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कुंडली मिलाने की जगह करवाएं दूल्हा-दुल्हन के 4 Medical Test, शादीशुदा जिंदगी में नहीं आएगी कोई परेशानी

First Published Mar 8, 2021, 3:26 PM IST
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रिलेशनशिप डेस्क: भारत में शादी का मौसम जल्दी आने वाला है। अभी जहां कुछ जगहों पर शहनाइयां बज रही हैं, वहीं अप्रैल में लगन चढ़ जाएगा। इसके बाद शादियों का सीजन शुरू हो जाएगा। शादी को लेकर भारत में लोग काफी तैयारियां करते हैं। लेकिन कोई भी सबसे जरुरी चीज की तरफ ध्यान नहीं देता। ये है दूल्हा और दुल्हन के मेडिकल टेस्ट। जी हां, शादी से पहले हर लड़के और लड़की को अपने कुछ जरूरी टेस्ट करवाने चाहिए। इससे आगे उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।  

भारत में लोग शादी से पहले कुंडली मिलवाते हैं। लेकिन जो चीज सबसे   ज्यादा जरुरी है, लोग उसे ही इग्नोर कर देते हैं। कुंडली से ज्यादा  जरुरी है लड़के और लड़की की हेल्थ। अगर दोनों स्वस्थ होंगे तो शादीशुदा जिंदगी में कोई अड़चन नहीं आएगी। 

भारत में लोग शादी से पहले कुंडली मिलवाते हैं। लेकिन जो चीज सबसे   ज्यादा जरुरी है, लोग उसे ही इग्नोर कर देते हैं। कुंडली से ज्यादा  जरुरी है लड़के और लड़की की हेल्थ। अगर दोनों स्वस्थ होंगे तो शादीशुदा जिंदगी में कोई अड़चन नहीं आएगी। 

आज हम आपको चार ऐसे मेडिकल टेस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे शादी से पहले हर लड़के और लड़की को करवाना ही चाहिए। इससे आगे चलकर शादी में आने वाली कई परशानियों से आप बच जाएंगे। 

आज हम आपको चार ऐसे मेडिकल टेस्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे शादी से पहले हर लड़के और लड़की को करवाना ही चाहिए। इससे आगे चलकर शादी में आने वाली कई परशानियों से आप बच जाएंगे। 

इनमें से पहला टेस्ट है Infertility test, जिसमें लड़के और लड़की के प्रजनन अंगों और स्पर्म काउंट की जाँच की जाती है। अगर ये टेस्ट करवा लिया जाए तो आगे बेबी प्लानिंग में किसी तरह की समस्या से बचा जा सकता है।  

इनमें से पहला टेस्ट है Infertility test, जिसमें लड़के और लड़की के प्रजनन अंगों और स्पर्म काउंट की जाँच की जाती है। अगर ये टेस्ट करवा लिया जाए तो आगे बेबी प्लानिंग में किसी तरह की समस्या से बचा जा सकता है।  

Infertility test के बाद आता है Blood group compatibility test, जिसमें आपके और आपके पार्टनर के आरएच फैक्टर का पता लगाया जाता है। बेबी के लिए लड़के और लड़की दोनों का आरएच फैक्टर सेम होना चाहिए। अगर ब्लड ग्रुप कंपेटिबल नहीं हो तो बच्चे में परेशानी होने लगती है। 

Infertility test के बाद आता है Blood group compatibility test, जिसमें आपके और आपके पार्टनर के आरएच फैक्टर का पता लगाया जाता है। बेबी के लिए लड़के और लड़की दोनों का आरएच फैक्टर सेम होना चाहिए। अगर ब्लड ग्रुप कंपेटिबल नहीं हो तो बच्चे में परेशानी होने लगती है। 

शादी से पहले Genetically transmitted conditions test भी करवाना चाहिए। जेनेटिक ऐसी चीज है जो एक पीढ़ी से दूसरी में ट्रांसफर होता है। ऐसे में इस टेस्ट के जरिये पता किया जाता है कि कहीं कोई ऐसी बीमारी तो दोनों में मौजूद नहीं है जो एक पीढ़ी से दूसरे में ट्रांसफर हो सकती है। 

शादी से पहले Genetically transmitted conditions test भी करवाना चाहिए। जेनेटिक ऐसी चीज है जो एक पीढ़ी से दूसरी में ट्रांसफर होता है। ऐसे में इस टेस्ट के जरिये पता किया जाता है कि कहीं कोई ऐसी बीमारी तो दोनों में मौजूद नहीं है जो एक पीढ़ी से दूसरे में ट्रांसफर हो सकती है। 

शादी से पहले एसटीडी टेस्ट भी करवाना जरुरी है। अगर लड़के और लड़की में से किसी को एसटीडी है तो जाँच में पता चल जाएगा। अगर शादी के बाद संबंध बनाने की वजह से एसटीडी का पता चले तो ये लड़का और लड़की दोनों के लिए घातक होता है। 

शादी से पहले एसटीडी टेस्ट भी करवाना जरुरी है। अगर लड़के और लड़की में से किसी को एसटीडी है तो जाँच में पता चल जाएगा। अगर शादी के बाद संबंध बनाने की वजह से एसटीडी का पता चले तो ये लड़का और लड़की दोनों के लिए घातक होता है। 

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