Asianet News Hindi

रूला देने वाली तस्वीरः बीमार पिता को ठेले पर लेकर निकला बेबस बेटा, अस्पताल पहुंचते थम गईं सांसे

First Published Apr 28, 2020, 1:44 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

जयपुर. लॉकडाउन को लगे हुए एक महीना से ज्यादा हो गया। इस दौरान सबसे ज्यादा पीड़ा गरीबों को झेलनी पड़ रही है। उनकी मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। संकट के इस वक्त देश से मार्मिक कहानियां सामने आ रही हैं। ऐसी ही एक तस्वीर राजस्थान से सामने आई है। जहां एक मजबूर बेबस बेटे को देखकर हर कोई भावुक हो गया।

दरअसल, दिल को झकझोर देने वाली यह तस्वीर सोमवार को कोटा शहर से आई। जहां एक बेबस बेटा बीमार पिता को अस्पताल लाने के लिए काफी समय तक एंबुलेंस का इंतजार करता रहा। जब उसको कुछ वाहन नहीं मिला तो वो पिता को ठेले पर लेकर निकल पड़ा। लेकिन, हॉस्पिटल पहुंचते ही बुजुर्ग की मौत हो गई। अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो वह शायद बच सकता था।

दरअसल, दिल को झकझोर देने वाली यह तस्वीर सोमवार को कोटा शहर से आई। जहां एक बेबस बेटा बीमार पिता को अस्पताल लाने के लिए काफी समय तक एंबुलेंस का इंतजार करता रहा। जब उसको कुछ वाहन नहीं मिला तो वो पिता को ठेले पर लेकर निकल पड़ा। लेकिन, हॉस्पिटल पहुंचते ही बुजुर्ग की मौत हो गई। अगर समय पर एंबुलेंस मिल जाती तो वह शायद बच सकता था।

रूला देने वाली तस्वीर..ऐसी ही एक बेबसी की तस्वीर मध्य प्रदेश के सागर से सामने आई है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जहां एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए ठेले पर लेकर निकल पड़ा। इतना ही नहीं, शहर के चौराहे से निकलते समय न तो किसी ने इन्हें रोका, न ही मदद की। वृद्ध के साथ में एक युवती भी थी जो शायद उसकी बेटी है।

रूला देने वाली तस्वीर..ऐसी ही एक बेबसी की तस्वीर मध्य प्रदेश के सागर से सामने आई है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जहां एक बुजुर्ग अपनी बीमार पत्नी का इलाज कराने के लिए ठेले पर लेकर निकल पड़ा। इतना ही नहीं, शहर के चौराहे से निकलते समय न तो किसी ने इन्हें रोका, न ही मदद की। वृद्ध के साथ में एक युवती भी थी जो शायद उसकी बेटी है।

यह तस्वीर गुजरात के दहोद जिले की है, जहां राज्य की बॉर्डर पर मजदूर स्क्रीनिंग कराने के लिए 37 डिग्री तापमान में बच्चे के साथ नंगे पैर लाइन में खड़े हैं।

यह तस्वीर गुजरात के दहोद जिले की है, जहां राज्य की बॉर्डर पर मजदूर स्क्रीनिंग कराने के लिए 37 डिग्री तापमान में बच्चे के साथ नंगे पैर लाइन में खड़े हैं।

कोरोना के संकट में यह तस्वरी राजकोट से सामने आई है। जहां कोरोना पॉजीटिव महिला ने बेटे को जन्म दिया है। संक्रमित होने की वजह से उसने अपने लाडले का चेहरा मोबाइल पर देखा।

कोरोना के संकट में यह तस्वरी राजकोट से सामने आई है। जहां कोरोना पॉजीटिव महिला ने बेटे को जन्म दिया है। संक्रमित होने की वजह से उसने अपने लाडले का चेहरा मोबाइल पर देखा।

कोरोना से निपटने वाली यह तस्वीर मुंबई की है। जहां बीएमसी कर्मचारी बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी में जुटे हैं। महाराष्ट्र के सबसे बड़े जेजे हॉस्पिटल में एक दिन में 2200 टेस्टिंग की तैयारी की जा रही है।

कोरोना से निपटने वाली यह तस्वीर मुंबई की है। जहां बीएमसी कर्मचारी बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर को क्वारैंटाइन सेंटर बनाने की तैयारी में जुटे हैं। महाराष्ट्र के सबसे बड़े जेजे हॉस्पिटल में एक दिन में 2200 टेस्टिंग की तैयारी की जा रही है।

यह तस्वीर जोधपुर की है, जहां तीन दोस्त बैंक पासबुक अपडेट कराने का बहाना बनाकर घूमने निकले थे। लेकिन पुलिस ने उनको पकड़कर धूप में बैठा दिया।

यह तस्वीर जोधपुर की है, जहां तीन दोस्त बैंक पासबुक अपडेट कराने का बहाना बनाकर घूमने निकले थे। लेकिन पुलिस ने उनको पकड़कर धूप में बैठा दिया।

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios