन 8 से 10 बच्चे मम्मी-मम्मी चिल्ला रहे थे। मुझे सामने जमीन पड़ा एक औजार दिखाई दिया। जिससे मैंने वैन की एक साइड का कांच तोड़ दिया और फिर बच्चों को उसमें से बाहर निकाल लिया।
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पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने भी अमनदीप की बहादुर देख ट्वीट कर उसकी सराहना की है। वहीं अमनदीप के पिता सतनाम सिंह ने बताया कि मेरी यह बेटी स्कूल जाने के लिए कई बार स्कूटी ले जाने की जिद करती है। लेकिन में उसको ऑटो से स्कूल भेजता हूं। शनिवार के दिन ऑटो वाला नहीं आया तो वो वैन के जरिए स्कूल पहंची थी। मैंने जैसे सुना कि एक वैन में आग लग गई तो मेरी तो सांसे हीं बंद हो गई। लेकिन जब पता चला कि अमनदीप ने चार बच्चो की जान बचाई है तो मैं बहुत खुश हुआ। जिन चार बच्चों की मौत हुई है वह सभी हमारे पड़ोसी है। काश हमारी बेटी उन बच्चों को बचाने में भी कामयाब रहती।
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यह दर्दनाक हादसा शनिवार दोपहर को संगरूर जिले के कस्बा लौंगोवाल में हुआ। जब अचानक एक स्कूल वैन में आग लग गई। यह हादसा उस वक्त हुआ, जब सिमरन पब्लिक स्कूल के बच्चे स्कूल से वापस घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक वैन में आग लग गई थी। जिसमें चंद पलों में देखते ही देखते चार मासूम जिंदा जल गए। मृतकों में तीन लड़कियां और एक लड़का शामिल है।
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हादसे में मरने वाले चार बच्चों का जब आज एक साथ अंतिम संस्कार हुआ तो हजारों लोगों की आंखें नम थीं। मासूमों के माता- पिता उनके शवों से लिपटकर फूट-फूटकर रो रहे थे। बच्चों की अंतिम झलक देखने के लिए पूरा गांव उमड़ा था। चारों की चताएं एक-दूसरे के पास जलाई गईं थीं।
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घटना के बाद पंजाब मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। वहीं सरकार के शिक्षा मंत्री विजय इन्दर सिंगला का कहना है कि स्कूल को अस्थाई मान्यता प्रदान की गई थी जिसे रद्द कर दिया गया है।
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