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गुजरात हादसे की आंखों देखी: मेरे साथी मर गए, जहां पैर रखा वहीं लाशें..बस एक चमत्कार हुआ

First Published Jan 19, 2021, 11:27 AM IST
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अहमदाबाद. देश में आए दिन मजदूरों के हादसे वाली खबरें सामने आती रहती हैं। लेकिन गुजरात के सूरत में सोमवार देर रात जो हादसा हुआ, उसे देख हर किसी का दिल दहल गया। जहां कोसांबा इलाके में फुटपाथ पर सो रहे करीब 20 लोगों को डंपर ने कुचल दिया। इनमे इनमें से 15 की मौत हो गई, जबकि पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बता दें कि मारे जाने वाले सभी मृतक और घायल राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के रहने वाले थे।


दरअसल, यह भीषण हादसा सोमवार रात करीब 12 बजे किम-मांडवी रोड पर पालोडगाम के पास हुआ। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो वह भी यह भयानक सीन देखकर शॉक्ड थे। पुलिसकर्मियों ने फुटपाथ सो रहे जिस भी चादर  को उठाया उसके नीचे लाश थी। कोई यह नहीं समझा पा रहा था कि किसका कौन इस हादसे में मारा गया।
 


दरअसल, यह भीषण हादसा सोमवार रात करीब 12 बजे किम-मांडवी रोड पर पालोडगाम के पास हुआ। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया, जानकारी लगते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो वह भी यह भयानक सीन देखकर शॉक्ड थे। पुलिसकर्मियों ने फुटपाथ सो रहे जिस भी चादर  को उठाया उसके नीचे लाश थी। कोई यह नहीं समझा पा रहा था कि किसका कौन इस हादसे में मारा गया।
 


इस दर्दनाक हादसे में एक ऐसा चमत्कार सामने आया जिसे जानकर हर कोई हैरान है। लाशों के बीच एक 6 महीने की बच्ची की बच्ची जान बच गई, वह अपने माता-पिता के बीच सो रही थी। जिनकी हादसे में मौत हो गई। लाशों के ढेर के बीच बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पुलिस ने उसे रेस्क्यू किया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। 
 


इस दर्दनाक हादसे में एक ऐसा चमत्कार सामने आया जिसे जानकर हर कोई हैरान है। लाशों के बीच एक 6 महीने की बच्ची की बच्ची जान बच गई, वह अपने माता-पिता के बीच सो रही थी। जिनकी हादसे में मौत हो गई। लाशों के ढेर के बीच बच्ची के रोने की आवाज सुनकर पुलिस ने उसे रेस्क्यू किया और तुरंत अस्पताल पहुंचाया। 
 


वहीं इस हादसे के चश्मदीद राजू ने बताया कि मैं वहीं थोड़ी दूर हादसे वाली जगह के पास फुटपाथ पर सो रहा था। तभी अचानक आवाज आई तो मेरी नींद खुल गई, जब मैंने देखा तो ट्रक लोगों के ऊपर चढ़ा हुआ था। लोग बुरी तरह से चीख रहे थे, बच्चों की रोने की आवाज आ रही थी। मेरे साथ काम करने वाले मजदूरों के शरीर से खून बह रहा था। किसी तरह मैंने लोगों को उठाया और आसपास के लोगों को बुलाया। मैने इतना भयानक हादसा अपनी जिंदगी में नहीं देखा।


वहीं इस हादसे के चश्मदीद राजू ने बताया कि मैं वहीं थोड़ी दूर हादसे वाली जगह के पास फुटपाथ पर सो रहा था। तभी अचानक आवाज आई तो मेरी नींद खुल गई, जब मैंने देखा तो ट्रक लोगों के ऊपर चढ़ा हुआ था। लोग बुरी तरह से चीख रहे थे, बच्चों की रोने की आवाज आ रही थी। मेरे साथ काम करने वाले मजदूरों के शरीर से खून बह रहा था। किसी तरह मैंने लोगों को उठाया और आसपास के लोगों को बुलाया। मैने इतना भयानक हादसा अपनी जिंदगी में नहीं देखा।


हादसे के चश्मदीद ने राजू ने  कहा कि वह मूल रुप से राजस्थान के बांसवाड़ा जिले का रहने वाला है। सूरत में भाई और भाभी के साथ रहकर मजदूरी करता है। ट्रक ने मेरे भाई-भाभी को भी कुचल दिया। उनके चीखने के अवाज सुनकर मैं भागा, पास जाकर देखा तो उनके सिर से खून बह रहा था, फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है।


हादसे के चश्मदीद ने राजू ने  कहा कि वह मूल रुप से राजस्थान के बांसवाड़ा जिले का रहने वाला है। सूरत में भाई और भाभी के साथ रहकर मजदूरी करता है। ट्रक ने मेरे भाई-भाभी को भी कुचल दिया। उनके चीखने के अवाज सुनकर मैं भागा, पास जाकर देखा तो उनके सिर से खून बह रहा था, फिलहाल दोनों का इलाज चल रहा है।

बताया जाता है कि एक गन्ने से भरा एक ट्रैक्टर दूसरे ट्रक से जा भिड़ा। जहां ट्रक ड्राइवर ने  नियंत्रण खो दिया और सड़क पर सो रहे मजदूरों को कुचलता हुआ चला गया। इसके बाद वहां चीख-पुकार मच गई, लोगों की चीखें सुनकर वहां आसपास के लोग जुट गए।

बताया जाता है कि एक गन्ने से भरा एक ट्रैक्टर दूसरे ट्रक से जा भिड़ा। जहां ट्रक ड्राइवर ने  नियंत्रण खो दिया और सड़क पर सो रहे मजदूरों को कुचलता हुआ चला गया। इसके बाद वहां चीख-पुकार मच गई, लोगों की चीखें सुनकर वहां आसपास के लोग जुट गए।

इस दर्दनाक हादसे में मारे जाने वाले लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  दुख जताया। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए देने की घोषणा की है।

इस दर्दनाक हादसे में मारे जाने वाले लोगों की मौत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  दुख जताया। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए देने की घोषणा की है।


गुजरात के सूरत में मारे गए 5 लोग तो एक ही गांव बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ भगतपुरा गांव के रहने वाले थे।  जो एक ही परिवार के थे, वह काम की तलाश में सूरत गए हुए थे। वहीं गराडखोर गांव के भी तीन लोगों की मौत हुई है जो एक ही परिवार के थे। इसके अलावा बांसवाड़ा जिले के डोलपुरा, माल, भीमपुरा गांव के लोगों की भी हादसे में जान चली गई।
 


गुजरात के सूरत में मारे गए 5 लोग तो एक ही गांव बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ भगतपुरा गांव के रहने वाले थे।  जो एक ही परिवार के थे, वह काम की तलाश में सूरत गए हुए थे। वहीं गराडखोर गांव के भी तीन लोगों की मौत हुई है जो एक ही परिवार के थे। इसके अलावा बांसवाड़ा जिले के डोलपुरा, माल, भीमपुरा गांव के लोगों की भी हादसे में जान चली गई।
 

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