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अलविदा कह गया कमांडो: जिस चीज से ज्यादा लगाव वही दे गया मौत, दोस्त-रिश्तेदार जांबाज को याद कर रो रहे

First Published Jan 9, 2021, 3:19 PM IST
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जोधपुर. करीब 48 घंटे पहले जोधपुर के कायलाना झील में लापता हुए स्पेशल फोर्स के कमांडो अंकित गुप्ता के शव का अभी तक पता नहीं चल पाया है। एयरफोर्स और सेना के 150 जवान  लगातार तीन दिन से खोज अभियान में जुटे हुए हैं। शव की तलाश करने के लिए शनिवार को दिल्ली से स्पेशल टीम को बुलाया गया है। बता दें कि भारतीय सेना 10 पैरा कमांडो अपने नियमित युद्धाभ्यास के दौरान झील के ऊपर अभ्यास कर रहे थे, इसी दौरान यह हादसा हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही उनके परिजन बदहवास हैं। कैप्टन अंकित की नवविवाहित पत्नी कुछ अन्य परिजनों बिलखते हुए कल रात जोधपुर पहुंच गईं हैं। (शव नहीं मिलने से asianetnews कैप्टन की मृत्यु की पुष्टि नहीं करता है)


दरअसल, सेना के स्पेशल फोर्स कमांडोज के साथ कैप्टन अंकित गुप्ता ने शुक्रवार दोपहर झील में हेलीकॉप्टर से छलांग लगाई थी, इसके बाद 3 जवान तो बाहर निकल गए, लेकिन कैप्टन अंकित गुप्ता निकालकर नहीं आए। ऐसे में सेना के अधिकारियों का कहना है कि जवान की मौत तो हो चुकी है, पर शव अभी भी नहीं मिला है। जवान की तलाश के लिए करीब एक दर्जन बोट, हाईली इक्यूपमेंट और गोताखोर कैप्टन की तलाश कर रहे हैं। 


दरअसल, सेना के स्पेशल फोर्स कमांडोज के साथ कैप्टन अंकित गुप्ता ने शुक्रवार दोपहर झील में हेलीकॉप्टर से छलांग लगाई थी, इसके बाद 3 जवान तो बाहर निकल गए, लेकिन कैप्टन अंकित गुप्ता निकालकर नहीं आए। ऐसे में सेना के अधिकारियों का कहना है कि जवान की मौत तो हो चुकी है, पर शव अभी भी नहीं मिला है। जवान की तलाश के लिए करीब एक दर्जन बोट, हाईली इक्यूपमेंट और गोताखोर कैप्टन की तलाश कर रहे हैं। 

 बता दें कि गुरुग्राम के रहने वाले 28 वर्षीय कैप्टन अंकित की शादी 23 नवम्बर को हुई थी। अंकित में सेना के प्रति इतना जज्बा था कि वह शादी होने के कुछ दिन ही वे अपनी ट्रेनिंग पूरी करने जोधपुर आ गए। कमांडों ने अपने एक दोस्त को बताया था कि अब शादी तो हो गई है, लेकिन देश की सेवा पहले है, इसलिए पत्नी के साथ  तो बाद में वक्त बिता लूंगा। लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
 

 बता दें कि गुरुग्राम के रहने वाले 28 वर्षीय कैप्टन अंकित की शादी 23 नवम्बर को हुई थी। अंकित में सेना के प्रति इतना जज्बा था कि वह शादी होने के कुछ दिन ही वे अपनी ट्रेनिंग पूरी करने जोधपुर आ गए। कमांडों ने अपने एक दोस्त को बताया था कि अब शादी तो हो गई है, लेकिन देश की सेवा पहले है, इसलिए पत्नी के साथ  तो बाद में वक्त बिता लूंगा। लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।
 


सोशल मीडिया पर कैप्टन अंकित के दोस्त व रिश्तेदार उन्हें जांबाज बताते हुए नम आंखों से याद कर इमोशनल पोस्ट लिख रहे हैं। रिश्ते में अंकित के भाई दीपक अग्रवाल ने लिखा है- भाई से 10 दिसम्बर को आखिरी बार बात हुई थी। जहां उसने विवाह के बंधन में बंधे अंकित ने दिल खोलकर आने वाली 25 साल की योजनाओं के बारे में बताया था, लेकिन किसे पता था कि यह सपने उसके जल्द ही टूटने वाले हैं। वह हमको इस तरह छोड़कर चला जाएगा सोछा नहीं था। अंकित के जज्बे को सलाम करता हूं, तुम सदा हमारे दिल में रहोगे...।


सोशल मीडिया पर कैप्टन अंकित के दोस्त व रिश्तेदार उन्हें जांबाज बताते हुए नम आंखों से याद कर इमोशनल पोस्ट लिख रहे हैं। रिश्ते में अंकित के भाई दीपक अग्रवाल ने लिखा है- भाई से 10 दिसम्बर को आखिरी बार बात हुई थी। जहां उसने विवाह के बंधन में बंधे अंकित ने दिल खोलकर आने वाली 25 साल की योजनाओं के बारे में बताया था, लेकिन किसे पता था कि यह सपने उसके जल्द ही टूटने वाले हैं। वह हमको इस तरह छोड़कर चला जाएगा सोछा नहीं था। अंकित के जज्बे को सलाम करता हूं, तुम सदा हमारे दिल में रहोगे...।


कमांडों अंकित की परिचित शालिनी सिंह सेंगर ने लिखा-अंकित का इस तरह से छोड़कर जाना बहुत दर्दनाक है, जिसे कोई नहीं भूल सकता है। कल ही तो उसने बात की थी, वह शादी के बाद शुरू हुई नई जिंदगी से बेहद खुश था। लेकिन कुछ दिन में ऐसा होगा यह नहीं सोचा था। हमने एक काबिल ऑफिसर खो दिया। 
 


कमांडों अंकित की परिचित शालिनी सिंह सेंगर ने लिखा-अंकित का इस तरह से छोड़कर जाना बहुत दर्दनाक है, जिसे कोई नहीं भूल सकता है। कल ही तो उसने बात की थी, वह शादी के बाद शुरू हुई नई जिंदगी से बेहद खुश था। लेकिन कुछ दिन में ऐसा होगा यह नहीं सोचा था। हमने एक काबिल ऑफिसर खो दिया। 
 

कैप्टन के दोस्तों और सेना के साथी जवानों का कहना है कि अंकित को पानी से बेहद लगाव था। वह जब भी आसपास कोई नदी देखता तो उसमें तैरने के लिए छलांग लगा देता था। आज यही पानी उसकी मौत की वजह बना। यह कैसा संयोग है कि  जिससे ज्यादा लगाव रखा वही उसे ले गया। (जोधपुर की कायलाना झील)

कैप्टन के दोस्तों और सेना के साथी जवानों का कहना है कि अंकित को पानी से बेहद लगाव था। वह जब भी आसपास कोई नदी देखता तो उसमें तैरने के लिए छलांग लगा देता था। आज यही पानी उसकी मौत की वजह बना। यह कैसा संयोग है कि  जिससे ज्यादा लगाव रखा वही उसे ले गया। (जोधपुर की कायलाना झील)

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