शादी का सेहरा बंधने से पहले ही उठीं 2 भाइयों की अर्थी, शहनाई वाले घर में गूंजने लगीं मौत की चीखें

First Published 27, May 2020, 7:46 PM


हिंडौन सिटी/करौली. राजस्थान में एक परिवार पर दुखो का पहाड़ ऐसा टूटा जिसकी उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। वह अपने बेटों की शादी की तैयारी कर रहे थे, जो लॉकडाउन खुलने के बाद होनी थी। जिस घर से दोनों चचेरे भाइयों की बारत निकलनी थी, लेकिन जब उनकी एक साथ अर्थी निकली तो पूरे गांव में मातम पस गया। दरअसल, दोनों भाई अपने एक दोस्त के साथ नदी में नहाने के लिए गए थे, जहां नहाते वक्त तीनों की डूबने मौत हो गई।
 

<p>यह दर्दनाक हादसा करौली जिले के गांव अलीपुरा में मंगलवार शाम को हुआ। जहां केशव बालकेश उर्फं बालकृष्ण और श्यामसिंह घर पर बिना बताए एनीकट में नहाने गए थे। जब रात तक वह नहीं लौटे तो उनकी तलाश की गई। करीब 14 घंटे बाद उनके शव गोताखोरों ने निकाले। बुधवार को जब तीनों की एक साथ अर्थी निकली तो हर कोई रो रहा था। लोग यही बोल रहे थे कि देखो तो सेहरा बंधने से पहले ही दोनों चचेरे भाईयों की अर्थी उठ गई। <br />
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यह दर्दनाक हादसा करौली जिले के गांव अलीपुरा में मंगलवार शाम को हुआ। जहां केशव बालकेश उर्फं बालकृष्ण और श्यामसिंह घर पर बिना बताए एनीकट में नहाने गए थे। जब रात तक वह नहीं लौटे तो उनकी तलाश की गई। करीब 14 घंटे बाद उनके शव गोताखोरों ने निकाले। बुधवार को जब तीनों की एक साथ अर्थी निकली तो हर कोई रो रहा था। लोग यही बोल रहे थे कि देखो तो सेहरा बंधने से पहले ही दोनों चचेरे भाईयों की अर्थी उठ गई। 
 

<p>बता दें कि तीनो के घरवाले उनको तलाशते हुए नदी के पास जा पहुंचे, जहां उनके कपड़े और उनकी बाइक किनारे पर खड़ी मिली। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब वह दिखाई नहीं दिए तो गोताखोरों को बुलाकर उनकी तलाशी की गई। जहां उनके पानी में से शव मिले।</p>

बता दें कि तीनो के घरवाले उनको तलाशते हुए नदी के पास जा पहुंचे, जहां उनके कपड़े और उनकी बाइक किनारे पर खड़ी मिली। काफी देर तक इंतजार करने के बाद जब वह दिखाई नहीं दिए तो गोताखोरों को बुलाकर उनकी तलाशी की गई। जहां उनके पानी में से शव मिले।

<p> मृतकों में केशव और बालकेश चचेरे भाई थे, जिनकी सगाई हो गई थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण शादी नहीं हुई थी। जबकि तीसरा श्यामसिंह की शादी हो चुकी थी और उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती भी थी।</p>

 मृतकों में केशव और बालकेश चचेरे भाई थे, जिनकी सगाई हो गई थी, लेकिन लॉकडाउन के कारण शादी नहीं हुई थी। जबकि तीसरा श्यामसिंह की शादी हो चुकी थी और उसकी पत्नी 7 माह की गर्भवती भी थी।

<p>जब तीनों की एक साथ अर्थी निकाली गई और साथ ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। जवान बेटों की दर्दनाक मौत से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।</p>

जब तीनों की एक साथ अर्थी निकाली गई और साथ ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। जवान बेटों की दर्दनाक मौत से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

<p>तीनों बाइक से नहाने के लिए अलीपुरा से करीब पांच किमी दूर भोपुर की गंभीर नदी के एनीकट पर गए थे। कुछ दिन पहले ही पांचना बांध से इस नदी में पानी छोड़ा गया था, जिसकी वजह से वहां अधिक पानी था। जिसमें तीनों की डूबने से मौत हो गई।</p>

तीनों बाइक से नहाने के लिए अलीपुरा से करीब पांच किमी दूर भोपुर की गंभीर नदी के एनीकट पर गए थे। कुछ दिन पहले ही पांचना बांध से इस नदी में पानी छोड़ा गया था, जिसकी वजह से वहां अधिक पानी था। जिसमें तीनों की डूबने से मौत हो गई।

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