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एक परिवार के 8 लोगों की दर्दनाक मौत: भाई-बहन और माता पिता सब मारे गए..सिर्फ 3 साल की बच्ची जिंदा बची

First Published Jan 27, 2021, 11:52 AM IST
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राजगढ़/टोंक (राजस्थान). तेज रफ्तार में चलने के चककर में लोग यह भी भूल जाते हैं कि यही रफ्तार उनपर कहर बनकर टूट सकती है। राजस्थान से ऐसे ही एक दिल दहला देने वाला हादसे की खबर सामने आई है, जहां रफ्तार कहर से ट्रेलर और जीप की भिड़ंत में एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत हो गई। जबकि चार लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। वहीं एक तीन साल की बच्ची सुरक्षित बच गई। बता दें कि मारे गए यह आठ लोग मध्य प्रदेश के रहने वाले थे, जो खाटू श्यामजी के दर्शन करके अपने घर लौट रहे थे, लेकिन पहुंचने से पहले ही यह भीषण एक्सीडेंट हो गया।


दरअसल, यह भीषण एक्सीडेंट मंगलवार रात दो बजे राजस्थान के टोंक जिले के नेशनल हाईवे 52 पर पक्का बंधा इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि जीप सवार लोग तेज रफ्तार में आ रहे थे, इसी दौरान ट्रेलर ने गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि जीप पुलिया से टकराकर बुरी तरह से पिचक गई और उसमें सवार लोग फंस गए।


दरअसल, यह भीषण एक्सीडेंट मंगलवार रात दो बजे राजस्थान के टोंक जिले के नेशनल हाईवे 52 पर पक्का बंधा इलाके में हुआ। बताया जा रहा है कि जीप सवार लोग तेज रफ्तार में आ रहे थे, इसी दौरान ट्रेलर ने गाड़ी को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि जीप पुलिया से टकराकर बुरी तरह से पिचक गई और उसमें सवार लोग फंस गए।


हादसे की सूचना मिलते ही सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन और जेसीबी मंगवाकर घायलों को बाहर निकाला गया। कुछ लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि कुछ की सांसे चल रहीं थीं, जख्मी लोगों की अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन पहुंचने के बाद उनकी भी मौत हो गई। घटना स्थल पर टोंक जिले के  एसपी ओमप्रकाश, एडीएम सुखराम खोखर, डीएसपी चन्द्रसिंह रावत सहित टोंक सर्किल के सभी थानाधिकारी पहुंचे हुए थे।


हादसे की सूचना मिलते ही सदर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन और जेसीबी मंगवाकर घायलों को बाहर निकाला गया। कुछ लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि कुछ की सांसे चल रहीं थीं, जख्मी लोगों की अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन पहुंचने के बाद उनकी भी मौत हो गई। घटना स्थल पर टोंक जिले के  एसपी ओमप्रकाश, एडीएम सुखराम खोखर, डीएसपी चन्द्रसिंह रावत सहित टोंक सर्किल के सभी थानाधिकारी पहुंचे हुए थे।


परिवार के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश जीरापुर के रहने वाले दो चचेरे भाई  ललित और पवन 25 दिन पहले पैदल खाटू श्याम के दर्शन करने पहुंचे थे। इन्हीं भाइयों को लेने के लिए यह परिवार दो गाड़ियों से लेने के लिए आया था। सभी खाटू श्याम के  दर्शन कर रात को साढ़े आठ बजे रवाना हो गए थे। लेकिन देर रात आगे चल रही गाड़ी के साथ हादसा हो गया। हादसे में एक चचेरा भाई पीछे की गाड़ी में होने कारण बच गया, लेकिन पैदल आने वाले दूसरे चचरे भाई और उसके साथ बैठे उसके सगे भाई की भी मौत हो गई। 
 


परिवार के लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले मध्यप्रदेश जीरापुर के रहने वाले दो चचेरे भाई  ललित और पवन 25 दिन पहले पैदल खाटू श्याम के दर्शन करने पहुंचे थे। इन्हीं भाइयों को लेने के लिए यह परिवार दो गाड़ियों से लेने के लिए आया था। सभी खाटू श्याम के  दर्शन कर रात को साढ़े आठ बजे रवाना हो गए थे। लेकिन देर रात आगे चल रही गाड़ी के साथ हादसा हो गया। हादसे में एक चचेरा भाई पीछे की गाड़ी में होने कारण बच गया, लेकिन पैदल आने वाले दूसरे चचरे भाई और उसके साथ बैठे उसके सगे भाई की भी मौत हो गई। 
 


बता दें कि यह हादसा इतना भयानक था कि सड़क पर खून ही खून बह रहा था। इसके अलावा हादसे की शिकार होने वाली कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। गाड़ी में लोग इतने बुरी तरह से फंसे  हुए थे कि उनको निकालने के लिए कार का बोनट काटना पड़ा।


बता दें कि यह हादसा इतना भयानक था कि सड़क पर खून ही खून बह रहा था। इसके अलावा हादसे की शिकार होने वाली कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। गाड़ी में लोग इतने बुरी तरह से फंसे  हुए थे कि उनको निकालने के लिए कार का बोनट काटना पड़ा।


जिन लोगों की इस हादसे में मौत हुई है उनमें दो सगे भाई रामबाबू और श्याम शामिल हैं। वहीं रामबाबू के एकलौते बेटे नयन और श्याम  के बेटे ललित की भई मौत हो गई। रामबाबू और श्याम की चचेरी बहनें ममता और बबली ने भी दम तोड़ दिया। साथ ही ममता के बेटे अक्षत की भी मौत हो गई। बता दे कि इस हादसे में एक 3 साल की बच्ची नन्नू जिंदा बची है, जिसे हादसे में खरोंच तक नहीं आई।


जिन लोगों की इस हादसे में मौत हुई है उनमें दो सगे भाई रामबाबू और श्याम शामिल हैं। वहीं रामबाबू के एकलौते बेटे नयन और श्याम  के बेटे ललित की भई मौत हो गई। रामबाबू और श्याम की चचेरी बहनें ममता और बबली ने भी दम तोड़ दिया। साथ ही ममता के बेटे अक्षत की भी मौत हो गई। बता दे कि इस हादसे में एक 3 साल की बच्ची नन्नू जिंदा बची है, जिसे हादसे में खरोंच तक नहीं आई।


अस्पताल में पहुंचे पुलिस अफसर पीड़ित परिवार के बारे में जानकारी लेते हुए।


अस्पताल में पहुंचे पुलिस अफसर पीड़ित परिवार के बारे में जानकारी लेते हुए।

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