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बोरी में बंद नवजात चीख रहा था , रिस रहा था खून और कुत्ते उसे नोंचते हुए घसीट रहे थे

First Published Nov 18, 2020, 9:43 AM IST
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जयपुर, राजस्थान. कोई इंसान इतना निर्दयी कैसे हो सकता है कि वो नवजात को बोरी में बंद करके मरने के लिए कचरे में फेंक दे‌? लेकिन ऐसे हैवान लोग और निष्ठुर मांएं भी होती हैं। तस्वीर में दिखाई दे रहे नवजात को ऐसी ही दर्दनाक मौत नसीब हुई। खून से लथपथ बच्चा बोरी में बंद था। उसे कुत्ते नोंचते हुए घसीट रहे थे। जब बच्चा जोर-जोर से रोने लगा, तब किसी का ध्यान उस ओर गया। बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उसकी जिंदगी बच नहीं सकी। यह शर्मनाक घटना भाईदूज पर हुई। भिंडों का रास्ता के रोहित भारद्वाज ने बताया कि वे अपने चचेरे भाई के साथ कहीं जा रहे थे। तभी उन्हें बच्चे के रोने की आवाज सुनाई पड़ी। बोरी से खून रिस रहा था। उन्होंने कुत्तों को भगाया और लोगों को इकट्ठा किया। जब बोरी खोलकर देखी, तो सबके होश उड़ गए। बच्चे को पहले गणगौरी अस्पताल फिर जेके लोन हॉस्पिटल रैफर किया गया। बच्चे के सिर को कुत्तों ने नोंच खाया था। आगे पढ़ें इसी घटना के बारे में...
 

जेके लोन अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला के मुताबिक रात 9:30 बजे बच्चे को इमरजेंसी में लाया गया था। उसका काफी खून बह चुका था। इसलिए उसे बचाया नहीं जा सका। अब पुलिस बच्चे के परिजनों को तलाश रही है, ताकि उन्हें इसकी सजा दिलाई जा सके। आगे पढ़ें-इसे ही चमत्कार कहते हैं: तीन दिन से झाड़ियों से आ रही थी रोने की आवाज, किसी ने ध्यान नहीं दिया
 

जेके लोन अधीक्षक डॉ. अरविंद शुक्ला के मुताबिक रात 9:30 बजे बच्चे को इमरजेंसी में लाया गया था। उसका काफी खून बह चुका था। इसलिए उसे बचाया नहीं जा सका। अब पुलिस बच्चे के परिजनों को तलाश रही है, ताकि उन्हें इसकी सजा दिलाई जा सके। आगे पढ़ें-इसे ही चमत्कार कहते हैं: तीन दिन से झाड़ियों से आ रही थी रोने की आवाज, किसी ने ध्यान नहीं दिया
 

पानीपत, हरियाणा. यह मामला पिछले महीने समालखा सब डिवीजन के हथवाला गांव में सामने आया था। यहां 6 दिन का नवजात झाड़ियों में पड़ा मिला था। चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चा तीन दिनों से झाड़ियों में पड़ा था। बच्चा प्लास्टिक की बोरी में बंद करके झाड़ियों में फेंका गया था। बोरी के हिलने-डुलने और हाथ नजर आने पर युवक ने बोरी को खोलकर देखा था।  आगे पढ़ें-जब मां को पता चला कि उसकी बेटी बिन ब्याही मां बनने वाली है, तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई

पानीपत, हरियाणा. यह मामला पिछले महीने समालखा सब डिवीजन के हथवाला गांव में सामने आया था। यहां 6 दिन का नवजात झाड़ियों में पड़ा मिला था। चौंकाने वाली बात यह है कि बच्चा तीन दिनों से झाड़ियों में पड़ा था। बच्चा प्लास्टिक की बोरी में बंद करके झाड़ियों में फेंका गया था। बोरी के हिलने-डुलने और हाथ नजर आने पर युवक ने बोरी को खोलकर देखा था।  आगे पढ़ें-जब मां को पता चला कि उसकी बेटी बिन ब्याही मां बनने वाली है, तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई

भोपाल, मध्य प्रदेश. यहां 28 सितंबर की सुबह अयोध्यानगर इलाके में शिवमंदिर परिसर से मिली नवजात के शव का चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। बिन ब्याही बेटी को बदनामी से बचाने उसकी मां ने ही नवजात की बेरहमी से हत्या की थी। एएसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद एल सेक्टर, अयोध्या नगर बस्ती से 55 वर्षीय महिला और 58 वर्षीय उसके पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी दम्पती छह महीने पहले तक अयोध्या नगर जी सेक्टर में किराए से रहते थे। तभी उनकी 19 वर्षीय बेटी के रायसेन निवासी बहादुर यादव से प्रेम संबंध ( love affair) बन गए थे। बहादुर ने जनवरी में उससे संबंध बनाए थे। इससे वो गर्भवती हो गई थी। आगे पढ़ें..  पानी की टंकी में डुबोकर मारा..

भोपाल, मध्य प्रदेश. यहां 28 सितंबर की सुबह अयोध्यानगर इलाके में शिवमंदिर परिसर से मिली नवजात के शव का चौंकाने वाला खुलासा हुआ था। बिन ब्याही बेटी को बदनामी से बचाने उसकी मां ने ही नवजात की बेरहमी से हत्या की थी। एएसपी राजेश सिंह भदौरिया ने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद एल सेक्टर, अयोध्या नगर बस्ती से 55 वर्षीय महिला और 58 वर्षीय उसके पति को गिरफ्तार किया है। आरोपी दम्पती छह महीने पहले तक अयोध्या नगर जी सेक्टर में किराए से रहते थे। तभी उनकी 19 वर्षीय बेटी के रायसेन निवासी बहादुर यादव से प्रेम संबंध ( love affair) बन गए थे। बहादुर ने जनवरी में उससे संबंध बनाए थे। इससे वो गर्भवती हो गई थी। आगे पढ़ें..  पानी की टंकी में डुबोकर मारा..

यह मामला 17 सितंबर को भोपाल के खजूरी थाना इलाके में सामने आया था। 21 साल की सरिता बेटा न होने से परेशान थी। जब घर के सभी लोग खेत पर चले गए, तो उसने अपनी एक महीने की बेटी को पानी की टंकी में डुबोकर मार दिया था। बाद में वो इसे जादू-टोना का चक्कर बताने लगी। आगे पढ़ें प्रेमी को पाने बेटी को मार डाला

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यह मामला भोपाल में 18 सितंबर को सामने आया था। औबेदुल्लागंज की रहने वाली सोनम ने अपनी 9 महीने की बच्ची को भोपाल के बड़े तालाब में फेंक दिया था। 16 सितंबर को जितेंद्र चौरसिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी उसकी पत्नी गायब है। घटना के वक्त जब सोनम को तालाब के किनारे से पकड़ा गया, तो उसने बताया कि वो पति से झगड़े के बाद घर से भाग निकली थी। वो आत्महत्या करना चाहती थी। आगे पढ़ें इसी घटना के बारे में...

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सोनम ने गोताखोरों को गुमराह करने अपने पति का नाम शिवम बताया था। सोनम का मायका रायसेन में है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि सोनम का रायसेन के रहने वाले शिवम सिंह से प्रेम संबंध है। वो दोनों घर से भागकर आए थे। आगे पढ़ें मां के प्यार में मारी गई बच्ची...

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पुलिस की पूछताछ में सोनम टूट गई और उसने कबूला कि वो अपने प्रेमी के संग रहना चाहती थी। बच्ची उसके रास्ते में अड़चन बन सकती थी, इसलिए मार दिया।

पुलिस की पूछताछ में सोनम टूट गई और उसने कबूला कि वो अपने प्रेमी के संग रहना चाहती थी। बच्ची उसके रास्ते में अड़चन बन सकती थी, इसलिए मार दिया।

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