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राजस्थान की जेलों में पगार का पंगाः 4 दिन से भूख हड़ताल पर हैं 5 हजार से ज्यादा जेल स्टाफ, ऐसे कर रहे विरोध
जयपुर (jaipur).राजस्थान की जेलों में करीब 5 हजार जेल कर्मी है। इन जेल कर्मियों के अधीन राजस्थान की करीब 130 जेल हैं। इन जेलों में 22 हजार से ज्यादा बंदी बंद है। पिछले 4 दिन से इन जेलों में तगड़ा बवाल मचा हुआ है। पंगा सैलरी का है। जेल स्टाफ का कहना है कि जब वह लोग पुलिस की तरह काम करते हैं, तो उनकी सैलरी पुलिस की तरह क्यों नहीं है..?

वेतन की विसंगति के चलते राजस्थान में कर्मचारी संगठनों के अधीन चल रहे धरने प्रदर्शन में जेल कर्मियों (jail department police protest ) ने मैस का बहिष्कार कर दिया है और भूखे प्यासे ही काम कर रहे हैं।
इस कारण अब जेल कर्मी बीमार होना शुरू हो गए हैं। पिछले 3 दिन में 150 से ज्यादा जेल कर्मी बीमार हो गए हैं और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया है।
राजस्थान की सबसे बड़ी जेल माने जाने वाली जयपुर सेंट्रल जेल के जेल कार्मिक नरेंद्र कुमार का कहना है कि जेल में आरएसी भी तैनात है। जेल में जो स्टाफ काम करता है उसकी जान हमेशा खतरे में रहती है।
वह खूंखार बंदियों के बीच में रहता है,लेकिन उसके बावजूद भी उनकी सैलरी आरएसी या पुलिस की सैलरी से कम है। दोनों एजेंसियां सरकार की ही है और एक ही तरह का काम करती हैं तो उसके बावजूद भी सरकार एक को कम और एक को ज्यादा आंकती है। यह गलत है।
इस पूरे घटनाक्रम के बारे में राजस्थान के जेल डीजी भूपेंद्र कुमार दक का कहना है कि हम सरकार और जेल कर्मियों के बीच में मध्यस्थता का काम कर रहे हैं। हम नहीं चाहते किसी का भी नुकसान हो।
जेल कर्मियों की जो मांग है वह सरकार तक लगातार पहुंचाई जा रही है । लेकिन फिर भी मैं यही कहूंगा कि विरोध करने का यह तरीका उचित नहीं है ।
उधर राजस्थान के जेल मंत्री टीकाराम जूली ने रविवार श्याम जेल कार्मिकों से बातचीत करने की कोशिश की है। उनका कहना है कि जल्द ही समस्या का हल निकालने की तैयारी कर रही हैं।
लेकिन इस बार जेल कार्मिकों को सब कुछ लिखित में चाहिए। यह समस्या 1999 से चलती आ रही है ,इसका अभी तक भी समाधान नहीं निकल सका है ।इन सालों के दौरान कई सरकारें बदल गई है और कई जेल डीजी भी रिटायर हो गए हैं।
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