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इस IAS ने कांग्रेस MLA की गाड़ी रोककर ड्राइवर से कहा-लाइसेंस दिखाओ, अगले ही दिन हो गया ट्रांसफर

First Published Apr 18, 2020, 5:59 PM IST
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चित्तौड़गढ़, राजस्थान. 2016 में 'सिविल सर्विसेज की परीक्षा' में देशभर में 12वीं रैंक लाकर सुर्खियों में आईं IAS तेजस्वी राणा फिर से खबरों में हैं। अपनी तेजतर्रार छवि के लिए जानी जाने वालीं तेजस्वी इस बार अपने ट्रांसफर को लेकर चर्चाओं में हैं। दरअसल, इस ट्रांसफर के पीछे कांग्रेस विधायक राजेंद्र सिंह बिधूड़ी की गाड़ी पर जुर्माना लगाया जाना बताते हैं। बिधूड़ी के ड्राइवर पर ड्राइविंग लाइसेंस नहीं होने पर इस IAS ने जुर्माना ठोंक दिया था। अगले ही दिन उनका ट्रांसफर कर दिया गया। तेजस्वी चित्तौड़गढ़ की उप खंड मजिस्ट्रेट थीं। उन्हें अब चित्तौड़गढ़ से बाहर राज्य स्वास्थ्य आश्वासन प्राधिकरण में संयुक्त निदेशक के पद पर भेज दिया गया है। हालांकि, विधायक ने कहा है कि उन्होंने IAS की कोई शिकायत नहीं की थी।

यह मामला 14 अप्रैल का है। बिधूड़ी बेगूं से विधायक हैं। विधायक ने माना कि तेजस्वी ने उनकी गाड़ी रोककर ड्राइवर को लाइसेंस दिखाने को कहा था। उस समय ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं था। इसके बाद IAS ने उनकी गाड़ी का जुर्माना काट दिया। उसे भर दिया गया था। इस कार्रवाई के दौरान एक डीएसपी भी मौजूद था।

यह मामला 14 अप्रैल का है। बिधूड़ी बेगूं से विधायक हैं। विधायक ने माना कि तेजस्वी ने उनकी गाड़ी रोककर ड्राइवर को लाइसेंस दिखाने को कहा था। उस समय ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं था। इसके बाद IAS ने उनकी गाड़ी का जुर्माना काट दिया। उसे भर दिया गया था। इस कार्रवाई के दौरान एक डीएसपी भी मौजूद था।

हालांकि बिधूड़ी ने साफ कहा कि उन्होंने अधिकारी की कोई शिकायत नहीं की थी। ट्रांसफर होना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। घटना के वक्त विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र जा रहे थे।

हालांकि बिधूड़ी ने साफ कहा कि उन्होंने अधिकारी की कोई शिकायत नहीं की थी। ट्रांसफर होना एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है। घटना के वक्त विधायक अपने निर्वाचन क्षेत्र जा रहे थे।

बता दें कि तेजस्वी कोविड-19 के खिलाफ जारी लड़ाई में जमीनी स्तर पर सक्रिय थीं। विधायक ने माना कि इन्हीं अधिकारियों की वजह से लॉकडाउन अच्छे से लागू हो पाया।

बता दें कि तेजस्वी कोविड-19 के खिलाफ जारी लड़ाई में जमीनी स्तर पर सक्रिय थीं। विधायक ने माना कि इन्हीं अधिकारियों की वजह से लॉकडाउन अच्छे से लागू हो पाया।

तेजस्वी मूलत: हरियाणा के कुरुक्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्होंने 2015 में पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया था। हालांकि उन्हें सफलता दूसरे चांस में मिली थी।

तेजस्वी मूलत: हरियाणा के कुरुक्षेत्र की रहने वाली हैं। उन्होंने 2015 में पहली बार यूपीएससी का एग्जाम दिया था। हालांकि उन्हें सफलता दूसरे चांस में मिली थी।

तेजस्वी के पिता कुलदीप राणा और मां डॉ. सुनीता दोनों प्रोफेसर हैं। इस तबादले पर पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने सिर्फ अपना फर्ज निभाया। वो निडर अधिकारी है। वो अपना काम पूरी ईमानदारी से करती है।
 

तेजस्वी के पिता कुलदीप राणा और मां डॉ. सुनीता दोनों प्रोफेसर हैं। इस तबादले पर पिता ने कहा कि उनकी बेटी ने सिर्फ अपना फर्ज निभाया। वो निडर अधिकारी है। वो अपना काम पूरी ईमानदारी से करती है।
 

तेजस्वी राणा अपनी कार्यशैली के कारण अकसर मीडिया की सुर्खियों में आ जाती हैं।

तेजस्वी राणा अपनी कार्यशैली के कारण अकसर मीडिया की सुर्खियों में आ जाती हैं।

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