Asianet News Hindi

150 रु. में ढ़ाबे पर काम करने वाले ने बदली किस्मत: खरीदी 1.5 करोड़ की कार..फिर 16 लाख में लिया उसका नंबर

First Published Jun 10, 2021, 1:33 PM IST
  • Facebook
  • Twitter
  • Whatsapp

जयपुर/भोपाल. कहते हैं कुछ कर गुजरने की चाहत और हौसले बुलंद हो तो इंसान के लिए कुछ भी असंभव नही है। एक ना एक दिन कामयाबी झक मारके उसके कदमों में होती है। आज हम आपको ऐसे ही एक शख्स की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसने अपनी किस्मत खुद बनाई और एक साइकिल मैकेनिक से वह करोड़पति बन गया कभी डेढ़ सौ रुपए की नौकरी करने वाले इस युवक ने अपनी मेहनत के दम पर आज 1.5 करोड़ की जगुआर कार खरीद ली है। जिसके लिए उसने हाल ही में 16 लाख रुपए खर्च कर एक स्पेशल वीआईपी नंबर खरीदा है। जानिए पंक्चर बनाने वाले के बेटे ने कैसा बदली अपनी किस्मत...
 

दरअसल, अपने पैरों पर खड़े होकर बुलंदियों को छूने वाले यह कहानी मध्य प्रदेश के रहने वाले राहुल तनेजा की है। 1984 में वे जयपुर शिफ़्ट हो गए और यहीं अपने परिवरा के साथ रहते हैं।  राहुल के पिता कभी पंक्चर बनाने का काम करते थे। 11 साल की उम्र में राहुल ने घर छोड़कर काम करना शुरू कर दिया था। वह एक ढाबे पर 150 रुपए में नौकरी करते थे। इसी नौकरी को करते हुए उन्होंने जयपुर के आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ाई भी की। राहुल अपने दोस्तों की किताब और कॉपी मांगकर पढ़ाई करते थे, जिसकी दम पर 12वीं में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए। 

दरअसल, अपने पैरों पर खड़े होकर बुलंदियों को छूने वाले यह कहानी मध्य प्रदेश के रहने वाले राहुल तनेजा की है। 1984 में वे जयपुर शिफ़्ट हो गए और यहीं अपने परिवरा के साथ रहते हैं।  राहुल के पिता कभी पंक्चर बनाने का काम करते थे। 11 साल की उम्र में राहुल ने घर छोड़कर काम करना शुरू कर दिया था। वह एक ढाबे पर 150 रुपए में नौकरी करते थे। इसी नौकरी को करते हुए उन्होंने जयपुर के आदर्श विद्या मंदिर में पढ़ाई भी की। राहुल अपने दोस्तों की किताब और कॉपी मांगकर पढ़ाई करते थे, जिसकी दम पर 12वीं में 92 प्रतिशत अंक हासिल किए। 

राहुल ने करीब दो साल तक  ढाबे पर नौकरी की, इसके बाद दीवाली पर पटाखे और होली पर रंग तक बेचने का काम किया। एक अखबार से बातचीत के दौरान राहुल ने बताया था कि उसने अपने परिवार की हालत के चलते अखबार भी बांटे और ऑटो तक चलाया। क्योंकि में अपने पिता की मदद करना चाहता था। लेकिन मैंने कभी भी अपनी किस्मत कोसने की बजाए मेहनत पर यकीन किया।

राहुल ने करीब दो साल तक  ढाबे पर नौकरी की, इसके बाद दीवाली पर पटाखे और होली पर रंग तक बेचने का काम किया। एक अखबार से बातचीत के दौरान राहुल ने बताया था कि उसने अपने परिवार की हालत के चलते अखबार भी बांटे और ऑटो तक चलाया। क्योंकि में अपने पिता की मदद करना चाहता था। लेकिन मैंने कभी भी अपनी किस्मत कोसने की बजाए मेहनत पर यकीन किया।

आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के बाद भी राहुल अपनी फिटनेस पर भी पूरा ध्यान देते थे। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान दोस्तों ने राहुल को मॉडलिंग करने की सलाह दी। इसके बाद राहुल ने मॉडलिंग शुरू कर दी और इसी दौरान जयपुर में आयोजित हुए एक फैशन शो में भाग ले लिया। अपनी मेहनत की दम पर वह 1998 में जयपुर क्लब द्वारा इस फैशन शो में नंबर वन विनर बने। इसके बाद राहुल को कई विज्ञापन मिलने लगे और वह राज्य से बाहर जाकर फैशन शो में  भाग लेने लगे।

आर्थिक हालत ठीक नहीं होने के बाद भी राहुल अपनी फिटनेस पर भी पूरा ध्यान देते थे। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान दोस्तों ने राहुल को मॉडलिंग करने की सलाह दी। इसके बाद राहुल ने मॉडलिंग शुरू कर दी और इसी दौरान जयपुर में आयोजित हुए एक फैशन शो में भाग ले लिया। अपनी मेहनत की दम पर वह 1998 में जयपुर क्लब द्वारा इस फैशन शो में नंबर वन विनर बने। इसके बाद राहुल को कई विज्ञापन मिलने लगे और वह राज्य से बाहर जाकर फैशन शो में  भाग लेने लगे।

एक साल बाद ही साल 1999 में राहुल ने फैशन शो भाग लेने की बजाए शो ऑर्गनाइजिंग के बारे में सोचा और फैसला किया कि अब वो बैक स्टेज पर काम करेंगे। यानि राहुल ने शोज का पूरा इवेंट ऑर्गनाइज करना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी खोल ली। इस तरह वह अपनी मेहनत की दम पर बढ़ते चले गए और कामयाबी हासिल करते रहे।

एक साल बाद ही साल 1999 में राहुल ने फैशन शो भाग लेने की बजाए शो ऑर्गनाइजिंग के बारे में सोचा और फैसला किया कि अब वो बैक स्टेज पर काम करेंगे। यानि राहुल ने शोज का पूरा इवेंट ऑर्गनाइज करना शुरू कर दिया। कुछ ही दिनों में एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी खोल ली। इस तरह वह अपनी मेहनत की दम पर बढ़ते चले गए और कामयाबी हासिल करते रहे।

बता दें कि राहुल ने इसी साल 25 मार्च को 1.50 करोड़ की जैगुआर XJ L खरीदी है। जिसके लिए वह अपनी लग्जरी कार पर  वीआईपी नंबर प्लेट चाहते थे। उन्होंने बॉस. 0001 चाहिए था। लेकिन उनके सामने मुश्किल ये थी कि ये नंबर आखिर कैसे मिलेगा। आखिरकार उन्होंने इसके लिए 16 लाख रुपए खर्च किए और ये वीआईपी नंबर हासिल कर लिया। यह खास नंबर RJ 45 CG 0001 है।
 

बता दें कि राहुल ने इसी साल 25 मार्च को 1.50 करोड़ की जैगुआर XJ L खरीदी है। जिसके लिए वह अपनी लग्जरी कार पर  वीआईपी नंबर प्लेट चाहते थे। उन्होंने बॉस. 0001 चाहिए था। लेकिन उनके सामने मुश्किल ये थी कि ये नंबर आखिर कैसे मिलेगा। आखिरकार उन्होंने इसके लिए 16 लाख रुपए खर्च किए और ये वीआईपी नंबर हासिल कर लिया। यह खास नंबर RJ 45 CG 0001 है।
 

Follow Us:
Download App:
  • android
  • ios